पुणे के पास एक इलेक्ट्रिक बस में अचानक भड़की भीषण आग ने यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी मचा दी। इस गंभीर हादसे के दौरान बस में सफर कर रहे 17 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वाहन में आग लगने की इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा और कैसे बचाई गई जान
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। बस के भीतर से उठती तेज लपटों और धुएं के बीच यात्रियों को बाहर निकालने के लिए तेजी से प्रयास किए गए। इस आपात स्थिति में चालक और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की सूझबूझ से सभी 17 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सार्वजनिक परिवहन और सुरक्षा के हालात
सार्वजनिक परिवहन के साधनों में इस तरह की आग लगने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल के समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या सड़कों पर तेजी से बढ़ी है, लेकिन इनमें तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं के कारण सुरक्षा को लेकर यात्रियों के मन में डर बना रहता है। इससे पहले भी विभिन्न शहरों में बसों और अन्य वाहनों में इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें समय पर दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को संभाला गया।
प्रशासनिक और तकनीकी जांच
प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है कि आखिर चलती बस में आग लगने की असल वजह क्या थी। शुरुआती दौर में शॉर्ट सर्किट या बैटरी में तकनीकी खराबी को इसके पीछे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन के रखरखाव और फिटनेस की पूरी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।























