डिजिटल एसेट मैनेजमेंट क्षेत्र की प्रमुख फर्म हैशडेक्स ने अपने स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड DEFI को बंद करने और लिक्विडेट करने का आधिकारिक फैसला लिया है। बाजार में लगातार कम लिक्विडिटी, सीमित एसेट्स और परिचालन संबंधी खर्चों के दबाव को देखते हुए फंड को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई तक इस फंड के पास प्रबंधन के तहत लगभग 14.7 मिलियन डॉलर की कुल संपत्तियां (AUM) थीं। बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और प्रतिस्पर्धा के बीच इस आकार के साथ फंड का संचालन जारी रखना व्यावहारिक नहीं रह गया था, जिसके बाद प्रबंधन ने यह कदम उठाया है।
DEFI शेयरधारकों के लिए लिक्विडेशन समय-सीमा और ट्रेडिंग शेड्यूल
हैशडेक्स द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार, निवेशक और शेयरधारक 17 अगस्त को शेयर बाजार बंद होने तक एनवाईएसई आर्का एक्सचेंज पर अपने DEFI शेयर्स की खरीद-बिक्री जारी रख सकते हैं। 17 अगस्त की अंतिम ट्रेडिंग तिथि बीत जाने के बाद, यह फंड अधिकृत प्रतिभागियों से नए क्रिएशन ऑर्डर स्वीकार करना पूरी तरह बंद कर देगा। इसके तुरंत बाद एक्सचेंज से ट्रेडिंग रोक दी जाएगी और फंड को एनवाईएसई आर्का से आधिकारिक तौर पर डीलिस्ट कर दिया जाएगा। जो निवेशक लिक्विडेशन प्रक्रिया के दौरान अपने शेयर्स बनाए रखेंगे, उन्हें फंड की ओर से स्वचालित नकद भुगतान प्राप्त होगा। यह वितरण भुगतान 28 अगस्त या उसके आसपास निवेशकों के खातों में जमा किए जाने की संभावना है।
एनएवी गणना, संपत्ति बिक्री और बिटकॉइन की कीमत में उतार-चढ़ाव
17 अगस्त को ट्रेडिंग विंडो समाप्त होने के बाद, फंड की मुख्य निवेश रणनीति रोक दी जाएगी। इसके बाद फंड की गतिविधियां पूरी तरह से परिचालन को समेटने, देनदारियों का निपटान करने और शेष संपत्तियों को निवेशकों में बांटने तक सीमित रहेंगी। हैशडेक्स अपने पोर्टफोलियो में बचे हुए बिटकॉइन होल्डिंग्स को बेचकर पूंजी जुटाएगा। प्रत्येक शेयरधारक को मिलने वाला नकद भुगतान फंड की नेट एसेट वैल्यू (NAV) में उनके अनुपातिक हिस्से के बराबर होगा। हालांकि, अंतिम वितरण राशि तय करने से पहले लिक्विडेशन से जुड़े प्रशासनिक खर्चों, ट्रांजैक्शन कॉस्ट्स और अन्य शुल्कों को घटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हैशडेक्स ने स्पष्ट किया है कि लिक्विडेशन अवधि के दौरान बिटकॉइन के बाजार मूल्य में होने वाले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव का सीधा असर निवेशकों को मिलने वाली अंतिम पेआउट राशि पर पड़ सकता है।
इनफ्लो की सुस्ती और दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम का विश्लेषण
यह फंड मार्च 2024 में एक स्पॉट बिटकॉइन ETF के रूप में परिवर्तित हुआ था। रूपांतरण के बाद से लेकर अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोसोवैल्यू डेटा के अनुसार DEFI ने कुल मिलाकर केवल 4.27 मिलियन डॉलर का संचयी शुद्ध इनफ्लो दर्ज किया था। बीते एक महीने के दौरान फंड में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बेहद नगण्य रही। इस दौरान फंड का औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम मात्र 131,000 डॉलर के आसपास सिमट कर रह गया था। इतनी कम लिक्विडिटी और सीमित ट्रेडिंग गतिविधि के कारण फंड के लिए कस्टडी फीस, इंडेक्स लाइसेंसिंग और अन्य विनियामक लागतों को निकालना कठिन हो रहा था।
अमेरिकी बिटकॉइन ईटीएफ बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का मुकाबला
DEFI को बंद करने का यह घटनाक्रम अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF बाजार में बढ़ती तीखी प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है। जहां ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे दुनिया के शीर्ष एसेट मैनेजर्स द्वारा संचालित बड़े बिटकॉइन ईटीएफ लॉन्च के बाद से अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित करने में सफल रहे हैं, वहीं छोटे फंड्स के लिए सर्वाइव करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। छोटे क्रिप्टो ईटीएफ को बाजार में टिके रहने, पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने और अपने दैनिक परिचालन खर्चों को संतुलित करने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। पूरे अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF क्षेत्र के कुल संचयी शुद्ध इनफ्लो की बात करें तो यह आंकड़ा 51.71 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जबकि केवल मंगलवार को ही इस क्षेत्र का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम 1.57 बिलियन डॉलर रहा था। इस विशाल बाजार की तुलना में DEFI की हिस्सेदारी बेहद छोटी रह गई थी।
हैशडेक्स के व्यापक संचालन और अप्रभावित फंड पोर्टफोलियो
हैशडेक्स ने अपने आधिकारिक बयान में शेयरधारकों और बाजार को आश्वस्त किया है कि लिक्विडेशन का यह निर्णय केवल DEFI ETF तक ही सीमित है। इस कदम से फर्म के व्यापक डिजिटल एसेट निवेश व्यवसाय या अमेरिकी निवेशकों के लिए उपलब्ध अन्य वित्तीय उत्पादों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हैशडेक्स के अन्य अमेरिकी निवेश उत्पाद पूरी तरह चालू रहेंगे और वे सामूहिक रूप से 200 मिलियन डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियों का प्रबंधन जारी रखेंगे। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि इस लिक्विडेशन का मुख्य उद्देश्य जिंस आधारित ईटीएफ को बंद करने की विनियामक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए निवेशकों को उनकी पूंजी व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से वापस लौटाना है।

























