डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी भारी बिकवाली के बाद अब स्थिरता के स्पष्ट संकेत दिखने लगे हैं। सप्ताह की शुरुआत में तेज गिरावट का सामना करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने शानदार वापसी करते हुए 84,000 डॉलर का स्तर दोबारा पार कर लिया है। इस सकारात्मक सुधार से व्यापक क्रिप्टो बाजार को मजबूती मिली है और कई प्रमुख डिजिटल टोकन भी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, बाजार विश्लेषक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े डिजिटल संपत्तियों की आगे की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।
80,500 डॉलर के निचले स्तर से बिटकॉइन में तेज सुधार
मौजूदा कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन लगभग 84,148 डॉलर के स्तर पर देखा गया, जो पिछले 24 घंटों में 1.43 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इस तेजी के दम पर डिजिटल मुद्रा का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 1.69 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। हालिया गिरावट के दौरान बिटकॉइन पर भारी दबाव देखा गया था, जब इसकी कीमतें गिरकर 80,500 डॉलर के बेहद करीब आ गई थीं। इसके बाद खरीदारों की वापसी हुई और इसने पहले 82,000 डॉलर का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल किया और फिर लगातार बढ़ते हुए 83,000 डॉलर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत की।
बाजार में इससे पहले आई बिकवाली काफी आक्रामक थी। 9 अक्टूबर को डेरिवेटिव्स बाजार में बड़े पैमाने पर पोजीशन लिक्विडेशन की वजह से बिटकॉइन में 3.3 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि उसी कारोबारी सत्र में इथेरियम 5.7 प्रतिशत तक टूट गया था। डेरिवेटिव्स अनुबंधों में अत्यधिक लीवरेज वाले सौदे कटने से कीमतों पर चौतरफा दबाव देखने को मिला था, जिसने पूरे क्रिप्टो परिदृश्य में घबराहट पैदा कर दी थी।
मैक्रोइकोनॉमिक दबाव और यूएस सीपीआई का इंतजार
भले ही कीमतों में सुधार हुआ है, लेकिन बाजार सहभागी सतर्कता बरत रहे हैं। पाई42 के सह-संस्थापक और सीईओ अविनाश शेखर ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखी। अविनाश शेखर ने कहा, "बिटकॉइन 83,800 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद सुधार के संकेत दिखा रहा है। हालांकि, डॉलर की मजबूती, ऊंची बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच यह सुधार सतर्क बना हुआ है।"
कीमतों में हालिया तेजी के बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड उच्च स्तर से अब भी काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। अक्टूबर 2025 की शुरुआत में बिटकॉइन ने लगभग 126,000 डॉलर का ऑल-टाइम हाई स्तर छुआ था। मौजूदा 84,148 डॉलर के मूल्य के आधार पर डिजिटल करेंसी अपने उस ऐतिहासिक शिखर से लगभग 33 प्रतिशत नीचे चल रही है। आने वाले समय में बिटकॉइन की चाल 14 अक्टूबर को जारी होने वाले सितंबर महीने के अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई आंकड़ों पर पूरी तरह निर्भर करेगी। मुद्रास्फीति रिपोर्ट से यह साफ होगा कि 27 से 28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है।
प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी लौटी मजबूती
बाजार में आई इस रिकवरी का असर केवल बिटकॉइन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई है। इथेरियम, सोलाना, एक्सआरपी और बीएनबी सभी बढ़त के साथ कारोबार करते देखे गए हैं। इस दौरान बड़े डिजिटल टोकन्स में निवेशकों की लिवाली देखने को मिली है।
इथेरियम 2.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,569.89 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि सोलाना 3.09 प्रतिशत चढ़कर 112.72 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। इसके अतिरिक्त हाइपरलिक्विड का हाइप टोकन 3.57 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 87.68 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एक्सआरपी 1.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 1.42 डॉलर पर रहा और बीएनबी 1.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर 754.74 डॉलर के भाव पर पहुंच गया। व्यापक बाजार में लौटी इस खरीदारी से यह संकेत मिलता है कि व्यापारी जोखिम वाली संपत्तियों में दोबारा दिलचस्पी दिखा रहे हैं, हालांकि आगामी नीतिगत फैसले ही इस तेजी की स्थिरता तय करेंगे।


















