शाम ढलते ही अक्सर हल्की भूख सताने लगती है और गरमा-गरम चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन करता है। ऐसे वक्त में आलू, प्याज और टमाटर के साथ तैयार किया गया चूड़ा फ्राई एक बहुत ही स्वादिष्ट विकल्प बन सकता है। इसे भूनने और पकाने का अंदाज थोड़ा अलग रहता है, जिसकी वजह से इसका जायका काफी बढ़ जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करना बेहद आसान है और यदि सामग्री पहले से कटी हुई रखी हो, तो इसे पकाने में 10 से 15 मिनट का ही वक्त लगता है।
सब्जियों का सही चयन और तैयारी
इस नाश्ते को बनाने के लिए सबसे पहले आलू को बिल्कुल बारीक और छोटे टुकड़ों में काटना जरूरी होता है। रांची के हरमू इलाके की निवासी कुकू के अनुसार, आलू के टुकड़े जितने छोटे होंगे, वे तेल में उतनी ही जल्दी और कुरकुरे भुनेंगे। आलू को बारीक काटकर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर अलग रख दें। इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें अदरक और बारीक कटी हरी मिर्च को हल्का सा तल लें।
अदरक और मिर्च भुन जाने के बाद कड़ाही में कटे हुए आलू डालें और उन्हें अच्छी तरह फ्राई करें। इसके बाद इसमें बारीक कटी प्याज और गाजर डालकर सभी चीजों को एक साथ बढ़िया से भूनना चाहिए। इस व्यंजन में सब्जियां अपनी पसंद के अनुसार जोड़ी जा सकती हैं, लेकिन ऐसी सब्जियों से बचना चाहिए जो बहुत अधिक पानी छोड़ती हैं। ज्यादा नमी वाली सब्जियों से चूड़ा गीला हो सकता है, जबकि सूखी और कम पानी वाली सब्जियों से यह एकदम खिला-खिला और कुरकुरा बनता है।
मसाले और चूड़ा मिलाने का तरीका
सब्जियों के अच्छी तरह पक जाने के बाद इसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा करी पत्ता मिलाया जाता है। इसमें किसी भारी या अतिरिक्त मसाले को डालने की जरूरत नहीं होती है। जब सारी सामग्री बढ़िया से फ्राई हो जाए, तब इसमें चूड़ा जिसे कई लोग पोहा भी कहते हैं, कड़ाही में डाल देना चाहिए। चूड़ा डालने के बाद पूरी सामग्री को लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें ताकि हर दाना करारा हो सके।
जब चूड़ा पूरी तरह से भुन जाए और उसका रंग सुनहरा दिखने लगे, तो कड़ाही को आंच से नीचे उतार लें और नाश्ते को प्लेट में परोसें। स्वाद को और अधिक बढ़ाने के लिए परोसते समय इसमें ऊपर से थोड़ा सा मिक्सचर या नमकीन भी मिलाया जा सकता है। ऐसा करने से इसका जायका और ज्यादा निखर जाता है।
पकाते वक्त ध्यान रखने योग्य सावधानियां
इस नमकीन स्नैक को बनाते समय आंच और पकाने की रफ्तार पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। चूड़ा डालते ही गैस की आंच को मध्यम रखें और करछी से लगातार चलाते रहें। यदि इसे बीच में थोड़ी देर के लिए भी बिना चलाए छोड़ दिया जाए, तो चूड़ा नीचे से जल सकता है और उसका स्वाद कड़वा हो जाएगा।
मूंगफली के साथ सादा चूड़ा तो अमूमन सभी खाते हैं, लेकिन बारीक कटी सब्जियों के साथ यह नया अंदाज काफी ज्यादा तृप्ति देने वाला होता है। यह साधारण भुने चूड़े के मुकाबले ज्यादा पेट भरने वाला स्नैक है। इसे चाय की चुस्कियों के साथ खुद भी खाया जा सकता है और अचानक घर आए मेहमानों को भी परोसा जा सकता है। अपनी सादगी और लाजवाब स्वाद की वजह से यह बेहद लोकप्रिय स्नैक बन जाता है।



















