सोलाना नेटवर्क के सबसे चर्चित मीम कॉइन में गिने जाने वाले बॉन्क से जुड़े कम्युनिटी खजाने पर बड़ी सेंध लगी है। हमलावरों ने एक फर्जी गवर्नेंस वोटिंग को पास कराकर बॉन्कडीएओ के ट्रेजरी से करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) की रकम उड़ा दी। इसे प्रोजेक्ट ने एक 'दुर्भावनापूर्ण' गवर्नेंस अटैक बताया है।
मीम कॉइन और उससे जुड़ी तमाम गतिविधियों को चलाने वाली टीम ने कहा कि वह इस मामले को सुलझाने के लिए सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों, नेटवर्क ब्रिज और सोलाना फाउंडेशन के साथ मिलकर काम कर रही है।
हमला कैसे हुआ
प्रोजेक्ट ने इस घटना को 'ड्रेन' यानी खजाना खाली करना कहा है। यह वारदात सोमवार को सुबह करीब 4:00 बजे (ET) हुई, जब ट्रेजरी वॉलेट से 4.4 ट्रिलियन से ज्यादा BONK टोकन एक ऐसे एड्रेस पर भेज दिए गए जो 'JHvQ' पर खत्म होता है। इन टोकनों की कीमत उस समय 19.3 मिलियन डॉलर आंकी गई।
यह ट्रांसफर असल में बॉन्क इम्प्रूवमेंट प्रपोजल #76 के दूसरे अहम निर्देश के तौर पर छिपाकर रखा गया था। यह गवर्नेंस प्रस्ताव बॉन्कडीएओ के अपने गवर्नेंस प्लेटफॉर्म पर डाला गया और वहीं से पास भी करा लिया गया।
वह प्रस्ताव जिसमें छिपी थी चोरी
'सॉवेलियन बॉन्कडीएओ' नाम के इस प्रस्ताव में कहा गया था कि यह 'सॉवेलियन गवर्नेंस लागू करेगा, नए सदस्य और काउंसिल बिठाएगा, राख से फिर से खड़ा होगा, होल्डिंग्स से कमाई करेगा और नुकसान रोकेगा।' प्रस्ताव में यह भी बताया गया था कि जो लोग इसके पक्ष में 'हां' में वोट करेंगे, वे BONK टोकन पाने के हकदार होंगे।
लेकिन जो टोकन 'JHvQ' वॉलेट में पहुंचे, वे किसी और को बांटे ही नहीं गए। सोलाना ब्लॉकचेन एक्सप्लोरर सोलस्कैन के मुताबिक यह वॉलेट एक बायबिट अकाउंट से फंड किया गया था। इसके बजाय ये टोकन दोपहर करीब 3:30 बजे (ET) एक दूसरे सोलाना एड्रेस पर भेज दिए गए, जो 'eh42' पर खत्म होता है।
एक्सचेंजों ने रोका लेन-देन
बॉन्कडीएओ ने एक्स पर बताया, 'जांच के दौरान बॉन्कडीएओ ने उन एक्सचेंज वॉलेट्स की पहचान कर ली है, जिनसे प्रस्ताव से पहले BONK खरीदा गया था।' प्रोजेक्ट ने यह भी कहा, 'कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। बॉन्कडीएओ फंड वापस पाने और दोषियों की पहचान के लिए संबंधित पक्षों के साथ लगातार काम कर रहा है।'
इस घटना के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों ने कदम उठाए हैं। दक्षिण कोरिया के एक्सचेंज अपबिट और अमेरिकी एक्सचेंज क्रैकन, दोनों ने BONK टोकन के डिपॉजिट और विड्रॉल पर रोक लगा दी है। अपबिट ने इसकी वजह 'सुरक्षा घटना के हालात को देखते हुए यूजर सुरक्षा उपाय' बताई।
कीमत पर पड़ी मार
कभी मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 100 क्रिप्टो टोकन में शामिल रहा BONK पिछले 24 घंटे में करीब 7% गिरकर लगभग $0.0000043 पर आ गया है। यह कीमत इसके ऑल-टाइम हाई $0.000058 से करीब 93% नीचे है।











