असम के शिवसागर जिले में बुधवार तड़के एक सनसनीखेज घटनाक्रम में 34 वर्षीय घनकांता गोगोई पुलिस की गोलीबारी में मारा गया। यह वही शख्स था जिसने गुवाहाटी के एक होटल परिसर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की जान ले ली थी। हिरासत से भागने के प्रयास में हुई इस मुठभेड़ के बाद पीड़ित परिवार ने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं और कहा है कि ईश्वर ने आखिरकार उनके साथ इंसाफ किया है।
हिरासत से फरार होने की कोशिश और शिवसागर में कार्रवाई
गुवाहाटी होटल गोलीकांड की जांच के सिलसिले में अदालत ने गोगोई को सात दिनों की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। हालांकि, जेल जाने के कुछ ही घंटों बाद मंगलवार को शिवसागर जिले की पुलिस टीम ने वर्ष 2024 के एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में उसकी विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की।
पुलिस अधिकारी गोगोई को बैंक धोखाधड़ी मामले में आगे की तफ्तीश के लिए शिवसागर ले जा रहे थे। रास्ते में बुधवार की अलसुबह गोगोई ने पुलिस घेरे को तोड़कर हिरासत से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई गोलीबारी में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी जान चली गई।
26 अक्टूबर का वह खूनी मंजर जिसने गुवाहाटी को दहला दिया
घनकांता गोगोई ने गुवाहाटी में स्थित एक होटल को लीज पर ले रखा था। इसी संपत्ति को लेकर 26 अक्टूबर को विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गोगोई ने होटल परिसर के भीतर छह लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। इस भीषण हमले में पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जिनमें होटल मालिक परिवार की दो पीढ़ियों के सदस्य शामिल थे।
इस दर्दनाक गोलीबारी में जान गंवाने वालों में 65 वर्षीय भूदेव भराली, उनकी 58 साल की बहन हेलेना, हेलेना के 39 वर्षीय बेटे देबर्षि कश्यप, 30 वर्षीय बहू रिनिका कश्यप और भराली परिवार के 48 साल के कर्मचारी नारायण दास शामिल थे। इसके अतिरिक्त, परिवार के 43 वर्षीय चालक सत्येंद्र पाठक गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई थी और गोगोई को एक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
पीड़ित परिजनों का छलका दर्द, भगवान के न्याय पर जताया भरोसा
गोगोई के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर जैसे ही पीड़ितों के घर पहुंची, कई दिनों से खौफ और मातम में डूबे परिजनों ने गहरी राहत महसूस की। परिवार के सदस्यों को लगातार यह डर सता रहा था कि अगर आरोपी कभी जमानत पर छूट गया या बच निकला, तो वह बचे हुए परिजनों को भी अपना निशाना बना सकता है।
मृतक भूदेव भराली और हेलेना की बुजुर्ग मां ने अपने आवास पर कहा कि उनका विश्वास भगवान पर पूरी तरह अडिग था। उन्होंने कहा,
अब उनकी आत्माओं को शांति मिलेगी।उन्होंने आगे जोड़ा कि परिवार के नाते उन्हें भी कुछ मानसिक सुकून हासिल हुआ है और इस इंसाफ के लिए वे ईश्वर के प्रति कृतज्ञ हैं।
वहीं, भूदेव भराली की बेटी ने इस बेहद कठिन दौर में साथ खड़े रहे असम के आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने साझा किया कि परिवार के चार सदस्यों और एक कर्मचारी को खोने की असहनीय पीड़ा अपनी जगह बनी रहेगी, लेकिन आरोपी के इस अंजाम से उन्हें दिल में थोड़ी शांति जरूर मिली है। उन्होंने दोहराया कि ईश्वर ने उनकी पुकार सुनकर न्याय किया है।



















