बिहार के मधेपुरा जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक वारदात सामने आई, जब घैलाढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रतनपुरा पंचायत स्थित इटहरी गांव के वार्ड 2 में बारह वर्षीय बालक की कचिया मारकर जान ले ली गई। इस खौफनाक कदम के तुरंत बाद गांव में भारी सनसनी फैल गई। उत्तेजित स्थानीय निवासियों ने भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को दबोच लिया और उस पर टूट पड़े। भीड़ द्वारा किए गए जानलेवा हमले के कारण आरोपी ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल फौरन हरकत में आए, दोनों शवों को कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम परीक्षण हेतु सदर अस्पताल रवाना किया गया।
खेलते समय अचानक हुआ हमला
पीड़ित बालक की पहचान स्थानीय निवासी सुनील ठाकुर के बारह वर्षीय बेटे सुमित कुमार के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, यह अनहोनी शनिवार को उस समय घटी जब सुमित अपने हमउम्र साथियों के साथ गांव में मौजूद पुलिया के निकट खेलकूद में व्यस्त था। बच्चे के दादा फुलेश्वर ठाकुर ने पूरी आपबीती साझा करते हुए बताया कि एक व्यक्ति अचानक वहां पहुंचा और उसने बिना किसी चेतावनी के सुमित पर कचिया से वार कर दिया। हमले की भयावहता देखकर साथ खेल रहे अन्य बच्चे दहशत में आ गए और उन्होंने शोर मचाते हुए फौरन गांव की तरफ दौड़ लगाई ताकि बड़ों को आगाह किया जा सके। हमले में गंभीर जख्म लगने की वजह से बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
गुस्साई भीड़ का हमला और सड़क पर विरोध
हमले की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भारी तादाद में घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्ध व्यक्ति को चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने उसे पकड़कर लाठी-डंडों और हाथों से बेतहाशा पीटना शुरू कर दिया। अत्यधिक पिटाई सह न पाने के कारण उसकी भी वहीं मौत हो गई। मृत संदिग्ध की पहचान बराही वार्ड 8 के निवासी पैंतालीस वर्षीय अनिल यादव के रूप में स्थापित हुई है। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि वह मानसिक संतुलन खो चुका था। घटना से आक्रोशित भीड़ ने अपने गुस्से का इजहार करते हुए घैलाढ़ और सिंहेश्वर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया। गाड़ियों की कतारें लग जाने से यातायात ठप हो गया।
प्रशासनिक समझाइश और कानूनी कार्रवाई
सड़क जाम और दोहरी मौत की खबर पर आपातकालीन नंबर 112 की टीम, सदर एसडीपीओ अजय कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों से लंबी बातचीत की और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। स्थिति का ब्योरा देते हुए सदर एसडीपीओ अजय कुमार ने कहा कि सुबह साढ़े दस बजे इटहरी में बालक की जान लिए जाने और तत्पश्चात आरोपी पर भीड़ के हमले की जानकारी मिली थी। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस उपाधीक्षक ने यह भी साफ किया कि भीड़ की हिंसा में शामिल और कानून अपने हाथ में लेने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ वैधानिक कदम उठाए जा सकें। इलाके में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है।


















