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मानसून की एक ही बारिश में घुटनों तक पानी में डूबा मथुरा, सड़कों पर मचा हाहाकारउत्तर प्रदेश
4 जुल॰ 2026, 10:40 pm (45 दिन पहले)· 3

मानसून की एक ही बारिश में घुटनों तक पानी में डूबा मथुरा, सड़कों पर मचा हाहाकार

उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली भारी बारिश ने मथुरा में नगर निगम के दावों की पोल खोल दी, नए बस स्टैंड, चौक बाजार, द्वारकाधीश मंदिर और भूतेश्वर पुल के आसपास सड़कें पानी में डूब गईं और लोगों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा।

उत्तर प्रदेश में मानसून ने इस हफ्ते दस्तक दी और पहली ही झमाझम बारिश ने मथुरा में नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर के प्रमुख इलाकों में सड़कों पर इतना पानी भर गया कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। नए बस स्टैंड पुल के नीचे, चौक बाजार, द्वारकाधीश मंदिर के आसपास के इलाके और भूतेश्वर पुल के नीचे की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे श्रद्धालु भी हुए परेशान

भारी बारिश के बाद मथुरा के मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को निकलना मुश्किल हो गया और सड़कों पर लंबा जाम लग गया। कई गाड़ियां पानी में बंद पड़ गईं, जबकि स्कूटी और मोटरसाइकिल जलभराव में बहने लगीं। आसपास के दुकानदारों ने आगे बढ़कर इन वाहनों को खींचकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। पैदल चलने वालों और बाजार जाने वाले लोगों को भी जलभराव के चलते खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु भी इस जलभराव में फंस गए और उन्हें मंदिर तक पहुंचने में परेशानी हुई। नए बस स्टैंड और भूतेश्वर पुल के नीचे पानी इतना भर गया कि कुछ देर के लिए वहां यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया। मजबूरन वाहन चालकों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जिसके चलते शहर के बाकी मार्गों पर भी जाम की नौबत आ गई।

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हर बरसात में दोहराई जाती है यही कहानी

सड़कों पर भरे पानी को देखकर मथुरा के स्थानीय निवासियों का गुस्सा नगर निगम प्रशासन पर फूट पड़ा। लोगों ने कहा कि हर साल बारिश आते ही यही हालात बनते हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। नालों की सफाई समय पर नहीं होती और मौजूदा जल निकासी व्यवस्था इतनी कमजोर है कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि जलभराव की इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाए और मानसून शुरू होने से पहले ही नालों की ठीक से सफाई कराई जाए, ताकि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश में शहरवासियों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दोबारा इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सवाल-जवाब

मथुरा में जलभराव की समस्या कब सामने आई?
इस हफ्ते की शुरुआत में मानसून पहुंचने के बाद हुई पहली ही भारी बारिश में मथुरा की सड़कों पर भारी जलभराव हो गया।
मथुरा में सबसे ज्यादा जलभराव कहां देखा गया?
नए बस स्टैंड पुल के नीचे, चौक बाजार, द्वारकाधीश मंदिर के आसपास और भूतेश्वर पुल के नीचे की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं।
क्या द्वारकाधीश मंदिर के श्रद्धालु भी प्रभावित हुए?
हां, दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी जलभराव के कारण मंदिर तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाहन चालकों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा?
घुटनों तक भरे पानी में कई वाहन बंद हो गए और स्कूटी, मोटरसाइकिल जलभराव में बहने लगीं, जिन्हें स्थानीय दुकानदारों की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्या मांग की?
लोगों ने नगर निगम से जलभराव का स्थायी समाधान निकालने और मानसून से पहले नालों की प्रभावी सफाई कराने की मांग की।
लोगों का कहना है कि यह समस्या कब से चली आ रही है?
स्थानीय निवासियों के मुताबिक हर बारिश में यही हाल होता है, क्योंकि नगर निगम की ओर से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है।
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