राजस्थान के झुंझुनूं स्थित चूरू रोड पर बने प्रमुख आरआर अस्पताल में सोमवार तड़के आयकर विभाग की एक विशेष टीम ने औचक जांच शुरू कर दी। पांच अलग-अलग वाहनों में सवार होकर पहुंचे करीब 15 विभागीय अधिकारियों का यह दल ठीक सुबह पांच बजे अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ। विभिन्न शहरों और ठिकानों पर एक साथ दबिश देने की इस पूरी योजना के तहत संबंधित जांच दल रविवार रात लगभग 11 बजे ही अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके थे, जिससे सुबह होते ही समन्वित कार्रवाई शुरू की जा सके। अस्पताल परिसर में पहुंचते ही अधिकारियों ने पूरे प्रशासनिक क्षेत्र को अपनी निगरानी में ले लिया।
कंप्यूटर सिस्टम, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों के मोबाइल की जांच
अस्पताल की मुख्य इमारत में प्रवेश करते ही जांच दल ने वहां लगे सभी प्रमुख कंप्यूटर सिस्टम और दफ्तर में रखे तमाम वित्तीय दस्तावेजों को अपनी कस्टडी में ले लिया। उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और प्रशासनिक स्टाफ के मोबाइल फोन भी अधिकारियों ने अस्थाई रूप से एकत्र कर लिए। इसके बाद वित्तीय लेन-देन, संदेशों और डिजिटल डेटा की तकनीकी पड़ताल शुरू की गई। तकनीकी टीम द्वारा लगभग दो घंटे तक गहन डिजिटल जांच और जरूरी डेटा खंगालने के बाद सभी कर्मचारियों को उनके मोबाइल फोन वापस सौंप दिए गए। इस अचानक शुरू हुई प्रशासनिक पड़ताल से अस्पताल परिसर और प्रबंधन से जुड़े लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
हरियाणा के पानीपत और जयपुर में भी एक साथ कार्रवाई
झुंझुनूं के इस स्वास्थ्य संस्थान में चल रही जांच के तार पड़ोसी राज्य हरियाणा और प्रांतीय राजधानी जयपुर से भी जुड़े हुए हैं। सोमवार सुबह लगभग छह बजे हरियाणा के पानीपत स्थित मॉडल टाउन में भाटिया कार्यालय पर भी आयकर विभाग की संयुक्त टीमों ने दस्तक दी। पानीपत में चल रही इस व्यापक जांच में दिल्ली और पंजाब से आए अधिकारी भी शामिल हैं। यह व्यापारिक प्रतिष्ठान मुख्य रूप से अस्पतालों को दवाइयों की आपूर्ति करने के काम से जुड़ा हुआ है।
कारोबार से जुड़े अनिल भाटिया और अश्वनी भाटिया के स्वामित्व में प्लस डिस्ट्रीब्यूशन और प्लस डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से दो मुख्य फर्में संचालित की जा रही हैं। इसी संयुक्त कार्रवाई की कड़ी में राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित अमर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर पर भी आयकर अधिकारियों के पहुंचने और जांच शुरू करने का घटनाक्रम सामने आया है। दवा आपूर्ति श्रृंखला और चिकित्सा संस्थानों के आपसी तालमेल की इस पूरी कड़ी को एक साथ जांच के दायरे में लाया गया है।
विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार
झुंझुनूं, पानीपत और जयपुर के इन अलग-अलग ठिकानों पर एक ही समय में की जा रही कार्रवाइयों के आपसी संबंध और जांच के मूल आधार को लेकर विभाग ने फिलहाल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच अधिकारियों ने अभी तक किसी भी बरामदगी अथवा कथित वित्तीय अनियमितता के ब्योरे की पुष्टि नहीं की है। संबंधित उच्चाधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट और आधिकारिक जानकारी साझा किए जाने के बाद ही वित्तीय लेन-देन तथा टैक्स अनुपालन से जुड़ी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।





















