यदि आप अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें एक ऐसे शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाना चाहते हैं जो किताबी ज्ञान के साथ-साथ उनके समग्र विकास पर भी पूरा ध्यान दे, तो बिहार के जमुई जिले में स्थित यह विद्यालय आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। जमुई जिले के जमुई-सिकंदरा मार्ग पर स्थापित यह परिसर अपनी शानदार सुविधाओं और उच्च स्तरीय शिक्षण माहौल के लिए जाना जाता है, जिसकी तुलना अक्सर उत्तराखंड के प्रतिष्ठित संस्थानों से की जाती है।
इस शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बच्चों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें वैश्विक नागरिकता यानी ग्लोबल सिटीजनशिप, व्यक्तिगत विकास और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न अभियानों के बारे में भी जागरूक किया जाता है। इसके अलावा सामाजिक कल्याण की भावना को मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाते हैं, जिससे बच्चे समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ इस परिसर में कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी बच्चों को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलता है। यदि छात्र संगीत, नृत्य, गायन, तैराकी या विभिन्न खेलों में रुचि रखते हैं, तो उन्हें इन सभी विधाओं में प्रशिक्षित करने की पूरी व्यवस्था कैंपस के भीतर ही उपलब्ध कराई जाती है। कला के क्षेत्र में अपनी रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यहाँ विशेष मार्गदर्शन की सुविधा दी गई है, ताकि बच्चा जिस भी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहे, उसे अपनी पसंद की शिक्षा विद्यालय परिसर के अंदर ही मिल सके।
प्रवेश प्रक्रिया की बात की जाए तो यहाँ दाखिला लेने के इच्छुक अभिभावकों को सबसे पहले ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। विद्यालय में विभिन्न आयु वर्ग और कक्षाओं के अनुसार प्रवेश की व्यवस्था की गई है, जिसमें अभिभावक अपने नौनिहालों का नामांकन प्री नर्सरी, नर्सरी और किंडरगार्टन यानी केजी कक्षाओं में करवा सकते हैं। इसके अलावा प्राथमिक और उच्च कक्षाओं के तहत ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 7 तक तथा ग्रेड 8 के लिए भी प्रवेश की प्रक्रिया संचालित की जाती है।
शुल्क ढांचे और एडमिशन से जुड़े खर्चों पर नजर डालें तो रजिस्ट्रेशन के लिए अभिभावकों को 500 रुपए का भुगतान करना होता है। प्री नर्सरी, नर्सरी और केजी कक्षाओं में प्रवेश के समय 15 हजार रुपए की एडमिशन फीस जमा करनी पड़ती है। ठीक इसी प्रकार ग्रेड 1 से 7 तक के बच्चों के दाखिले के लिए भी 15 हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रेड 8 के लिए एडमिशन फीस 18 हजार रुपए तय की गई है। विद्यालय के नियमों के अनुसार यह राशि नॉन रिफंडेबल होती है।
इसके अतिरिक्त प्रवेश के वक्त कॉशन मनी के रूप में 5 हजार रुपए की राशि जमा करवाई जाती है, जो कि नॉन रिफंडेबल श्रेणी में आती है। अगर मासिक ट्यूशन फीस की बात करें तो प्री नर्सरी और केजी के विद्यार्थियों के लिए 2950 रुपए प्रति माह का शुल्क देना होता है। ग्रेड 1 से 3 तक के बच्चों की ट्यूशन फीस 3250 रुपए प्रति माह, ग्रेड 4 से 6 तक के लिए 3550 रुपए प्रति माह तथा ग्रेड 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए 3950 रुपए प्रति माह तय की गई है।
सालाना खर्चों में अन्य शुल्कों को शामिल किया जाए तो एनुअल एक्टिविटी चार्ज के रूप में प्रति वर्ष 5 हजार रुपए का भुगतान करना होता है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परिवहन यानी ट्रांसपोर्ट की भी बेहतरीन व्यवस्था है, जिसमें दूरी के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। विद्यालय से 10 किलोमीटर के दायरे से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन शुल्क 1550 रुपए प्रति माह, 15 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1850 रुपए प्रति माह और 25 किलोमीटर तक की दूरी से आने वाले विद्यार्थियों के लिए 2250 रुपए प्रति माह का परिवहन शुल्क देना अनिवार्य होता है।



















