क्रिप्टो बाजार में सोलाना के दाम सोमवार को 100 डॉलर के आसपास मंडरा रहे हैं। एक दिन पहले इसमें 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह डिजिटल एसेट अपने मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर की कड़ी परीक्षा ले रहा है।
संस्थागत निवेशकों का भारी निवेश और गवर्नेंस अपडेट
सोलाना से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में पिछले सप्ताह शानदार पूंजी आई है। इन ईटीएफ में 15.38 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश दर्ज किया गया है और लगातार नौ दिनों तक इसमें लगातार फंड आता रहा है। इस तरह के मजबूत प्रवाह से बड़े निवेशकों और खुदरा खरीदारों दोनों का जोखिम उठाने का उत्साह बढ़ता है।
नेटवर्क के स्तर पर बात करें तो सोलाना वैलिडेटर्स ने डिस्इन्फ्लेशन दर को दोगुना कर 30 प्रतिशत करने के पक्ष में मतदान किया है और एक नए गवर्नेंस ढांचे की स्थापना की है। हालांकि उपयोग के आधार पर फीस तय करने का प्रस्ताव खारिज हो गया, जिससे दैनिक टोकन बर्न में बढ़ोतरी नहीं हो पाई।
तकनीकी संकेतक और मूविंग एवरेज का हाल
सोमवार को कारोबार के दौरान सोलाना 101.59 डॉलर के इर्द-गिर्द ट्रेड कर रहा है और बाजार में इसका रुझान सकारात्मक बना हुआ है। यह टोकन अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 85.05 डॉलर, 100-दिवसीय ईएमए 82.77 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 89.71 डॉलर से ऊपर टिका हुआ है।
तकनीकी मोर्चे पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स दैनिक चार्ट पर ओवरबॉट जोन से घटकर 67 पर आ गया है, जिससे खरीदारी के दबाव में थोड़ी नरमी का संकेत मिलता है। इसके साथ ही एमएसीडी भी सिग्नल लाइन की ओर नीचे की तरफ झुक रहा है, जो घटती हुई खरीदारी की रफ्तार को पुष्ट करता है।
प्रमुख बाधाएं और समर्थन स्तर
ऊपरी स्तरों पर तेजी को विस्तार देने के लिए सोलाना के सामने 18 दिसंबर का निचला स्तर 116.88 डॉलर एक बड़ी बाधा के रूप में खड़ा है। इसके पार जाने पर ही किसी लंबी रैली की उम्मीद की जा सकती है।
दूसरी ओर नीचे की तरफ तत्काल तकनीकी समर्थन 1 फरवरी के 98.02 डॉलर के स्तर पर है। इसके बाद 200-दिवसीय ईएमए 89.71 डॉलर और 50-दिवसीय ईएमए 85.05 डॉलर पर मजबूत सुरक्षा घेरा प्रदान करते हैं।
व्यापक क्रिप्टो बाजार का रुख
समूचे क्रिप्टो जगत में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। रिपल के टोकन पर दबाव बना हुआ है और यह 1.40 डॉलर के समर्थन स्तर को बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। इसी तरह बिटकॉइन भी 80,000 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि एथेरियम और अन्य एसेट्स में भी सुस्ती का दौर जारी है।



















