क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिकवाली का दौर हावी रहने से प्रमुख डिजिटल टोकन नाजुक तकनीकी मुकाम पर आ खड़े हुए हैं। बुधवार के कारोबारी सत्र में बिटकॉइन अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के करीब 76,466 डॉलर पर फिसल गया। तकनीकी चार्ट पर यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है और दैनिक क्लोजिंग इसके नीचे आती है, तो बाजार में नुकसान और अधिक गहराने के आसार बन सकते हैं। इससे एक दिन पहले मंगलवार को बिटकॉइन करीब दो फीसदी टूटकर 76,455 डॉलर के आसपास छह हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा था, जहां 76,566 डॉलर पर भी हलचल देखी गई थी। इस बीच लाइव मार्केट के आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन 77,340 डॉलर पर बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 76,677 डॉलर रहा था, जो 0.86 फीसदी की बढ़त दिखाता है। मौजूदा 52 हफ्तों का दायरा 57,748 डॉलर से 87,364 डॉलर के बीच दर्ज है और वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 1.06 गुना चल रहा है।
बिटकॉइन के सामने प्रमुख तकनीकी चुनौतियां और स्तर
बिटकॉइन के मौजूदा मूल्य ढांचे में 50-दिवसीय ईएमए 79,997 डॉलर के स्तर पर मौजूद है, जो ऊपरी बढ़त पर सख्त पहरेदार का काम कर रहा है। इसी बीच रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 35 के करीब पहुंच चुका है, जिससे यह संकेत तो मिलता है कि गिरावट की रफ्तार धीमी पड़ रही है, लेकिन किसी मजबूत रिकवरी का स्पष्ट संकेत अब भी गायब है। दूसरी तरफ मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी शून्य से नीचे नकारात्मक स्थिति में बना हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि 200-दिवसीय ईएमए पर मामूली स्थिरता के बावजूद मंदड़ियों का दबदबा बरकरार है। लाइव डेटा के मुताबिक 14-दिवसीय आरएसआई 38 पर है और एमएसीडी -1314.86 पर सिग्नल लाइन -892.40 के मुकाबले नकारात्मक हिस्टोग्राम -422.46 दर्शा रहा है। इसके अलावा 20-दिवसीय ईएमए 79,770 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 80,049 डॉलर तथा 200-दिवसीय ईएमए 76,296 डॉलर पर है, जबकि साधारण मूविंग एवरेज 50-दिन का 81,896 डॉलर और 200-दिन का 73,158 डॉलर दर्ज है।
ऊपर की ओर जाने पर बिटकॉइन को सबसे पहले 100-दिवसीय ईएमए पर 77,770 डॉलर के स्तर पर शुरुआती अड़चन का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद 50-दिवसीय ईएमए 79,997 डॉलर पर दूसरा अवरोध पेश करेगा। यदि खरीदार यहां से आगे बढ़ने में कामयाब होते हैं, तो 85,000 डॉलर के पास एक बड़ा क्षैतिज अवरोध सामने खड़ा है। लाइव तकनीकी स्तरों को देखें तो दैनिक पिवट 76,822 डॉलर पर है, जबकि पहला प्रतिरोध 77,933 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 78,527 डॉलर पर बैठता है। नीचे की ओर तत्काल रक्षात्मक दीवार 76,466 डॉलर पर 200-दिवसीय ईएमए प्रदान कर रहा है, जबकि लाइव समर्थन स्तर एस1 76,228 डॉलर और एस2 75,116 डॉलर पर हैं, साथ ही 20-दिवसीय दायरा 75,710 डॉलर से 84,840 डॉलर के बीच फैला है। तकनीकी संरचना बताती है कि 82,248 डॉलर का सपोर्ट टूटने के बाद बना रेक्टेंगल फॉर्मेशन 79,109 डॉलर के लक्ष्य को छू चुका है और अब 76,000 के स्तर पर बिकवाली का गहरा दबाव नया रुख तय करेगा।
एथेरियम में सीमित दायरा और रेजिस्टेंस का भारी दबाव
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम भी लगातार मंदी के घेरे में फंसी हुई है। बुधवार को एथेरियम 2,255 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, क्योंकि यह किसी भी अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर खुद को स्थिर रखने में पूरी तरह विफल रहा। टोकन अपने 200-दिवसीय और 100-दिवसीय ईएमए से काफी नीचे बना हुआ है, जो क्रमशः 2,315 डॉलर और 2,349 डॉलर पर स्थित हैं। इसके अलावा एथेरियम उस टूटी हुई राइजिंग ट्रेंडलाइन के भी नीचे खिसक गया है, जो अब 2,399 डॉलर के आसपास मजबूत प्रतिरोध के रूप में तब्दील हो चुकी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स पर नजर डालें तो इसका आरएसआई 34 के स्तर पर ओवरसोल्ड क्षेत्र के काफी नजदीक डोल रहा है, जबकि एमएसीडी लगातार निगेटिव बना हुआ है।
