कैनन पॉवरशॉट ELPH 360 HS A एक कॉम्पैक्ट एंट्री-लेवल पॉइंट-एंड-शूट डिजिटल कैमरा है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो भारी कैमरों के बजाय बेहद छोटे और हल्के डिवाइस पसंद करते हैं। यह कैमरा साल 2016 में लॉन्च किए गए मूल कैनन पॉवरशॉट ELPH 360 HS का ही एक हल्का सा अपडेटेड वर्जन है। इसमें वही 20.2-मेगापिक्सल का Type 1/2.3 CMOS सेंसर दिया गया है, जिसे कैनन के DIGIC 4+ इमेज प्रोसेसर के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, इसमें 25-300mm फुल-फ्रेम इक्विवेलेंट F3.6-7 लेंस मिलता है जो 12x ऑप्टिकल ज़ूम की सुविधा देता है। पुराने मॉडल की तुलना में इस नए वर्जन में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इसमें फुल-साइज SD कार्ड की जगह माइक्रो SD (microSD) मेमोरी कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, भले ही यह कैमरा स्मार्टफोन का एक पारंपरिक विकल्प बनने का प्रयास करता है, लेकिन समीक्षा और टेस्ट में इसकी तकनीकी परफॉर्मेंस काफी निराश करती है।
पॉकेट-फ्रेंडली डिजाइन और रोजमर्रा के इस्तेमाल में पकड़
कैनन पॉवरशॉट ELPH 360 HS A की सबसे बड़ी खासियत इसकी जबरदस्त पोर्टेबिलिटी है। 3.9 इंच चौड़ाई, 2.3 इंच ऊंचाई और 0.9 इंच मोटाई के साथ इसका कुल वजन महज 0.31 पाउंड (लगभग 140 ग्राम) है। इतने छोटे आकार की वजह से इसे किसी भी जेब या छोटे बैग में आसानी से रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है। कैमरा बंद होने पर इसका 12x ऑप्टिकल ज़ूम लेंस पूरी तरह से बॉडी के भीतर सिमट जाता है, जिससे यह बिल्कुल सपाट हो जाता है। इसके अलावा, यह कैमरा काफी तेजी से ऑन होता है, जिससे आप बिना इंतजार किए किसी भी लम्हे की तुरंत तस्वीर खींच सकते हैं।
लेकिन अत्यधिक स्लिम होने के कारण इसके इस्तेमाल में कुछ व्यावहारिक दिक्कतें भी आती हैं। पकड़ने के लिए पर्याप्त जगह न होने से लंबे समय तक शूटिंग करते समय इसे हाथ में संभालना थोड़ा सहज नहीं लगता। इसके साथ ही, इसकी बिल्ड क्वालिटी भी निराश करती है। कैमरे की बाहरी बॉडी काफी नाजुक प्लास्टिक से बनी है, जिस पर सामान्य इस्तेमाल के दौरान भी आसानी से खरोंचें और निशान पड़ जाते हैं। इसकी बैटरी लाइफ भी काफी कमजोर है जो जल्दी खत्म हो जाती है और लंबे समय तक फोटोग्राफी करने में बाधा बनती है। हालांकि इस सेगमेंट के कैमरों में ऐसी सीमाएं आम बात हैं, फिर भी यात्रा के दौरान एक मजबूत कैमरे की तलाश करने वाले यूजर्स को यह बिल्ड क्वालिटी निराश कर सकती है।
स्टिल फोटोग्राफी परफॉर्मेंस और रोशनी पर निर्भरता
तस्वीरें खींचने के मामले में कैमरे का प्रदर्शन रोशनी के हिसाब से काफी बदलता है। दिन की अच्छी धूप या पर्याप्त रोशनी वाले माहौल में यह कैमरा कैनन की प्रसिद्ध कलर साइंस की मदद से काफी खूबसूरत रंगों वाली JPEG तस्वीरें जनरेट करता है। कम ISO सेटिंग्स पर ली गई तस्वीरें सामान्य इस्तेमाल और फैमिली एलबम के लिए काफी साफ और सुंदर नजर आती हैं। इसका 12x ऑप्टिकल ज़ूम दूर की चीजों को बिना तस्वीर की क्वालिटी खराब किए पास लाने में काफी मददगार साबित होता है, जो साधारण स्मार्टफोन के डिजिटल ज़ूम की तुलना में एक बड़ा फायदा है। इसमें मौजूद इमेज स्टेबलाइजेशन हाथ से फोटो खींचते समय धुंधलापन रोकने में मदद करता है।
