जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा यानी LoC के पास घुसपैठ की एक और बड़ी साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। कृष्णा घाटी सेक्टर के नंगी टकरी इलाके में हुई इस घटना के दौरान एक जोरदार लैंडमाइन ब्लास्ट हुआ, जिसमें चार आतंकवादी मौके पर ही मारे गए। मारे गए आतंकवादियों में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर भी शामिल बताया जा रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है।
कृष्णा घाटी सेक्टर में कैसे हुआ हादसा
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आतंकवादियों का यह सशस्त्र समूह भारतीय सीमा के भीतर चुपचाप घुसपैठ करने की फिराक में था। जैसे ही ये आतंकी कृष्णा घाटी सेक्टर के नंगी टकरी क्षेत्र में आगे बढ़े, वे अनजाने में उस क्षेत्र में पहुंच गए जहां घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं। इसी दौरान एक लैंडमाइन में जोरदार विस्फोट हो गया और चारों दहशतगर्द उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मारे गए आतंकवादियों की पहचान
विस्फोट में मारे गए सभी चारों आतंकवादियों की पहचान प्रशासनिक और सुरक्षा अभिलेखों के आधार पर सामने आ गई है। इनके नाम मोहम्मद इश्तियाक, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद वकास और मोहम्मद आसिम बताए गए हैं। इनमें से मोहम्मद फैजान को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख और शीर्ष कमांडर माना जा रहा है, जो सीमा पार से इस घुसपैठ दल का नेतृत्व कर रहा था।
पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके से था ताल्लुक
शुरुआती छानबीन और खुफिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि ये सभी चारों आतंकवादी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoJK के निवासी थे। इनका संबंध हजीरा तहसील के मंडला और मदारपुर क्षेत्रों से बताया जा रहा है, जहां से ये लोग भारतीय सीमा में अशांति फैलाने के लिए प्रशिक्षित होकर आए थे। नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से इस तरह की नापाक हरकतों को रोकने के लिए भारतीय सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।



















