देश के दक्षिणी हिस्से से एक बेहद दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। हैदराबाद के माधापुर इलाके में इनऑर्बिट मॉल के पास एक लाइफस्टाइल स्टोर में काम करने वाली 26 साल की भारती मुखी सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में युवती की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। साइबराबाद पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के वक्त गाड़ी चलाने वाले शख्स की पहचान राज्यसभा सांसद के बेटे के रूप में की है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबराबाद पुलिस ने त्वरित कदम उठाए और गाड़ी चला रहे व्यक्ति की पहचान लिंगमनेनी संजूश के रूप में की, जो राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे हैं। हालांकि, आरोपी संजूश को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सीएच श्रीधर ने स्पष्ट किया कि आरोपी को औपचारिक नोटिस भेजा गया है और उसे फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि यह अपराध जमानती श्रेणी में आता है और इसमें अधिकतम सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है, जो लापरवाही या जल्दबाजी में किए गए ऐसे कृत्यों से मौत होने पर लागू होती है जो गैर-इरादतन हत्या के दायरे में नहीं आते हैं।
मेडिकल जांच और पुलिस के कदम
हादसे के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना वाले दिन ही आरोपी को हिरासत में लिया गया था। उसका ब्रेथलाइज़र टेस्ट और ड्रग टेस्ट करवाया गया, जिसके शुरुआती नतीजे नेगेटिव आए हैं। इसके अलावा, फॉरेंसिक जांच को पुख्ता करने के लिए उसके नमूनों का एक और सेट लेकर फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी FSL में भेजा गया है ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि हादसे के वक्त किसी प्रकार के नशे का सेवन तो नहीं किया गया था। माधापुर पुलिस स्टेशन की ओर से आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है और उसे पुलिस स्टेशन से ही जमानत दे दी गई।
मां का छलका दर्द और संघर्ष भरी दास्तान
अपनी जवान बेटी को अचानक खो देने के बाद मृतका की मां आनंदिनी मुखी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी व्यथा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने कितनी मुश्किलों और संघर्षों के साथ अपनी बेटी को पाला-पोसा था और उसकी शिक्षा का पूरा ध्यान रखा था। भारती कॉलेज गई थी और उसने डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के साथ-साथ बीटेक प्रोग्राम में भी दाखिला लिया था। हालांकि, जब देश में कोविड लॉकडाउन लगा, तो उसे अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी और वह कुछ समय के लिए घर पर ही रही। इसके बाद जब हालात ठीक हुए तो उसे नौकरी का अवसर मिला और वह हैदराबाद आ गई। वह पिछले चार-पांच सालों से हैदराबाद में काम कर रही थी, लगातार घर आती-जाती थी और परिवार की आर्थिक मदद के लिए पैसे भी भेजती थी। मां ने नम आंखों से कहा कि पूरा परिवार उसी पर निर्भर था और उनकी बेटी अभी बहुत छोटी थी, जो इतनी जल्दी इस दुनिया को छोड़कर चली गई।
हादसे का खौफनाक मंजर
घटना के दिन को याद करते हुए मां ने बताया कि भारती अपने काम पर थी और लंच के लिए बाहर गई हुई थी। इसी दौरान मुख्य सड़क पार करते वक्त यह भयानक हादसा हो गया। उन्हें इस बात की पूरी जानकारी भी नहीं थी कि सब कुछ कैसे हुआ। किसी अनजान लड़की ने उन्हें फोन करके सूचना दी कि भारती का एक्सीडेंट हो गया है और वह कुछ बोल नहीं रही है। फोन करने वाली ने यह भी बताया कि उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन अस्पताल के भीतर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। लगातार आ रहे फोन कॉल्स ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।
सांसद पिता की सफाई और अपील
इस पूरे प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश सामने आए और उन्होंने अपने बेटे का बचाव करते हुए अपनी बात रखी। आंध्र प्रदेश से जनसेना पार्टी के सांसद लिंगमनेनी रमेश ने इस पूरी घटना को बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाला करार दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि हादसे के समय उनका 21 साल का बेटा ही एस्टन मार्टिन कार चला रहा था। सांसद ने दावा किया कि उनके बेटे ने बिना किसी एक पल की देरी के घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और इसके बाद खुद पुलिस अधिकारियों को फोन करके इस दुर्घटना की पूरी जानकारी दी तथा जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। सांसद ने यह भी कहा कि वे पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराएंगे। साथ ही उन्होंने आम जनता और मीडिया से अपील की कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस मामले पर किसी तरह का पूर्वाग्रह या कोई भी निष्कर्ष न निकाला जाए और हालात को लेकर कोई गलत अंदाजा न लगाया जाए।



















