डिजिटल एसेट बाजार में तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद एक्सआरपी ने शानदार वापसी की है और अपनी कीमत को $1.40 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर सफलतापूर्वक स्थापित कर लिया है। इस तेजी के पीछे बड़े संस्थागत निवेशकों की आक्रामक खरीदारी और क्रिप्टो स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में लगातार आ रहा नया पूंजी निवेश मुख्य वजह है। क्रिप्टो बाजार में ब्लॉकचेन डेटा से यह स्पष्ट होता है कि बड़े वॉलेट धारकों, जिन्हें व्हेल निवेशक कहा जाता है, ने कीमतों में आई हालिया गिरावट का फायदा उठाते हुए भारी मात्रा में टोकन संचित किए हैं। हालांकि तकनीकी संकेतक बताते हैं कि बाजार इस समय ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीदारी की स्थिति में पहुंच चुका है, फिर भी मध्यम से लंबी अवधि का चार्ट ढांचा काफी मजबूत और बुलिश बना हुआ है।
व्हेल संचय और ईटीएफ इनफ्लो से बाजार में बढ़ा विश्वास
एक्सआरपी की कीमतों में आए इस हालिया उछाल का सबसे मुख्य चालक व्हेल निवेशकों की सक्रियता है। ऑन-चेन डेटा विश्लेषण के अनुसार, व्हेल खातों द्वारा संचित एक्सआरपी की कुल मात्रा बढ़कर 460 मिलियन टोकन तक पहुंच गई है। फरवरी के बाद से किसी भी समय अवधि में व्हेल निवेशकों द्वारा की गई यह सबसे बड़ी खरीदारी है। जब बड़े निवेशक इस तरह भारी मात्रा में संपत्ति जमा करते हैं, तो इससे खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध आपूर्ति घट जाती है, जिससे कीमतों को ऊपर उठने में मदद मिलती है।
इसके साथ ही एक्सआरपी स्पॉट ईटीएफ उत्पादों में भी निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को स्पॉट ईटीएफ में दैनिक शुद्ध इनफ्लो बढ़कर $28 मिलियन दर्ज किया गया, जो कि मंगलवार को दर्ज किए गए $24 मिलियन के इनफ्लो से काफी अधिक है। इस नए निवेश के साथ ही एक्सआरपी स्पॉट ईटीएफ में कुल संचयी इनफ्लो $1.62 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, इन फंड्स के तहत प्रबंधित कुल परिसंपत्तियां (AUM) औसतन $1.40 बिलियन के स्तर पर बनी हुई हैं। संस्थागत निवेशकों का यह बढ़ता भरोसा इस बात को रेखांकित करता है कि हालिया तीन दिवसीय गिरावट केवल अल्पकालिक मुनाफावसूली का नतीजा थी, न कि किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत।
तकनीकी विश्लेषण: मूविंग एवरेज और रेजिस्टेंस सपोर्ट का पूरा गणित
एक्सआरपी का वर्तमान स्पॉट मूल्य $1.44 के आसपास बना हुआ है, जिसने अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर ब्रेकआउट को और मजबूत कर दिया है। तकनीकी दृष्टिकोण से, यह कीमत 50-डे EMA ($1.17), 100-डे EMA ($1.20) और 200-डे EMA ($1.35) के काफी ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। पूर्व में $1.00 के ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट क्षेत्र को फिर से हासिल करने के बाद यह स्पष्ट होता है कि $1.00 से $1.20 के बीच एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन बन चुका है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 73 के आसपास मंडरा रहा है। आमतौर पर 70 से ऊपर का RSI ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है, जिससे कम अवधि में मुनाफावसूली या साइडवेज़ मूवमेंट की संभावना रहती है, लेकिन यह बाजार में खरीदारों की जबरदस्त मौजूदगी की पुष्टि भी करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेतक भी पॉजिटिव टेरिटरी में बना हुआ है, जो यह संकेत देता है कि अल्पावधि की ओवरबॉट स्थितियों के बावजूद खरीदार बाजार पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।
आगामी दिनों के लिए मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों को समझना ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण है
- तत्काल सपोर्ट: $1.44 का वर्तमान मूल्य स्तर प्राथमिक सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।
- द्वितीयक सपोर्ट: यदि कीमत नीचे आती है तो 200-डे EMA यानी $1.35 पर मजबूत सहारा मौजूद है।
- गहरा सपोर्ट बैंड: $1.20 से $1.17 के बीच 50-डे और 100-डे EMA का क्लस्टर है, जिसके बाद $1.00 का प्रमुख ब्रेकआउट स्तर आता है।