इन सकारात्मक पहलुओं के बावजूद, मुश्किल परिस्थितियों में इसकी सीमाएं साफ उजागर होती हैं। गंभीर फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सबसे बड़ी कमी यह है कि यह कैमरा रॉ (RAW) फॉर्मेट में तस्वीरें शूट नहीं करता। केवल कंप्रेस्ड JPEG फाइलों में रिकॉर्डिंग होने के कारण यूजर्स के पास फोटो एडिट करने के विकल्प सीमित हो जाते हैं, जिससे हाइलाइट्स और शैडो डिटेल्स को ठीक करना मुश्किल होता है। इसी वजह से यह लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए सही नहीं माना जाता। इसके अलावा, कम रोशनी वाले इलाकों में इमेज क्वालिटी तेजी से गिरती है और अच्छी फोटो के लिए पर्याप्त रोशनी होना बेहद जरूरी हो जाता है।
स्पोर्ट्स और वाइल्डलाइफ शूटिंग में ऑटोफोकस की सीमाएं
हालांकि 12x ऑप्टिकल ज़ूम दूर की वस्तुओं को कैप्चर करने के लिए अच्छी रीच प्रदान करता है, लेकिन स्पोर्ट्स और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए कैनन पॉवरशॉट ELPH 360 HS A बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। इसका मुख्य कारण इसका बेहद साधारण और प्राथमिक ऑटोफोकस सिस्टम है। इस कैमरे में सब्जेक्ट ट्रैकिंग की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से लगातार बर्स्ट मोड में शूटिंग करते समय यह तेजी से हिलते हुए विषयों पर फोकस बनाए रखने में असमर्थ रहता है।
इसके साथ ही, इसकी शूटिंग स्पीड भी काफी कम और निराशाजनक है। खेलकूद या उड़ते हुए पक्षियों की तेज तस्वीरें खींचने के लिए 1/2,000 सेकेंड जैसी तेज शटर स्पीड की आवश्यकता होती है, जिसके लिए बहुत अधिक रोशनी चाहिए होती है क्योंकि इसका लेंस F3.6-7 अपर्चर वाला है। तेज एक्शन वाले दृश्यों में इसका कमजोर ऑटोफोकस और धीमी गति बेहतर परिणाम देने में विफल रहते हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग क्षमताएं और ब्लॉगिंग में आने वाली कमियां
वीडियो रिकॉर्डिंग के मोर्चे पर कैनन पॉवरशॉट ELPH 360 HS A का प्रदर्शन काफी कमजोर रहता है। यह केवल 1080p रेजोल्यूशन पर 30 fps तक ही वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इन वीडियो फाइलों में ज्यादा डिटेल देखने को नहीं मिलती, जिससे यह स्टूडियो वीडियो या हाई-क्वालिटी कंटेंट क्रिएशन के लायक नहीं रहता। इसमें सबसे बड़ी तकनीकी पाबंदी 4GB फाइल साइज की सीमा है, जिसकी वजह से एक बार में केवल 18 मिनट तक ही लगातार वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
ब्लॉगर्स और व्लॉगिंग करने वालों के लिए भी यह कैमरा निराश करने वाला है। इसमें फ्लिप स्क्रीन नहीं दी गई है, जिससे कैमरे के सामने रहकर फ्रेमिंग देखना असंभव होता है। इसके अलावा, इसका ऑटोफोकस सिस्टम वीडियो बनाते समय चेहरों या चलती हुई चीजों पर ठीक से फोकस ट्रैक नहीं कर पाता। चाहे स्टूडियो वीडियो हो, एक्शन शूटिंग हो या कैजुअल व्लॉगिंग, आज के आधुनिक स्मार्टफोन्स इस कैमरे की तुलना में कहीं बेहतर वीडियो क्वालिटी, अधिक डिटेल और सटीक ऑटोफोकस ट्रैकिंग प्रदान करते हैं।



















