राजधानी जयपुर के सबसे सुरक्षित और अतिविशिष्ट इलाकों में शुमार सिविल लाइन्स की सुरक्षा व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के आवास पर बड़ी चोरी की वारदात सामने आई। बारां जिले की छबड़ा विधानसभा सीट से लगातार सात बार के भारतीय जनता पार्टी विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के निजी बंगले को अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया। इस घटना के दौरान चोरों ने घर के भीतर रखी नकदी, कीमती सोने-चांदी के गहने और एक लैपटॉप पर हाथ साफ कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
राजभवन के पास और पूर्व उप-मुख्यमंत्री के आवास के सामने हुई वारदात
यह चोरी इसलिए भी बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाने वाली है क्योंकि विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का यह निजी बंगला सिविल लाइन्स के हरी मार्ग पर ठीक राजभवन के बगल में स्थित है। इसके अलावा, इस बंगले के बिल्कुल सामने पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट का सरकारी आवास भी बना हुआ है। जयपुर के इस हिस्से को शहर का सबसे कड़ा सुरक्षा घेरा या हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है, जहां चौबीस घंटे पुलिस का सख्त पहरा रहता है और सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में बेखौफ चोरों का इस तरह से अंदर घुसकर चोरी करना पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलता है।
पुलिस कमिश्नर को दी गई सूचना, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने तुरंत जयपुर पुलिस कमिश्नर को फोन करके इस वारदात से अवगत कराया। विधायक की सूचना पर हरकत में आए उच्चाधिकारियों के निर्देश के तुरंत बाद सिविल लाइन्स थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके साथ ही पुलिस की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया और वहां से उंगलियों के निशान तथा अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस फिलहाल इस अहम बिंदु पर जांच कर रही है कि शातिर चोर बंगले के अंदर किस रास्ते से दाखिल हुए थे और जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया गया, उस वक्त परिसर के भीतर कौन-कौन लोग मौजूद थे।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, संदिग्धों से पूछताछ जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास की सड़कों, चौराहों और पड़ोसी बंगलों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी हुई है। इसके साथ ही, वीआईपी इलाके में काम करने वाले घरेलू सहायकों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना के सामने आने के बाद से जयपुर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।



















