महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां अमलनेर तालुका के टाकरखेड़ा गांव में रहने वाले एक ही परिवार के चार सदस्यों ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना में पति-पत्नी और उनके दो छोटे बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। 27 अगस्त की अलसुबह घटी इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल व्याप्त है। स्थानीय पुलिस और रेलवे प्रशासन मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
जलगांव के टाकरखेड़ा में अलसुबह घटी दर्दनाक घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलगांव के टाकरखेड़ा निवासी भील परिवार सुबह करीब 4 बजे अचानक अपने मकान से बाहर निकला था। इसके बाद परिवार के सदस्य धरनगांव और अमलनेर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और वहां से गुजर रही एक चलती ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने सुबह 4:40 बजे अमलनेर पुलिस स्टेशन को इस हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर दत्तात्रेय निकम के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों का पंचनामा कर उन्हें कब्जे में लिया।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सुनील अमृत भील (पति), पार्वती भील (पत्नी), सनी (बड़ा बेटा) और राज (छोटा बेटा) के रूप में हुई है। बड़ा बेटा सनी दूसरी कक्षा में पढ़ाई करता था, जबकि छोटा बेटा राज अभी आंगनवाड़ी जाता था। शुरुआती चर्चाओं में घटना के पीछे पारिवारिक कलह और झगड़े की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अमलनेर पुलिस घटना के वास्तविक और आधिकारिक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। एक ही झटके में पूरे परिवार के खत्म हो जाने से टाकरखेड़ा और जलगांव जिले में गहरा शोक छाया हुआ है।
छत्रपति संभाजीनगर में पहाड़ी से कूदकर हादसा
महाराष्ट्र में खुदकुशी की यह अकेली घटना नहीं है। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर जिले के वालुज MIDC पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आने वाले तिसगांव इलाके की खावड्या पहाड़ी पर भी एक भयानक हादसा सामने आया था। वहां एक 19 साल के युवक ने पहाड़ी की ऊंचाई से छलांग लगाकर अपनी जान देने की कोशिश की। युवक को नीचे गिरता देख उसके पिता ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण पिता भी पहाड़ी से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। बेटे और पति दोनों को नीचे गिरते देख सदमे में आई मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी।
लातूर में '112' नंबर की तत्परता से बची महिला की जान
वहीं लातूर जिले के उदगीर इलाके में पुलिस की सतर्कता से एक महिला की जान बच गई। बुधवार की सुबह आपातकालीन सेवा नंबर '112' पर सूचना मिली कि बनशेलकी बांध के पास एक विवाहिता घरेलू विवाद के बाद खुदकुशी करने पहुंची है। सूचना मिलते ही उदगीर ग्रामीण पुलिस थाने के पुलिसकर्मी फारूक शेख सुबह 7 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को समझा-बुझाकर बनशेलकी बांध में कूदने से रोक लिया। इस दौरान महिला के पति और भाई भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस महिला को थाने ले आई। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी और पति द्वारा ध्यान न दिए जाने से दुखी होकर उसने यह कदम उठाने की कोशिश की थी।
मुंबई में 10वीं मंजिल से छलांग के बाद पेड़ ने बचाई जिंदगी
इसके अलावा मुंबई में भी एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। मुंबई की एक इमारत की 10वीं मंजिल से एक महिला ने नीचे छलांग लगा दी। हालांकि, नीचे गिरते समय वह इमारत के पास मौजूद एक पेड़ की डालियों में अटक गई। पेड़ की वजह से उसकी जान तो बच गई, लेकिन इस हादसे में उसका बायां पैर टूट गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया।



