- ऊपरी रेजिस्टेंस: ऊपर की ओर सबसे बड़ी संरचनात्मक बाधा $1.66 के उच्चतम स्तर से नीचे की तरफ आने वाली ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस है। यदि दैनिक कैंडल इस रेखा के ऊपर बंद होती है, तो नए रिकॉर्ड स्तरों के लिए रास्ता खुल जाएगा। इसके विपरीत, इस स्तर को पार करने में विफल रहने पर कीमत में $1.35 तक का करेक्शन आ सकता है।
वैश्विक मैक्रो स्थितियां और क्रिप्टो बाजार का समग्र रुझान
एक्सआरपी में यह मजबूती एक ऐसे समय में आई है जब समग्र क्रिप्टो बाजार में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। अमेरिका में जुलाई महीने का पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स अनुमान से थोड़ा अधिक आया है, जो यह दर्शाता है कि मुद्रास्फीति अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा अपने डेट बायबैक संचालन को दोगुना करने के फैसले ने बाजार में तरलता बढ़ाई है और आसान मौद्रिक स्थितियों की उम्मीद जगाई है। इसने निवेशकों के भीतर जोखिम लेने की क्षमता (रिस्क-ऑन सेंटीमेंट) को फिर से जीवित कर दिया है।
इतिहास की 7वीं सबसे बड़ी लिक्विडेशन घटना का सामना करने के बावजूद क्रिप्टो बाजार ने तेजी का रुख बनाए रखा है। बिटकॉइन (BTC) $78,000 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जिसमें हाल ही में 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखने को मिला था। एथेरियम (ETH) में पिछले हफ्ते 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के बाद बुल्स का दबदबा बना हुआ है और इसका 30-डे मूविंग एवरेज नेट टेकर वॉल्यूम पॉजिटिव में बदल चुका है, जिससे फ्यूचर्स मार्केट में खरीदारी का रुझान साफ झलकता है।
अन्य प्रमुख एल्टकॉइन्स की स्थिति
क्रिप्टो बाजार के अन्य सिक्कों में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। सोलाना (SOL) अपनी तेजी को जारी रखते हुए $100 के आंकड़े तक पहुंच गया है, जबकि डॉजकॉइन (DOGE) और रिपल दोनों ही पिछले हफ्ते के दोहरे अंकों के लाभ के बाद हल्के दबाव का सामना कर रहे हैं। SPX6900 और वीचेन (VeChain) पिछले 24 घंटों में दोहरे अंकों का लाभ दर्ज करके शीर्ष प्रदर्शन करने वालों के रूप में उभरे हैं।
दूसरी ओर, कार्डानो (ADA) में गिरावट का रुख है। पिछले हफ्ते 30 प्रतिशत की तेजी के बाद इस हफ्ते ADA में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ओपन इंटरेस्ट और फंडिंग रेट्स में कमी के कारण फ्यूचर्स मार्केट में रिटेल मांग घट रही है। तकनीकी दृष्टिकोण से ADA बेयरिश दिख रहा है और इसका अगला लक्ष्य 50-डे EMA ($0.1899) माना जा रहा है।
क्रिप्टो मार्केट फंडामेंटल्स: टोकन सप्लाई, वॉल्यूम और फंडिंग रेट्स
क्रिप्टो बाजार की इन गतिविधियों को गहराई से समझने के लिए कुछ बुनियादी तकनीकी मापदंडों को जानना आवश्यक है
- टोकन सप्लाई और मिंटिंग: प्रत्येक क्रिप्टोकरेंसी का डेवलपर उसकी कुल टोकन सीमा निर्धारित करता है। टोकन केवल माइनिंग, स्टेकिंग या एल्गोरिदम द्वारा निर्धारित तंत्र से मिंट किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, टोकन बर्निंग या गलत ब्लॉकचेन एड्रेस पर एसेट भेजने से सर्कुलेटिंग सप्लाई कम भी हो सकती है।
- मार्केट कैपिटलाइजेशन: किसी एसेट की सर्कुलेटिंग सप्लाई को उसकी वर्तमान बाजार कीमत से गुणा करके मार्केट कैप निकाला जाता है, जो उसकी कुल बाजार हिस्सेदारी को दर्शाता है।
- ट्रेडिंग वॉल्यूम: 24 घंटे के भीतर खरीदारों और विक्रेताओं के बीच एक्सचेंज किए गए कुल टोकन की संख्या को ट्रेडिंग वॉल्यूम कहते हैं। बढ़ता वॉल्यूम एसेट की मांग और उच्च लिक्विडिटी का संकेत देता है।
- फंडिंग रेट्स: यह परपेचुअल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स और स्पॉट मार्केट की कीमतों को संतुलित रखने वाला एक तंत्र है। जब फंडिंग रेट पॉजिटिव होता है, तो फ्यूचर्स प्राइस स्पॉट प्राइस से अधिक होती है, और लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन वाले ट्रेडर्स को भुगतान करते हैं। इसके विपरीत, नेगेटिव फंडिंग रेट की स्थिति में शॉर्ट पोजीशन वाले ट्रेडर्स लॉन्ग पोजीशन वालों को भुगतान करते हैं।



















