प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले कुछ दिनों के जोरदार उछाल के बाद अब करेक्शन की आशंकाएं गहराने लगी हैं। बिटकॉइन की कीमतों में नरमी आई है और यह अस्सी हजार डॉलर के दायरे से नीचे खिसक गया है। इसके बावजूद बाजार में संस्थागत पूंजी का प्रवाह लगातार बना हुआ है और ईटीएफ के जरिए निवेश का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारों का मानना है कि मौजूदा दौर में तकनीकी संकेतक काफी हद तक ओवरबॉट जोन में पहुंच चुके हैं, जिसके कारण कीमतों में थोड़ी सुस्ती या मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है।
बिटकॉइन और एथेरियम का तकनीकी रुझान
बिटकॉइन फिलहाल उन्यासी हजार आठ सौ अट्ठाइस डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके तकनीकी इंडिकेटर जैसे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अस्सी के करीब यानी ओवरबॉट स्थिति को दर्शा रहे हैं, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेन्स डाइवर्जेंस अभी भी सकारात्मक दायरे में बना हुआ है। यदि बाजार में गिरावट गहराती है, तो शुरुआती सपोर्ट दो सौ दिन के ईएमए के आसपास मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, एथेरियम ढाई हजार डॉलर के इर्द-गिर्द स्थिर है और इसके भी कई तकनीकी पैमाने मजबूत बने हुए हैं, हालांकि निवेशकों को ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का सामना करना पड़ सकता है।
ईटीएफ में लगातार निवेश और संस्थागत रुचि
विभिन्न फंडों में पूंजी का आना इस बात का प्रमाण है कि बड़े निवेशकों का रुख डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति सकारात्मक बना हुआ है। बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ में साप्ताहिक आधार पर अरबों डॉलर का निवेश दर्ज किया गया है, जिससे कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का आंकड़ा काफी ऊंचा पहुंच गया है। एथेरियम और रिपल से जुड़े उत्पादों में भी लगातार कई दिनों तक शुद्ध निवेश देखा गया है, जो इस बात का संकेत देता है कि व्यापक बाजार का ढांचा अभी भी मजबूत है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के रुझान अक्सर एक बड़े चक्र परिवर्तन की ओर इशारा करते हैं।
अन्य डिजिटल संपत्तियों की स्थिति और बाजार का मिजाज
क्रिप्टो बाजार के अन्य हिस्सों में भी सुगबुगाहट तेज है। पाई नेटवर्क से जुड़ी नई घोषणाओं और एथेना फाउंडेशन के बायबैक प्रोग्राम ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों और वैश्विक तरलता के माहौल का असर भी जोखिम भरी परिसंपत्तियों पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि विश्लेषकों का सुझाव है कि बढ़ती कीमतों के बीच तकनीकी संकेतक काफी खिंच चुके हैं, इसलिए ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि किसी भी अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।



















