देश की राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम आईटीओ रेड लाइट क्षेत्र में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जहां पुराने पुलिस मुख्यालय के ठीक सामने तेज रफ्तार वाहन का कहर देखने को मिला। एक अनियंत्रित कार इतनी तेजी से दौड़ रही थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। वाहन सीधे सड़क के मध्य बने डिवाइडर से जा टकराया और उसे तोड़ते हुए विपरीत दिशा की लेन में जा पहुंचा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वह पास ही लगे फुटपाथ के लोहे के सुरक्षा घेरे में बुरी तरह से फंस गई।
कर्नाटक सरकार की गाड़ी को क्षति
डिवाइडर को रौंदने के बाद वह बेकाबू कार वहीं नहीं रुकी, बल्कि सामने से गुजर रही कर्नाटक सरकार के बोर्ड वाली एक अन्य गाड़ी से जा भिड़ी। इस जोरदार आमने-सामने की टक्कर में कर्नाटक सरकार के वाहन का अगला हिस्सा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस अचानक हुई दुर्घटना के चलते आईटीओ मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
सीएनजी लीकेज की सूचना से मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर एक नई चिंता तब पैदा हुई जब दमकल विभाग को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से सीएनजी गैस लीक होने की आपातकालीन सूचना मिली। गैस रिसाव के कारण किसी बड़े विस्फोट या आग लगने की आशंका को भांपते हुए दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बिना देर किए दो गाड़ियों को फौरन घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया ताकि स्थिति पर समय रहते काबू पाया जा सके।
नरेला की पिछली घटना की याद
राष्ट्रीय राजधानी में तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित मामुरपुर क्षेत्र में हिमालय अपार्टमेंट के बाहर एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया था। उस टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक वैगनआर कार हवा में पीछे की ओर उछल गई थी और सड़क किनारे खड़ी एक तिपहिया लोडिंग वैन से टकरा गई थी।
उस पिछली दुर्घटना के दौरान उर्मिला नाम की एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सड़क के किनारे मौजूद थीं, जो इन बेकाबू वाहनों की चपेट में आकर घायल हो गई थीं। पुलिस की शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि उस मर्सिडीज कार को हरियाणा पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के बेटे शुभम द्वारा चलाया जा रहा था। हालांकि वह गाड़ी शुभम की खुद की नहीं थी, बल्कि उसने अपने एक दोस्त से एक दिन पहले ही कहीं जाने के लिए मांगकर ली थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने शुभम को मौके से ही हिरासत में ले लिया था। पुलिस अधिकारियों का प्रारंभिक आकलन था कि चालक नशे की हालत में हो सकता है, हालांकि इस बात की पुष्टि के लिए मेडिकल परीक्षण कराया जाना अनिवार्य बताया गया था।



















