दुनिया में सबसे ज्यादा बिटकॉइन रखने वाली कंपनी अब चुपचाप बेचने वाली बन गई है। स्ट्रैटेजी ने पिछले एक हफ्ते में 3,588 बिटकॉइन बेचकर करीब 216 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। यह जानकारी सोमवार को जारी एक खुलासे में सामने आई। कंपनी ने इस रकम को दोबारा निवेश करने के बजाय अपने प्रेफर्ड शेयरों पर डिविडेंड चुकाने और अपने डॉलर भंडार को मजबूत करने में लगाया, जो 5 जुलाई तक 2.55 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
लगातार खरीदने वाली कंपनी अब बेच रही है
माइकल सेलर की अगुवाई वाली यह कंपनी सालों तक एक ही रणनीति के लिए मशहूर रही: बिटकॉइन खरीदो और कभी मत बेचो। अब उसी पहचान की परीक्षा हो रही है। ताजा बिक्री के बाद कंपनी के पास 843,775 बिटकॉइन बचे हैं। इन सिक्कों को कुल 63.7 अरब डॉलर में खरीदा गया था, यानी हर सिक्के की औसत लागत करीब 75,476 डॉलर पड़ी। इस समय बिटकॉइन करीब 60,000 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो इस लागत से काफी नीचे है। यही वजह है कि कंपनी को दूसरी तिमाही में अपने डिजिटल एसेट्स पर 8.32 अरब डॉलर का घाटा दर्ज करना पड़ा, जिसका लगभग पूरा हिस्सा अभी सिर्फ कागजों पर है, क्योंकि सिक्के अब भी उसके पास मौजूद हैं।
216 मिलियन डॉलर कहां लगे
इस बिक्री से मिली रकम कंपनी की जिन सिक्योरिटीज को वह डिजिटल क्रेडिट सिक्योरिटीज कहती है, उन पर डिविडेंड चुकाने के लिए तय की गई है। कंपनी के मुताबिक 5 जुलाई तक उसके बिटकॉइन भंडार में 843,775 बिटकॉइन और डॉलर भंडार में 2.55 अरब डॉलर मौजूद हैं। यह बिक्री उसके कुल भंडार का महज 0.42% थी, फिर भी इसने पहले हुई 32 बिटकॉइन की 2.5 मिलियन डॉलर वाली बिक्री से कहीं ज्यादा पैसा जुटाया। वह छोटी बिक्री निवेशकों को हिला गई थी, जिसने कंपनी को 2022 के बाद का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन दिया और यह सवाल खड़ा किया कि क्या बाजार अब भी बिटकॉइन को संभालने के लिए स्ट्रैटेजी पर भरोसा कर सकता है।
शेयर फिसला, लेकिन बिटकॉइन टिका रहा
बाजार की प्रतिक्रिया ठंडी रही। याहू फाइनेंस के आंकड़ों के मुताबिक प्री-मार्केट कारोबार में स्ट्रैटेजी का शेयर 2% गिरकर 98.88 पर आ गया। इस गिरावट ने लगातार पांच दिन की तेजी के सिलसिले को तोड़ने का खतरा पैदा कर दिया और बीते एक महीने में शेयर की 26% की बड़ी गिरावट को और गहरा कर दिया। दूसरी ओर बिटकॉइन की कहानी बिल्कुल अलग रही। इसी दौरान बिटकॉइन 3.7% चढ़ा। कॉइनगेको के अनुसार सोमवार को अमेरिकी बाजार खुलने से पहले बिटकॉइन करीब 62,900 डॉलर पर स्थिर हुआ, जबकि वीकेंड पर यह 63,700 डॉलर तक पहुंच गया था।
नकदी संभालने की नई योजना
यह बिक्री उस बड़ी पूंजी प्रबंधन योजना का हिस्सा है, जिसे कंपनी ने पिछले हफ्ते अपनाया था। इस योजना के तहत स्ट्रैटेजी डिविडेंड भुगतान के लिए 1.25 अरब डॉलर तक के बिटकॉइन बेच सकती है, साथ ही उसने 2 अरब डॉलर के शेयर बायबैक को भी मंजूरी दी है। 29 जून को पेश किया गया बीटीसी मॉनेटाइजेशन प्रोग्राम ही वह जरिया है, जो इन बिक्रियों की इजाजत देता है, और कंपनी ने कहा कि 5 जुलाई तक इसकी पूरी 1.25 अरब डॉलर की क्षमता बरकरार थी। इसके साथ ही कंपनी ने अपने स्ट्रेच (STRC) प्रोडक्ट पर सालाना भुगतान बढ़ाकर 12% कर दिया और अपने डॉलर भंडार को 2.55 अरब डॉलर तक बढ़ा लिया। कंपनी का अनुमान है कि अगर वह अपने बिटकॉइन भंडार में भी हाथ डाले, तो उसके पास 26 महीने के डिविडेंड खर्च को पूरा करने लायक संसाधन हैं।
सेलर ने बिटकॉइन को बताया 'डिजिटल एनर्जी'
रविवार को कार्यकारी चेयरमैन और सह-संस्थापक माइकल सेलर ने कंपनी की हालिया खरीद का चार्ट साझा करते हुए बिटकॉइन को 'डिजिटल एनर्जी' बताया। अगली सुबह उन्होंने एक्स पर दलील दी कि बिटकॉइन की कोडिंग में होने वाले बदलाव इसके भविष्य के लिए उतने अहम नहीं होंगे, जितना पूंजी बाजार का गहराना और डिजिटल क्रेडिट का विस्तार साबित होगा।











