ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कटक-पुरी बाइपास पर सोमवार सुबह हुई एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में इस घटना को महज एक सामान्य सड़क दुर्घटना समझा जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पड़ताल आगे बढ़ी, यह बात सामने आई कि यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी खत्म करने की एक सोची-समझी कोशिश थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चालक सौम्य रंजन रथ को धर दबोचा है और उसे अदालत में पेश कर दिया गया है।
घटना का पूरा घटनाक्रम और शुरुआत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वाकया 12 अक्टूबर यानी सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे का है। शिकायतकर्ता रतिकांत सिंह अपनी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर हंसपाल की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान पुरी बाइपास पर एसआर वैली चौक के करीब एक टाटा नेक्सॉन कार ने सड़क किनारे खड़े एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी और वहां से केशुरा चौक की तरफ तेजी से भाग निकली। इस पहली दुर्घटना के तुरंत बाद रतिकांत सिंह, उनकी पत्नी और अन्य स्थानीय लोग उस घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजने का इंतजाम करने में जुट गए।
गलत दिशा में आकर लोगों को रौंदा
स्थिति तब बेहद डरावनी हो गई जब वही टाटा नेक्सॉन कार कुछ देर बाद केशुरा की तरफ से गलत दिशा में बेहद तेज रफ्तार से वापस लौटी। चालक ने वहां मौजूद लोगों को जानबूझकर अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर खड़ी सात मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सभी घायलों को तुरंत राहत पहुंचाते हुए इलाज के लिए भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
ढाबे के विवाद से जुड़ा है कनेक्शन
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि इस पूरी हिंसा से पहले आरोपी का सड़क किनारे स्थित एक ढाबे के मालिक और वहां के कर्मचारियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस की शुरुआती छानबीन में पता चला कि केशुरा वाली मुख्य घटना को अंजाम देने से पहले भी आरोपी ने कथित तौर पर डार्लिंग ढाबा के मालिक और कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए अपनी कार से उन्हें टक्कर मारने का प्रयास किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मौके से फरार होने की नीयत से एक बस में बैठने की कोशिश की, लेकिन सतर्क स्थानीय लोगों ने उसे पहचान लिया और वहीं दबोच लिया। इस दौरान गुस्से में आए लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी।
पुराना आपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई
पुलिस की पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि भुवनेश्वर की इस घटना के मुख्य आरोपी सौम्य रंजन रथ का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर करीब तीन महीने पहले भी खारवेल नगर थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर चौक के पास इसी तरह की एक अन्य खतरनाक घटना को अंजाम देने का आरोप है। उस पुराने मामले में एक बेकसूर व्यक्ति की मौत हो गई थी। तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन कुछ समय बाद उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमानत पर बाहर रहते हुए आरोपी ने एक बार फिर इस गंभीर वारदात को अंजाम दे डाला।
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बड़गढ़ थाने में पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं और खारवेल नगर थाने में भी एक अन्य मामला दर्ज है। इस ताज़ा घटना के संबंध में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 281, 125(a), 125(b) और 324(4) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया है और इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन अभी भी जारी है।



















