देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के द्वारका क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात एक 30 वर्षीय महिला अधिकारी ने अपने ही किराए के फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस मामले के सामने आने के बाद मृतका के परिजनों ने उनके पति और अन्य ससुराल वालों पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भर्थल गांव के एक फ्लैट में मिला शव
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान नाजिया खानम के रूप में हुई है, जो रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनका शव बीते 21 अगस्त की सुबह द्वारका के भर्थल गांव स्थित एक किराए के मकान के भीतर पंखे से झूलता हुआ बरामद किया गया था। इस अप्रत्याशित घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया।
सुबह-सुबह मिली थी पुलिस को सूचना
इस पूरे मामले की शुरुआत बीते 21 अगस्त को तड़के 4.21 बजे हुई, जब सेक्टर-23 पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल के जरिए इस दुखद घटना की जानकारी दी गई। कॉल मिलते ही पुलिस दल फौरन मौके पर पहुंचा। इसके बाद, नियमानुसार संबंधित एसडीएम को भी इस घटना से अवगत कराया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखवा दिया गया ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
शुरुआती बयानों और बाद की शिकायतों में अंतर
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि घटना के अगले यानी 21 अगस्त को नाजिया खानम के परिजन कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुए थे और उन्होंने अपने लिखित बयान दर्ज कराए थे। हैरानी की बात यह रही कि अपने उन शुरुआती बयानों में परिवार ने अपनी बेटी के ससुराल पक्ष के खिलाफ किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया था। हालांकि, इसके अगले दिन यानी 22 अगस्त को स्थिति पूरी तरह बदल गई जब मृतका के माता-पिता दोबारा एसडीएम के सामने उपस्थित हुए और उन्होंने नए सिरे से अपने बयान दर्ज कराते हुए एक औपचारिक शिकायत सौंपी।
पति और ससुरालियों पर लगे गंभीर आरोप
माता-पिता की तरफ से दी गई इसी नई शिकायत को आधार बनाते हुए दिल्ली पुलिस ने बीते 22 अगस्त को सेक्टर-23 द्वारका पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि नाजिया खानम को उनके पति मोहम्मद आजम अली खान, उनकी सास समीमुन निशा और ससुर बाबर अली खान की ओर से लगातार गंभीर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।
तीन महीने की गर्भवती थीं नाजिया खानम
परिवार की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि ससुराल के लोग नाजिया खानम के साथ लगातार बुरा बर्ताव करते थे, उनके साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें तरह-तरह की धमकियां दी जाती थीं। इसके अलावा, शिकायत में एक बेहद संवेदनशील बात यह भी सामने आई है कि नाजिया खानम करीब तीन महीने की गर्भवती थीं और उन्होंने अपनी इस गर्भावस्था के दौरान हो रही प्रताड़ना का जिक्र फोन पर अपने मायके वालों से भी किया था।
पति ने पुलिस को बताई घटना से पहले की बात
दूसरी ओर, पुलिस पूछताछ के दौरान मृतका के पति मोहम्मद आजम अली खान ने जांचकर्ताओं को बताया कि यह खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। आजम के बयानों के मुताबिक, उस तीखी नोंकझोंक के दौरान नाजिया खानम ने कथित रूप से उसे एक कमरे के भीतर बंद कर दिया था और खुद दूसरे कमरे में चली गई थीं। इसके बाद मोहम्मद आजम अली खान ने किसी तरह मकान मालिक को इस बात की सूचना दी, जिसने मौके पर आकर उसे उस कमरे से बाहर निकालने में मदद की।
पुलिस की विस्तृत जांच जारी
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मकान मालिक की मदद से बाहर आने के बाद जब देखा गया तो नाजिया खानम का शव पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस अब इस पूरे मामले के हर एक पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस दुखद घटना के पीछे की असली वजह क्या थी और किन परिस्थितियों में इस घटना को अंजाम दिया गया।



















