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175 मिलियन डॉलर जुटाने के बावजूद मोर्फो का टोकन 4% फिसला, पैराडिग्म और a16z Crypto ने की अगुवाईक्रिप्टो
4 जुल॰ 2026, 3:37 am (45 दिन पहले)· 2

175 मिलियन डॉलर जुटाने के बावजूद मोर्फो का टोकन 4% फिसला, पैराडिग्म और a16z Crypto ने की अगुवाई

डीफाई लेंडिंग प्रोटोकॉल मोर्फो ने पैराडिग्म, a16z Crypto और रिबिट कैपिटल की अगुवाई में 175 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, लेकिन इसका नेटिव टोकन बीते 24 घंटे में करीब 4% गिरकर $1.97 पर आ गया।

डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस यानी डीफाई की दुनिया के लेंडिंग प्रोटोकॉल मोर्फो ने 175 मिलियन डॉलर की मोटी फंडिंग हासिल की है, फिर भी बाजार में इसका जश्न नहीं दिखा। जिस दौरान यह खबर आई, उसी दौरान इसका नेटिव टोकन करीब 4% फिसल गया। शुक्रवार को ऐलान की गई इस फंडिंग राउंड की अगुवाई पैराडिग्म, एंड्रीसन होरोविट्ज़ की क्रिप्टो शाखा a16z Crypto और रिबिट कैपिटल ने मिलकर की।

इन तीन प्रमुख निवेशकों के अलावा इस राउंड में अपोलो फंड्स, सर्कल वेंचर्स, वैनएक, लेजर, कैथे इनोवेशन और कई रणनीतिक निवेशकों का बड़ा समूह भी शामिल हुआ। इतने बड़े नामों का एक साथ आना ऑनचेन क्रेडिट के भरोसे को दिखाता है।

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अभी पैसा क्यों आ रहा है

यह फंडिंग ऐसे समय आई है जब टोकनाइज्ड फाइनेंस और ऑनचेन क्रेडिट को लेकर बड़े संस्थानों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। मोर्फो इसे केवल प्रयोग के दौर से निकलकर असली इस्तेमाल की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखता है। कंपनी के मुताबिक बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान अब यह आंक रहे हैं कि ब्लॉकचेन आधारित ढांचा उनकी लंबी अवधि की प्रोडक्ट योजनाओं में कहां फिट बैठता है।

मोर्फो अपने मकसद को बड़े दायरे में बताता है। कंपनी का कहना है कि वह "पूंजी तक खुली पहुंच देकर इंसानी महत्वाकांक्षा को ताकत देना" चाहती है। इसके लिए वह ऐसा खुला ढांचा बना रही है जिससे पैसा अलग-अलग प्लेटफॉर्म और अलग-अलग देशों के बीच बिना रुकावट और असरदार तरीके से घूम सके।

किन प्लेटफॉर्म पर पहले से चल रहा है मोर्फो

नई फंडिंग के अलावा मोर्फो ने अपने लेंडिंग ढांचे की बढ़ती पकड़ पर भी जोर दिया। यह ढांचा क्रिप्टो की दुनिया के ऐप्स और पारंपरिक फाइनेंस, दोनों जगह इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी का कहना है कि उसकी तकनीक पहले से ही कॉइनबेस, रॉबिनहुड और क्रैकन के लेंडिंग प्रोडक्ट्स को चला रही है। मोर्फो खुद को एक ऐसी न्यूट्रल परत के तौर पर पेश करता है जिसे फिनटेक कंपनियां और वित्तीय संस्थान अपने-अपने प्रोडक्ट में आसानी से जोड़ सकें।

इसका पूरा दांव यही है कि आम यूजर को किसी डीफाई ऐप से सीधे जूझना ही न पड़े। वे उन्हीं प्लेटफॉर्म के जरिए लेंडिंग, बॉरोइंग और यील्ड के मौके पा सकते हैं, जिन्हें वे पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं, और मोर्फो पर्दे के पीछे चुपचाप काम करता रहता है।

