आधुनिक समय में ड्रोन तकनीक का दायरा तेजी से फैल रहा है और इस क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए झारखंड की राजधानी रांची में बेहतरीन अवसर सामने आए हैं। अगर आप भी आसमान में अपनी उड़ान भरने और एक कुशल ड्रोन पायलट बनने की योजना बना रहे हैं, तो रांची के कई प्रमुख संस्थानों में इसके लिए दाखिला लिया जा सकता है। कृषि से लेकर औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों तक में ड्रोन की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए विशेषज्ञ इसे भविष्य का एक बेहद लाभकारी और रोजगारपरक कोर्स मान रहे हैं।
बीआईटी मेशरा बना राज्य का पहला डीजीसीए मान्यता प्राप्त संस्थान
रांची के प्रतिष्ठित बीआईटी मेशरा में अब औपचारिक रूप से ड्रोन पायलट कोर्स की शुरुआत कर दी गई है, जिसके लिए इच्छुक विद्यार्थी आवेदन फॉर्म भरकर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह राज्य का ऐसा पहला शिक्षण संस्थान बन गया है जिसे नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए से आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई है। शिक्षा विशेषज्ञ दिलीप का कहना है कि आज के दौर में ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण एक अत्यंत मांग वाला कोर्स बन चुका है, जो युवाओं के लिए करियर के नए द्वार खोल रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं
इस विशेष प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद युवाओं के पास सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार पाने के द्वार खुल जाते हैं। वर्तमान परिदृश्य में कृषि से लेकर अन्य सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक में ड्रोन तकनीक की अनिवार्यता लगातार महसूस की जा रही है, जिसके चलते आने वाले समय में इस विधा के जानकारों की मांग में भारी उछाल आना तय माना जा रहा है। विद्यार्थी इस शैक्षणिक सत्र से ही बीआईटी मेशरा में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं, हालांकि पाठ्यक्रम की फीस को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
अपेक्स इंस्टीट्यूट में रोबोटिक्स और ड्रोन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
बीआईटी मेशरा के अलावा, रांची के अरगोड़ा चौक पर स्थित अपेक्स इंस्टीट्यूट भी युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। यहां विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के साथ-साथ रोबोटिक्स से जुड़ी कई बारीकियां सीखने का मौका मिलता है। संस्थान के संचालक पवनदीप के अनुसार, यहां आने वाले युवाओं को ड्रोन को नियंत्रित करना, उसे कमांड देना और उसकी तकनीकी मरम्मत करना जैसी सभी जरूरी बातें सिखाई जाती हैं, और इस संस्थान में पाठ्यक्रम की फीस 10 से 15,000 रुपए के बीच तय की गई है।
प्रयोग इंडिया रोबोटिक्स में कृषि ड्रोन और एआई की ट्रेनिंग
रांची के सुजाता चौक पर स्थित प्रयोग इंडिया रोबोटिक्स भी इस दिशा में एक और प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां के संचालक अभय बताते हैं कि इस संस्थान की खासियत यह है कि यहां छात्रों को ड्रोन तकनीक के हर पहलू से रूबरू कराया जाता है। इसके तहत खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले विशेष ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके ड्रोन प्रणालियों को अधिक उन्नत बनाने के तौर-तरीके सिखाए जाते हैं। यहां 6 महीने का शॉर्ट टर्म कोर्स उपलब्ध है, जिसकी फीस 15 से 20,000 रुपए के दायरे में रखी गई है।
जैन एविएशन और टेक्नोबेंडर में लचीले पाठ्यक्रम
रांची में स्थित जैन एविएशन में छात्र ड्रोन पायलट के रूप में विशेष विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं, जहां 3 महीने से लेकर 1 साल तक की अवधि के पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। संस्थान के संचालक प्रदीप बताते हैं कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 3 महीने, 6 महीने, 9 महीने और 12 महीने के शॉर्ट टर्म विकल्प दिए गए हैं और इस कोर्स की फीस ₹25,000 तक है। इसके अतिरिक्त, टेक्नोबेंडर संस्थान में मैनेजर महेश बताते हैं कि यहां दो से तीन हफ्ते या महज एक हफ्ते का त्वरित प्रशिक्षण भी लिया जा सकता है, हालांकि पूर्ण विशेषज्ञता के लिए एक साल का कोर्स जरूरी है जबकि बुनियादी संचालन एक हफ्ते में सीखा जा सकता है। यहां की फीस 10,000 रुपए से शुरू होकर एक लाख रुपए तक जाती है जो अवधि पर निर्भर करती है।



















