वैश्विक वित्तीय बाजारों में कारोबारी हफ्ते की शुरुआत के साथ कई अहम मुद्राओं और संपत्तियों में उठापटक देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले अपनी मजबूती दर्ज करते हुए 210.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब रुख किया है। शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में इस जोड़ी को कई सहायक कारकों का सहारा मिला। हालांकि, पिछले एक हफ्ते से चल रहे दायरे के भीतर ही कीमतें घूम रही हैं, जिससे बाजार भागीदार किसी बड़ी तेजी की पुष्टि के लिए अतिरिक्त खरीदारी के रुझान पर नजर रखे हुए हैं।
जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच खिंचतान
जापान की राजकोषीय चिंताओं के कारण वहां की राष्ट्रीय मुद्रा येन लगातार दबाव में दिखाई दे रही है। इसके विपरीत, अमेरिकी डॉलर में आई मामूली नरमी ने ब्रिटिश पाउंड को सहारा प्रदान किया है। GBP/JPY क्रॉस को आगे ले जाने में इन दोनों कारकों ने अहम भूमिका निभाई है। दूसरी ओर, मुद्रा बाजार में जापानी अधिकारियों की संभावित दखलंदाजी का जोखिम भी बना हुआ है, जो येन की गिरावट को एक सीमा में रोक सकता है। कारोबारी अब हफ्ते के उत्तरार्ध में होने वाले बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के गवर्नर बेली के संबोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य की मौद्रिक नीति का संकेत मिल सके।
USD/JPY के मोर्चे पर भी सीमित दायरे की हलचल देखने को मिल रही है। यह मुद्रा जोड़ी 158.00 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है। जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की अटकलों के बीच खरीदार बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर के खरीदारों को बैकफुट पर रखा है, जिससे इस जोड़ी की ऊपरी रफ्तार थमी हुई है। इसके साथ ही, जापान और अमेरिका में सार्वजनिक अवकाश के कारण बाजार में तरलता काफी कम रही, जबकि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की गिरावट को सीमित रखा।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और भारतीय रुपये की स्थिति
AUD/USD जोड़ी ने सप्ताह के पहले दिन एक मामूली गिरावट भरे अंतर को पाटने का प्रयास किया, लेकिन एशियाई सत्र में छुट्टी के चलते पतली तरलता के बीच यह 0.7000 के स्तर से नीचे ही बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कई वर्षों के उच्च स्तर से फिसलने के बावजूद डॉलर ने वापसी की कोशिश की, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का दायरा सीमित हो गया। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की घटती संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बनाए रखा।
इधर घरेलू मुद्रा बाजार में, भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उल्लेखनीय तेजी के साथ खुला। दिन के कारोबार में रुपया 95.80 के करीब अपनी बढ़त को बरकरार रखने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर की मांग को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए नए कदमों ने भारतीय मुद्रा को राहत पहुंचाई है, जिससे USD/INR की जोड़ी पर दबाव बना रहा।
सोने और कच्चे तेल में बिकवाली का दौर
कीमती धातुओं के बाजार में सोने को एक हफ्ते के उच्चतम स्तर को छूने के बाद बिकवाली का सामना करना पड़ा। यूरोपीय सत्र के दौरान पीली धातु 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे खिसक गई और इसकी दो दिनों से चली आ रही बढ़त का सिलसिला टूट गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने डॉलर की गिरावट को थामा, जिसने बिना ब्याज देने वाले सोने की कीमतों पर दबाव बना दिया।
कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी का रुख देखने को मिला। रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम समझौते की उम्मीदों ने वैश्विक ईंधन की कमी को दूर करने की संभावना जगाई है। इस संभावित समझौते से ईंधन संकट कम होने और वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति के जोखिमों में कमी आने की उम्मीद बंधी है, जिसके चलते तेल बाजार में कीमतें नीचे आईं।
क्रिप्टो बाजार में कार्डानो की वापसी
डिजिटल एसेट बाजार में कार्डानो (ADA) ने पिछले हफ्ते आई 2.85% की गिरावट के बाद सोमवार को अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के ऊपर दोबारा मजबूती हासिल कर ली। डेरिवेटिव्स बाजार में सुधरती स्थिति और सकारात्मक तकनीकी परिदृश्य ने ADA की इस वापसी को सहारा दिया है। डेटा से पता चलता है कि कार्डानो के ट्रेडर्स के बीच धारणा बेहतर हो रही है। कॉइनग्लास का ADA के लिए लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात सोमवार को 1.01 दर्ज किया गया, जो सकारात्मक दायरे में प्रवेश का संकेत देता है।


