डील का जुड़ना, शुरुआत अर्जेंटीना से

मोर्फो ने यह भी बताया कि ग्लोबल पेरोल प्लेटफॉर्म डील अब उसके नेटवर्क से जुड़ गया है। इस साझेदारी से कॉन्ट्रैक्टर अपने उस बैलेंस पर स्टेबलकॉइन में रिवॉर्ड कमा सकेंगे, जो वरना यूं ही पड़ा रहता। इसकी शुरुआत अर्जेंटीना से होगी और फिर इसे दूसरे बाजारों तक बढ़ाया जाएगा। यह इस बात की साफ मिसाल है कि किस तरह फिनटेक कंपनियां ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय सेवाओं को अपने मौजूदा प्रोडक्ट में घोलती जा रही हैं।

संस्थानों का बदलता रुख

कंपनी के मुताबिक बीते एक साल में बड़े संस्थानों के साथ उसकी बातचीत का मिजाज काफी बदल गया है। न्यूयॉर्क में हाल ही में हुए वॉल्ट समिट में, जिसकी सह-मेजबानी एसएंडपी ग्लोबल ने की, चर्चा अब शुरुआती प्रयोगों से हटकर पूरी तरह तैयार ऑनचेन वित्तीय प्रोडक्ट्स को असल में उतारने पर केंद्रित हो गई है। हालांकि मोर्फो ने साफ माना कि संस्थागत स्तर पर अपनाने का यह सिलसिला अभी शुरुआती दौर में ही है।

आगे का मौका बड़ा दिखता है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड का अनुमान है कि डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस में लगी संपत्तियां 2030 तक करीब 37 गुना बढ़ जाएंगी। ऐसा होने पर लेंडिंग ढांचा देने वाली कंपनियों के लिए बाजार कहीं ज्यादा बड़ा हो जाएगा।

टोकन की अलग ही कहानी

इतनी अच्छी खबरों के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया ठंडी रही। खबर लिखे जाने तक मोर्फो का नेटिव टोकन $1.97 पर कारोबार कर रहा था, जो बीते 24 घंटे में करीब 4% नीचे था। एक तरफ बड़ी फंडिंग की सुर्खी और दूसरी तरफ फिसलता टोकन, यह अंतर याद दिलाता है कि किसी प्रोटोकॉल की जुटाई गई पूंजी और उसके ट्रेड होने वाले टोकन की कीमत हमेशा एक साथ नहीं चलतीं।

सवाल-जवाब

मोर्फो ने कितनी फंडिंग जुटाई है?
मोर्फो ने 175 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है।
इस फंडिंग राउंड की अगुवाई किसने की?
इसकी अगुवाई पैराडिग्म, a16z Crypto और रिबिट कैपिटल ने की।
और कौन-कौन से निवेशक इसमें शामिल हुए?
अपोलो फंड्स, सर्कल वेंचर्स, वैनएक, लेजर, कैथे इनोवेशन और कई रणनीतिक निवेशक इसमें शामिल हुए।
मोर्फो का टोकन अभी किस भाव पर है?
खबर लिखे जाने तक इसका नेटिव टोकन $1.97 पर था, जो 24 घंटे में करीब 4% नीचे था।
मोर्फो की तकनीक किन प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल हो रही है?
कंपनी के मुताबिक उसकी तकनीक कॉइनबेस, रॉबिनहुड और क्रैकन के लेंडिंग प्रोडक्ट्स को चला रही है।
डील की साझेदारी की शुरुआत कहां से होगी?
डील के साथ इस साझेदारी की शुरुआत अर्जेंटीना से होगी, जिसके बाद इसे दूसरे बाजारों में बढ़ाया जाएगा।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड का 2030 को लेकर क्या अनुमान है?
स्टैंडर्ड चार्टर्ड का अनुमान है कि डीफाई में लगी संपत्तियां 2030 तक करीब 37 गुना बढ़ जाएंगी।
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