राजस्थान के डूंगरपुर जिले में वरदा थाना पुलिस ने रात के समय यात्रियों को सवारी के बहाने गाड़ी में बैठाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को दबोच लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की ईको कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए बदमाशों ने सागवाड़ा जा रहे दो युवकों को वाहन में बैठाया था और फिर सुनसान रास्ते पर ले जाकर चाकू की नोक पर मारपीट करते हुए उनसे नकदी, महंगे मोबाइल और अहम दस्तावेज छीन लिए थे। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से जाल बिछाकर भाग रहे आरोपियों को जंगल में घेरकर पकड़ने में सफलता हासिल की।
माथुगामड़ा मोड़ से गाड़ी में बैठाया, फिर सुनसान रास्ते पर ले जाकर की वारदात
इस पूरे मामले का खुलासा सागवाड़ा पुनर्वास कॉलोनी के निवासी यमन दवे की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट से हुआ। यमन दवे ने वरदा थाने में दी तहरीर में बताया कि 2 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे वह अपने साथी पंकज के साथ डूंगरपुर बस स्टैंड के पास माथुगामड़ा मोड़ पर खड़ा था। दोनों युवक देर रात सागवाड़ा जाने के लिए किसी साधन का इंतजार कर रहे थे। उसी समय वहां एक सफेद रंग की ईको गाड़ी आकर रुकी। गाड़ी के चालक ने दोनों युवकों से सवारी बैठाने की बात कही, जिस पर भरोसा करके यमन और पंकज गाड़ी में सवार हो गए।
सफर शुरू होने के कुछ ही देर बाद डोजा मोड़ के पास चालक ने अचानक गाड़ी को मुख्य हाईवे से मोड़ दिया और दोवड़ा रोड की तरफ एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां गाड़ी रोकते ही गाड़ी में सवार बदमाशों ने अचानक चाकू निकाल लिए और दोनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी और आतंकित करते हुए उनके कीमती मोबाइल फोन, पर्स, नकदी, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस छीन लिए। लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश दोनों पीड़ितों को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए।
नाकाबंदी तोड़कर भागे बदमाश, पुलिस ने जंगल में खदेड़कर दबोचा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरदा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस दल ने वारदात वाली रात के घटनाक्रम को जोड़ने के लिए इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इन साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने संदिग्ध ईको कार और उसके मालिक की पहचान स्थापित करने में कामयाबी पाई।
इसके बाद पुलिस को जब संदिग्ध वाहन की आवाजाही की सटीक जानकारी मिली, तो आंतरी बस स्टैंड के पास सख्त नाकाबंदी करवाई गई। पुलिस टीम ने जब वहां से गुजर रही सफेद ईको गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला। इस पर पुलिसकर्मियों ने एक निजी वाहन की मदद से फौरन बदमाशों की गाड़ी का पीछा करना शुरू किया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, अन्य मामलों में भी पूछताछ जारी
लगातार पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पाडला गोकलिया मोड़ के पास अपनी गाड़ी सड़क किनारे छोड़ दी और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ दौड़ लगा दी। पुलिस टीम ने भी बिना वक्त गंवाए उनका पीछा किया और जंगल में काफी मशक्कत के बाद घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को काबू में कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शिनाख्त वागदरी निवासी अरविन्द कुमार कनिपा, उदयपुर के कल्याणपुर निवासी ललित उर्फ लाला और सुभाष उर्फ बादशाह के रूप में की गई है। पुलिस अब इन तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों को बरामद किया जा सके। इसके अलावा पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह इलाके में हुई चोरी और लूट की अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है, जिसको लेकर विस्तृत तफ्तीश की जा रही है।


















