हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की उपासना और आराधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पूरे महीने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी आस्था के चलते उपवास रखते हैं। व्रत की इस अवधि में शरीर की ऊर्जा का स्तर बनाए रखना और सही पोषण लेना बहुत आवश्यक होता है। ऐसे में घर की रसोई में तैयार की जाने वाली मखाना खीर एक आदर्श और सेहतमंद विकल्प साबित हो सकती है। यह व्यंजन न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर रहता है। सबसे खास बात यह है कि इसे बिना किसी रिफाइंड चीनी के भी बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। कोडरमा की रहने वाली कविता कुमारी ने व्रत के दिनों में शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करने वाली इस स्पेशल मखाना खीर को बनाने की बहुत ही सरल विधि के बारे में बताया है।
आवश्यक सामग्री और प्राकृतिक मिठास का राज
इस खास खीर को तैयार करने के लिए बहुत जटिल चीजों की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से मखाना, दूध, खजूर, बादाम, किशमिश और केसर की जरूरत होती है। इसमें किसी भी प्रकार की चीनी या अन्य स्वीटनर डालने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस रेसिपी में खजूर का इस्तेमाल किया जाता है जो खीर को प्राकृतिक मिठास देता है। खजूर के कारण न केवल मिठास आती है बल्कि इससे इस पारंपरिक व्यंजन का स्वाद भी कई गुना बढ़ जाता है। सावन के दिनों में व्रत रखने वाले लोग इसे बिना किसी झंझट के अपने घर पर ही तैयार कर सकते हैं, क्योंकि इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्रियों की जरूरत नहीं होती है और यह कम समय में बनकर तैयार हो जाती है।
मखाने को भूनने और पीसने की प्रक्रिया
कविता कुमारी ने इस रेसिपी के चरणों को समझाते हुए बताया कि सबसे पहले आवश्यकता के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाले मखाने लें। इसके बाद एक फ्राइंग पैन में थोड़ा सा शुद्ध घी गर्म करें। अब इस पैन में मखाने डालकर उन्हें अच्छी तरह से रोस्ट कर लें। मखानों को तब तक लगातार भूनना चाहिए जब तक वे पूरी तरह से कुरकुरे न हो जाएं। जब ये ठीक से भुन जाएं तो गैस के चूल्हे को बंद कर दें। इसके बाद इन भुने हुए मखानों का लगभग सत्तर से अस्सी प्रतिशत हिस्सा एक मिक्सर ग्राइंडर जार में डालें। इसे मिक्सी में चलाकर बारीक पीस लें। यह पिसा हुआ मखाना दूध में जाने के बाद खीर को गाढ़ा करने में काफी मदद करता है। इसके अलावा इससे खीर का स्वाद और उसकी बनावट भी बहुत अच्छी हो जाती है। कुछ भुने हुए साबुत मखाने अलग बचाकर रख लें, जिन्हें बाद में खीर में मिलाया जाएगा।
दूध और खजूर को पकाने का तरीका
मखाने तैयार करने के बाद एक अलग बर्तन में ताजा दूध लें और उसे गैस पर धीमी आंच पर गर्म होने के लिए रख दें। अब खजूर लें और उनके अंदर से बीज अच्छी तरह बाहर निकाल दें। इसके बाद इन बीजरहित खजूरों को उबलते हुए दूध के अंदर डाल दें। अब दूध और खजूर को धीमी आंच पर ही पकने दें। धीरे-धीरे खजूर उस गर्म दूध में घुलने लगते हैं। इस प्राकृतिक प्रक्रिया से दूध के अंदर अपनी मिठास घुल जाती है, जिससे अलग से चीनी मिलाने की जरूरत बिल्कुल खत्म हो जाती है। इसके बाद इस मिश्रण में थोड़ा सा केसर मिला दें। कुछ देर तक दूध को धीमी आँच पर ही पकने दें। धीरे-धीरे दूध का रंग बदलकर हल्का केसरिया होने लगता है और साथ ही उसमें केसर की सोंधी खुशबू भी फैलने लगती है।
खीर को अंतिम रूप देना और परोसने का तरीका
अब इस केसर युक्त दूध में पहले से तैयार किया गया पिसा हुआ मखाना मिला दें और उसे अच्छी तरह चलाएं। खीर को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाते रहें। मखाना डालने के बाद दूध बहुत तेजी से गाढ़ा होने लगता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खीर को बीच-बीच में चम्मच से हिलाते रहना जरूरी है ताकि वह बर्तन के तले में न चिपके। जब खीर पर्याप्त रूप से गाढ़ी हो जाए तब उसमें बारीक कटे हुए बादाम और किशमिश डाल दें। इस सामग्री को लगभग एक से दो मिनट तक धीमी आंच पर और पकने दें। इसके अंत में वे साबुत भुने हुए मखाने मिला दें जिन्हें पहले चरण में बचाकर अलग रखा गया था। इन्हें डालने के बाद करीब एक मिनट तक और पकाएं और फिर गैस बंद कर दें। अब यह स्वादिष्ट मखाना खीर तैयार है, जिसे बर्तन में निकालकर गरमागरम या अपनी पसंद के अनुसार ठंडा करके परोसा जा सकता है।


















