अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने भारत के सबसे बड़े और वांछित अपराधियों में शुमार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को गिरफ्तार कर लिया है। देश के सुरक्षा तंत्र के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने इस अपराधी की गिरफ्तारी से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी राहत मिली है। आपराधिक दुनिया में 'छोटा डॉन' के नाम से मशहूर हिमांशु भाऊ की गतिविधियां मुख्य रूप से दिल्ली और हरियाणा के इलाकों में सक्रिय थीं। अब अमेरिका में पकड़े जाने के बाद उसे भारत लाने के पुख्ता कानूनी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
बाल सुधार गृह से शुरुआत और अपराध की दुनिया में तेजी से कदम
हिमांशु भाऊ का अपराध जगत से नाता बहुत कम उम्र में ही जुड़ गया था।शोभा और रुतबे की चाहत में वह महज 17 साल की उम्र में संगठित अपराध की दुनिया में पूरी तरह उतर गया था, जबकि बचपन के दिनों में ही वह बाल सुधार गृह भेजा जा चुका था। जुर्म करने और फिर पुलिस की पकड़ से आसानी से बच निकलने की उसकी कला ने उसे कम उम्र में ही अपराधियों की शीर्ष सूची में ला खड़ा किया। उस पर दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।
गैंगवार और हाई-प्रोफाइल वारदातों से चर्चा में आया
इस कुख्यात गैंगस्टर की दुश्मनी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के गिरोह से जगजाहिर है। वह इसके विपरीत नीरज बवाना और बमबिहा गैंग के साथ मिलकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला हिमांशु अपने पैतृक क्षेत्र में हिमांशु रिटोली के नाम से भी जाना जाता था। साल 2022 के दौरान हरियाणा में महज 24 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देने के बाद उसने खुले तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा, एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग जैसी हाई-प्रोफाइल घटनाओं में भी उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था।
फरार होने के बाद विदेश से संचालित कर रहा था सिंडिकेट
गिरफ्तारी से बचने के हथकंडे अपनाते हुए हिमांशु एक बार बाल सुधार गृह से करीब 20 अन्य लड़कों के साथ फरार होने में कामयाब रहा था। उस पर अकेले हरियाणा राज्य में ही लगभग 50 मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा के अलावा वह दिल्ली और अन्य राज्यों में भी वारदातों को अंजाम देता रहा है। बर्गर किंग रेस्टोरेंट के अंदर हुई सनसनीखेज हत्या और कई जिम मालिकों को निशाना बनाकर उन पर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के मामलों में भी उसकी संलिप्तता उजागर हुई थी। भारत से फरार होने के बाद वह पहले पुर्तगाल भागा था और वहां से अमेरिका पहुंचकर अपना आपराधिक साम्राज्य संचालित कर रहा था। उसकी इन्हीं गतिविधियों को देखते हुए साल 2023 में इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और लुकआउट सर्कुलर भी निकाला गया था।





















