बेंगलुरु की एक व्यस्त सड़क पर शनिवार सुबह एक ऐसा नाजुक मोड़ आया, जहां कुछ ही पलों की देरी किसी की सांसें हमेशा के लिए थाम सकती थी। अपनी दोपहिया गाड़ी पर सवार होकर काम पर निकल रहे 34 वर्षीय रवि के साथ अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को चौंका दिया। वेस्ट ऑफ कॉर्ड रोड के पास पहुंचते ही उसके सीने में अचानक असहनीय पीड़ा उठी। उस दर्द की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह अपने वाहन को आगे नहीं बढ़ा सका। उसने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत अपनी स्कूटी को सड़क के किनारे लगाया और खुद को संभालने की कोशिश की। लेकिन राहत मिलने के बजाय दर्द लगातार बढ़ता चला गया और कुछ ही सेकंड के भीतर वह जमीन पर बेसुध होकर गिर पड़ा। आसपास खड़े लोगों की नजर जब तक इस घटना पर पड़ती और वे कुछ समझ पाते, उससे ठीक पहले उस इलाके में मुस्तैदी से गश्त कर रही होयसला पुलिस की टीम वहां पहुंच गई। बिना एक पल गंवाए पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और सड़क पर ही सीपीआर देना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसे फौरन नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम और पुलिस की तत्परता
इस पूरी हृदयविदारक घटना की एक-एक तस्वीर पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में पूरी तरह सुरक्षित दर्ज हो गई। सामने आए इस वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि रवि अपनी स्कूटी के पास खड़ा होकर किस कदर लाचार नजर आ रहा है। वह लगातार अपने सीने को मजबूती से पकड़कर इस अचानक आए संकट से जूझने का प्रयास कर रहा है। कुछ ही पलों में उसकी शारीरिक स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि वह अपने पैरों का संतुलन खो बैठता है और घुटनों के बल सड़क पर गिर जाता है। संयोगवश उसी समय होयसला-88 की पेट्रोलिंग वैन वहां से गुजर रही थी और टीम की नजर इस गिरते हुए शख्स पर पड़ गई। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सचिदानंदमूर्ति और हेड कांस्टेबल बसवराजू ने बिना किसी औपचारिकता में वक्त गंवाए तुरंत वाहन से उतरकर स्थिति को संभाला। पुलिसकर्मियों की इस तीव्र सूझबूझ ने इस गंभीर हादसे के रुख को पूरी तरह से बदल दिया और रवि के लिए जीवन की एक नई उम्मीद जगा दी।
शनिवार सुबह का वाकया और मैगाडी रोड पुलिस स्टेशन की सीमा
मिली हुई विस्तृत जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना शनिवार को सुबह ठीक लगभग 8:30 बजे के आसपास की है। रवि अपना दोपहिया वाहन लेकर रोज की तरह अपने कामकाज के सिलसिले में घर से निकला था। यह पूरा वाकया मैगाडी रोड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके यानी वेस्ट ऑफ कॉर्ड रोड पर स्थित दमकल केंद्र के बिल्कुल पास पेश आया। शुरुआती दौर में जब उसे सीने में हल्का दर्द महसूस हुआ तो उसने सोचा कि शायद कुछ देर रुकने से वह ठीक हो जाएगा, इसलिए उसने अपनी स्कूटी रोक दी थी। मगर हालात ने इतनी तेजी से करवट ली कि वह खुद को संभाल पाने में पूरी तरह असमर्थ साबित हुआ और सड़क पर संतुलन खोकर नीचे आ गिरा। उस समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच एक इंसान जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था, और उसकी इस लाचारी को देखकर आम जनता भी सहम गई थी।
तुरंत शुरू किया गया सीपीआर और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सड़क पर रवि को इस तरह अचेत अवस्था में पड़े हुए देखकर वहां गश्त कर रही पुलिस की टीम पलक झपकते ही उसकी तरफ दौड़ पड़ी। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने बिना किसी हिचकिचाहट के फौरन कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जो उस समय जीवनदान साबित हुई। धीरे-धीरे घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भी भीड़ जमा होने लगी और पुलिसकर्मियों ने सभी के साथ उचित तालमेल बिठाकर तुरंत अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया। इस पूरे घटनाक्रम का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, वह आठ मिनट से भी अधिक लंबा है और उसमें रवि की बेचैनी साफ झलकती है। वीडियो के सोशल मीडिया पर आते ही चारों तरफ इन पुलिसकर्मियों की जिंदादिली और मुस्तैदी की जमकर तारीफ होने लगी। आमतौर पर आम जनता के बीच खाकी वर्दी की छवि कानून व्यवस्था या अपराध नियंत्रण को लेकर ही चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार पुलिस ने साबित कर दिया कि उनका असली धर्म इंसानियत की रक्षा करना है।
पहले भी संकट में फंसे लोगों की देवदूत बनकर मदद कर चुकी है बेंगलुरु पुलिस
बेंगलुरु पुलिस की यह होयसला पेट्रोलिंग टीम केवल इसी एक मौके पर नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई बार संकट के भंवर में फंसे लोगों के लिए देवदूत बन चुकी है। बीती 20 मई को भी ऐसा ही एक मार्मिक मामला सामने आया था जब होयसला के जवानों ने एक गंभीर पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्ति की जान बचाई थी। उस समय पुलिस नियंत्रण कक्ष को नम्मा 112 के माध्यम से नगरभावी क्षेत्र से एक आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई थी कि एक व्यक्ति बेहद तनाव के साये में है और कोई चरम कदम उठाने जा रहा है। सूचना मिलते ही कम्माक्षीपाल्या पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तैनात होयसला-85 की टीम बिना किसी देरी के बताए गए पते पर दौड़ पड़ी थी। उस अभियान में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर केम्पराजू और कांस्टेबल हसनबाशा ने अद्भुत तत्परता दिखाते हुए उस व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला था और उसे उचित काउंसलिंग दी थी। इन तमाम घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि आपातकाल की घड़ी में यह टीम सिर्फ नियमों का पालन कराने वाली इकाई नहीं बल्कि सच्चे अर्थों में मददगार साबित होती है।
शुरुआती मदद और सीपीआर का महत्व
रवि के साथ घटी इस दुर्घटना ने एक बार फिर इस सार्वभौमिक सत्य को रेखांकित कर दिया है कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान शुरुआती कुछ मिनट कितने कीमती होते हैं। यदि समय रहते पुलिस टीम वहां न पहुंचती और सीपीआर जैसी बुनियादी जीवन रक्षक प्रक्रिया न शुरू की जाती, तो परिणाम कुछ और ही हो सकते थे। सीसीटीवी फुटेज ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि किस तरह सही समय पर उठाया गया एक छोटा सा कदम किसी की अर्थी उठने से रोक सकता है। बेंगलुरु पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे की पूरे शहर में सराहना हो रही है और हर कोई रवि के स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। सड़क पर अचानक शुरू हुई वह डरावनी सुबह अंततः पुलिस की बदौलत एक सकारात्मक और जीवन से भरी कहानी में तब्दील हो गई।



















