राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक नई योजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आगामी त्योहारों के सीजन के मद्देनजर सरकार की ओर से एक खास पहल शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिससे राजधानी की बहनों और किन्नर समुदाय के लोगों को बड़ा लाभ मिल सके। इस प्रस्तावित योजना के जरिए लाभार्थियों को न केवल रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि उनकी आय का एक मजबूत जरिया भी तैयार होगा।
दुर्गा स्कीम के तहत मिलेंगे 1,300 ई-ऑटो परमिट
महिला और ट्रांसजेंडर समुदायों को सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से जोड़ने के लिए दुर्गा यानी ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वुमेन एंड ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो स्कीम लाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली के सभी 13 जिलों में से प्रत्येक जिले के लिए 100 ई-ऑटो परमिट निर्धारित किए गए हैं। कुल मिलाकर 1,300 परमिट वितरित किए जाएंगे, जिनमें से 90 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं के लिए और शेष 10 प्रतिशत परमिट ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के वास्ते आरक्षित रखे गए हैं।
कैबिनेट मंजूरी के बाद जल्द हो सकता है ऐलान
प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस पूरी योजना का खाका तैयार किया जा चुका है और इसका आधिकारिक नोट जल्द ही मंत्रिमंडल के समक्ष विचार तथा अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। जैसे ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी मिलेगी, सरकार की तरफ से इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि इसे जनता के लिए एक विशेष दिवाली भेंट के रूप में सामने लाया जा सकता है, जिससे पात्र नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
लेटर ऑफ इंटेंट और स्वरोजगार को बढ़ावा
इस दुर्गा योजना के माध्यम से चुने गए योग्य लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक ऑटो का संचालन करने के वास्ते लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया जाएगा। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के बीच स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना, उनकी आजीविका की स्थिति में सुधार करना और साथ ही राजधानी क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
ऑनलाइन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे ई-ऑटो
लाभार्थियों की आमदनी को नियमित और सुरक्षित बनाने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि इन ई-ऑटो चालकों को विभिन्न ऑनलाइन कैब और ऑटो एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाए। इसकी मदद से आम लोग आसानी से अपने मोबाइल के जरिए इन वाहनों को बुक कर सकेंगे, जिससे चालकों की कमाई में इजाफा होगा। इसके अलावा उन्हें सवारियों की तलाश में सड़कों पर भटकने या केवल स्टैंड्स पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ निश्चित मापदंड तय किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। इस योजना के नियम और शर्तें इस प्रकार हैं
- आयु सीमा: आवेदन करने वाली महिला या ट्रांसजेंडर की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- पारिवारिक सीमा: एक परिवार से केवल एक ही महिला इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए पात्र मानी जाएगी।
- वाहन स्वामित्व: आवेदक के पास पहले से कोई भी तीन पहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
- संतान की आयु: जो महिलाएं आवेदन कर रही हैं, उनके बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आय सीमा: आवेदकों के परिवार की कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
इसके साथ ही, इन वाहनों के आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल का विकास किया जा रहा है, हालांकि ऑटो का अंतिम वितरण लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होने की संभावना जताई गई है।
सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन
इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-30 के प्रावधानों के तहत कई तरह की राहत और सहायता दी जाएगी। इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद पर पहले ही वर्ष में 50,000 रुपये का विशेष खरीद प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा नीति की पूरी अवधि के दौरान शहर के भीतर पंजीकृत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
पहचान और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सार्वजनिक सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए चालकों को विशेष रूप से 'दुर्गा' जैकेट, कैप और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि यात्री और कानून प्रवर्तन एजेंसियां उन्हें आसानी से पहचान सकें। इसके अलावा इन ऑटो के भीतर महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर और अन्य आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
चार्जिंग और पार्किंग की विशेष सुविधाएं
सरकार की योजना इन ई-ऑटो को उन स्थानों से संचालित करने की है जहां यात्रियों की मांग सबसे अधिक रहती है। इसमें दिल्ली मेट्रो स्टेशनों और आरआरटीएस स्टेशनों के नजदीक बने ऑटो स्टैंड शामिल किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा और वाहनों की बैटरी चार्जिंग को ध्यान में रखते हुए मेट्रो और आरआरटीएस परिसरों के पास पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्धारित पार्किंग स्थल भी उपलब्ध कराए जाने की योजना है।



















