पंजाब के अमृतसर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अपराधियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में वांछित आरोपी करणबीर सिंह करण को मार गिराया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इस दौरान पुलिस दल पर की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना की पृष्ठभूमि और पिछला मामला
करणबीर सिंह करण का नाम मुख्य रूप से 11 सितंबर की एक घटना के बाद सुर्खियों में आया था। उस दिन अजनाला-अमृतसर मुख्य मार्ग पर स्थित भल्ला गांव के पास ड्यूटी पर तैनात एएसआई जसवंत सिंह पर गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले के बाद से ही पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। हालांकि कुछ दिन पहले वह पुलिस हिरासत से फरार होने में कामयाब हो गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी।
मुठभेड़ और पुलिस कार्रवाई का विवरण
हालिया खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी तेज की और आरोपी को दबोचने के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस के साथ आमने-सामने की इस झड़प के दौरान करणबीर ने सुरक्षा बलों पर गोलियां बरसा दीं। इसके जवाब में पुलिस की ओर से भी त्वरित कार्रवाई की गई जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की खबर सामने आई है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक घायल जवान की वर्तमान स्थिति और चली गई कुल गोलियों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक आंकड़े साझा नहीं किए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी
इस सनसनीखेज मुठभेड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए कई आला अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। डीआईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस पूरे घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इसके साथ ही एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल भी मौके पर पहुंचे और हालात का मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों और इस मुठभेड़ की कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे और भी खुलासे किए जा सकते हैं।



















