उत्तराखंड के खटीमा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स के साथ जमीन के नीचे भारी मात्रा में सोना दबे होने का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने पीड़ित को जमीन के नीचे 100 किलो से अधिक सोना होने का लालच दिया और इसके एवज में पूजा-पाठ के नाम पर उससे 20 लाख रुपये से अधिक की रकम खर्च करवा ली। इस शातिर साजिश का दायरा यहीं नहीं रुका, बल्कि पीड़ित को फर्जी मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर उसकी बेशकीमती जमीन भी हथिया ली गई।
फर्जी पुलिस अफसर का डर और जमीन के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर
ठगी का जाल बिछाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए नए हथकंडे अपनाए। आरोप है कि खुद को पुलिस का दरोगा बताने वाले एक व्यक्ति के माध्यम से पीड़ित को दुष्कर्म जैसे गंभीर और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इस मानसिक दबाव और डर के साये में पीड़ित से जमीन के तमाम दस्तावेजों पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसके अलावा, पीड़ित से करीब 10 लाख रुपये नकद लेने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है, जिसने इस पूरी घटना को और भी ज्यादा सनसनीखेज बना दिया है।
पुलिस कार्रवाई और नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा
इस पूरी घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित के बेटे की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर खटीमा कोतवाली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए छह नामजद समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री से जुड़े कागजातों में यूथ कांग्रेस के एक नेता का नाम और फोटो भी मौजूद है। हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि रजिस्ट्री में नाम और फोटो होने मात्र से किसी की आपराधिक संलिप्तता सीधे तौर पर साबित नहीं हो जाती, इसलिए इस पहलू पर पुलिस पूरी आधिकारिक पुष्टि और गहन छानबीन कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, फरार की तलाश जारी
खटीमा के सीओ नीरज सेमवाल ने इस हैरान करने वाली घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के दौरान अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस उन फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है जो इस साजिश में शामिल थे लेकिन अभी तक पकड़ से बाहर हैं। सीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक दल से जुड़े कुछ लोगों की इस पूरे प्रकरण में संलिप्तता के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश का जमीन से जुड़ा एक और मामला
इस घटना के अलावा मध्य प्रदेश से भी जमीन से जुड़ी एक अन्य हैरान करने वाली घटना सामने आ चुकी है। वहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की 90 बीघा जमीन में धांधली का मामला प्रकाश में आया था, जिसमें पुलिस ने 26 बीघा जमीन हड़पने की साजिश रचने वाले दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में भी दो अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मामले में कांग्रेस नेता की गांव में स्थित जमीन पर कब्जा जमाने के लिए फर्जी वसीयत और एक कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया था।


















