ओडिशा के बलांगीर जिले में अंधविश्वास और तांत्रिक साधना के चलते हत्या का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के देवगांव थाना अंतर्गत आने वाले बगड़ा गांव में तंत्र विद्या के फेर में 40 साल के एक व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी गई। आरोपी ने व्यक्ति की जान लेने के बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कटे हुए सिर को अपने मकान के अंदर बने पूजा कमरे में दफना दिया और बिना सिर वाले धड़ को गांव के पास स्थित एक तालाब में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर गड़े हुए सिर को बरामद कर लिया। मृतक की पहचान बलांगीर जिले के ही तुसुरा थाना क्षेत्र स्थित तेबड़ामुंडा गांव के निवासी संतोष खड़सेल के रूप में की गई है।
खाने का न्योता देकर बुलाया घर, सो जाने पर कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि इस नृशंस कांड की योजना बेहद योजनाबद्ध तरीके से बनाई गई थी। बलांगीर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जी अभिलाष ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू ने 18 अगस्त को संतोष खड़सेल को खाना खिलाने के बहाने अपने घर आमंत्रित किया था। संतोष जब शत्रुघ्न के घर पहुंचा और खाना खाने के बाद सो गया, तब शत्रुघ्न साहू ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने सोए हुए संतोष का सिर धारदार हथियार से काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने संतोष के शरीर से बहे खून को अपने देवी-देवताओं की प्रतिमा पर चढ़ाया। पुलिस के अनुसार यह संपूर्ण घटना कथित तौर पर नरबलि की तांत्रिक रस्म को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी।
तालाब में फेंका धड़, पूजा घर की जमीन में गाड़ा कटा सिर
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और अपनी तांत्रिक रस्म को छिपाने के लिए आरोपियों ने शरीर के टुकड़ों को अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया। उन्होंने संतोष के बिना सिर वाले धड़ को बगड़ा गांव की सीमा से बाहर बने एक तालाब के पानी में फेंक दिया। वहीं कटे हुए सिर को आरोपी शत्रुघ्न साहू ने अपने घर के पूजा वाले कमरे की जमीन खोदकर उसमें गाड़ दिया। इस भयावह अपराध का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को गांव के निवासियों ने तालाब के किनारे एक लावारिस बिना सिर वाली लाश तैरती हुई देखी। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की।
पुलिस पहुंची तो ध्यान लगा रहा था आरोपी, पूछताछ में उगला सच
मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस को ग्रामीणों से अहम सुराग मिला कि संतोष खड़सेल को अंतिम बार शत्रुघ्न साहू के साथ ही देखा गया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम तुरंत शत्रुघ्न साहू के घर पहुंची। जब पुलिस अधिकारियों ने उसके घर में प्रवेश किया, तो आरोपी शत्रुघ्न घर के अंदर ध्यान की मुद्रा में बैठा हुआ था। शुरुआत में जब पुलिस ने उससे संतोष के बारे में पूछताछ की, तो उसने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि शराब पीने के दौरान उनके बीच विवाद हुआ था और उसी झगड़े में उसने संतोष की जान ले ली। हालांकि जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ जारी रखी, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने संतोष का कटा हुआ सिर अपने पूजा घर में छिपा रखा है। इसके बाद आरोपी की मौजूदगी में पुलिस ने पूजा कमरे की जमीन की खुदाई करवाई, जहां से संतोष का कटा हुआ सिर बरामद हुआ।
पांच आरोपी गिरफ्तार, हथियार जब्त और परिजनों से पूछताछ जारी
इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शत्रुघ्न साहू समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना हुआ धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां, उसके भाई और उसकी भाभी को भी हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारी हिरासत में लिए गए परिजनों से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस साजिश में उनकी क्या भूमिका थी और क्या इस नरबलि कांड में कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।
10 साल से अलग रह रही थी पत्नी, वापस बुलाने के लिए दी नरबलि
पुलिस जांच में इस नृशंस हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियां निकलकर आई हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी शत्रुघ्न साहू ने खुलासा किया कि उसने अपनी पत्नी को वापस अपने पास बुलाने के उद्देश्य से इस नरबलि की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी की पत्नी करीब 10 साल से अपने बेटे और बेटी को लेकर उससे अलग रह रही थी। गांव के लोगों और परिजनों के अनुसार, शत्रुघ्न साहू लंबे समय से तांत्रिक गतिविधियों में लिप्त था और उसकी इन्हीं अजीबोगरीब हरकतों तथा अंधविश्वास के कारण उसकी पत्नी उससे दूर रहने के लिए मजबूर हो गई थी। पत्नी को वापस पाने की सनक में आरोपी ने तांत्रिक के कहने पर अपने ही साथी की बलि दे डाली।



