यदि एथेरियम में वापसी की कोशिश होती है, तो ऊपर की तरफ पहला रेजिस्टेंस 2,315 डॉलर पर 200-दिवसीय ईएमए और 2,349 डॉलर पर 100-दिवसीय ईएमए के रूप में सामने आएगा। इसके ठीक बाद पुरानी ट्रेंडलाइन सीमा 2,399 डॉलर और 2,400 डॉलर का निकटतम क्षैतिज दायरा बाधा बनेगा। किसी मजबूत बढ़त की स्थिति में एथेरियम को 50-दिवसीय ईएमए 2,404 डॉलर पर पार करना होगा, जिसके बाद ही 2,770 डॉलर की ऊपरी छत तक जाने का रास्ता साफ हो सकता है। दूसरी तरफ यदि गिरावट का सिलसिला और लंबा खिंचता है, तो नीचे की ओर मुख्य ढांचागत समर्थन 1,824 डॉलर के हॉरिजॉन्टल सपोर्ट जोन पर मौजूद है, जहां खरीदार दोबारा सक्रिय होकर बाजार को संभालने का प्रयास कर सकते हैं।
एक्सआरपी पर फॉलिंग चैनल का असर और घटते एक्सचेंज रिजर्व
तीसरे प्रमुख टोकन एक्सआरपी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां बुधवार को यह 1.254 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि मंगलवार को यह मामूली रूप से 1.25 डॉलर के ऊपर टिका हुआ था। एक्सआरपी अपने फॉलिंग चैनल पैटर्न की ऊपरी ट्रेंडलाइन से टकराकर नीचे गिरा है और प्रमुख ईएमए क्लस्टर से नीचे ही ट्रेड कर रहा है। इसके सिर पर 100-दिवसीय ईएमए 1.323 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 1.334 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 1.377 डॉलर पर प्रतिरोध की परतें बनाए हुए हैं। इसके साथ ही 1.275 डॉलर पर पूर्व डाउनवर्ड ट्रेंडलाइन ब्रेक का स्तर भी कीमत को ऊपर जाने से रोक रहा है। इसका आरएसआई 39 के आसपास धीमा पड़ा हुआ है और एमएसीडी हल्का नकारात्मक है, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदड़िए भारी आक्रामकता न दिखाने के बावजूद बाजार पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।
ऊपरी मोर्चे पर एक्सआरपी के लिए 1.275 डॉलर पर शुरुआती रुकावट है, जिसके बाद 1.300 डॉलर का क्षैतिज अवरोध और फिर 1.323 डॉलर तथा 1.334 डॉलर पर ईएमए का समूह आता है। इसके ऊपर 1.377 डॉलर का स्तर व्यापक सुधारात्मक दायरे को कड़ा करता है, जबकि बड़ी तेजी के लिए 1.540 डॉलर और 1.900 डॉलर पर भारी आपूर्ति का सामना करना पड़ेगा। नीचे की ओर पहला सहारा 1.160 डॉलर पर है और उसके नीचे 1.000 डॉलर का महत्वपूर्ण फ्लोर मौजूद है। इस बीच बिनांस पर निकासी दोबारा शुरू होने के बाद उसके एक्सआरपी रिजर्व तेजी से गिरकर वर्ष 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे 1.25 डॉलर के इर्द-गिर्द रिकवरी की उम्मीद में खरीदार जुटने की कोशिश कर रहे हैं।
व्यापक बाजार की घटनाएं और मैक्रो कारक
क्रिप्टो बाजार की मौजूदा सुस्ती के पीछे केवल तकनीकी स्तर ही नहीं, बल्कि कई व्यापक घटनाएं भी जिम्मेदार हैं। पिछले हफ्ते बिनांस पर हुए 6.3 अरब डॉलर के हैक ने सोशल मीडिया पर निवेशकों की धारणा को गंभीर झटका दिया है। इसके चलते रिपल के एक्सआरपी के साथ-साथ कार्डानो और सोलाना जैसे शीर्ष ऑल्टकॉइन मंगलवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले काफी कमजोर स्थिति में देखे गए। जब किसी डेफी ब्रिज, हॉट वॉलेट या एक्सचेंज पर सुरक्षा खामियों के जरिए बड़ा हमला होता है और टोकन निकालकर बेचे या स्वैप किए जाते हैं, तो पूरे बाजार में अफरा-तफरी और बिकवाली फैल जाती है। इसके विपरीत जब नए टोकन लॉन्च होते हैं या एक्सचेंजों पर नई लिस्टिंग मिलती है, तो लिक्विडिटी और नए प्रतिभागियों के जुड़ने से आमतौर पर माहौल तेजी का बनता है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले सीधे तौर पर अमेरिकी डॉलर के जरिए क्रिप्टो एसेट्स की दिशा तय करते हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से अक्सर बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन में गिरावट आती है, जबकि डॉलर इंडेक्स में नरमी से जोखिम वाली संपत्तियों में ट्रेडिंग सस्ती होने पर कीमतों को सहारा मिलता है। वहीं माइनिंग ब्लॉक रिवॉर्ड घटाने वाले हाल्विंग चक्र भी सीमित आपूर्ति के चलते दीर्घकालिक रूप से तेजी लाने वाले माने जाते हैं। वर्तमान माहौल में 76,000 डॉलर से 76,466 डॉलर के बीच का बिटकॉइन सपोर्ट पूरे बाजार की दिशा तय करने वाला सबसे अहम बिंदु बना हुआ है।



















