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राजधानी के नागरिक विकास को रफ्तार, दिल्ली सरकार ने स्थानीय निकायों के लिए जारी किए 1,850.66 करोड़ रुपयेदिल्ली
23 सित॰ 2026, 5:58 pm (35 मिनट पहले)· 0

राजधानी के नागरिक विकास को रफ्तार, दिल्ली सरकार ने स्थानीय निकायों के लिए जारी किए 1,850.66 करोड़ रुपये

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बेसिक टैक्स असाइनमेंट की दूसरी किस्त के तहत 1,850.66 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें से 1,820.40 करोड़ रुपये अकेले एमसीडी को मिलेंगे।

राष्ट्रीय राजधानी में जमीनी स्तर की नागरिक सेवाओं और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान तीनों स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हुए बेसिक टैक्स असाइनमेंट यानी BTA के तहत दूसरी किस्त की मंजूरी दे दी है। इसके तहत कुल 1,850.66 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है। इस भुगतान की आधिकारिक सहमति 21 सितंबर 2026 को प्रदान की गई थी, जिसकी विधिवत घोषणा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने की।

नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन का आधार

प्रशासनिक स्तर पर तय की गई इस वित्तीय व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर दैनिक नागरिक सुविधाओं को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी के स्थानीय निकायों को विकास और रखरखाव कार्यों के संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा का सामना न करना पड़े। समय पर आवश्यक बजट मिलने से नगर निगमों की निर्भरता और कार्यक्षमता दोनों में स्थिरता बनी रहती है, जिससे आम जनता से जुड़ी जरूरी सेवाओं को निरंतर गति मिलती है।

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तीनों निकायों के बीच बजट का विवरण

स्वीकृत की गई 1,850.66 करोड़ रुपये की कुल राशि में सबसे बड़ा हिस्सा नगर निगम दिल्ली (MCD) को आवंटित किया गया है। निगम के खाते में 1,820.40 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जाएगी, जो कुल आवंटन का लगभग पूरा हिस्सा है। इसके अलावा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के लिए 17.95 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को 12.31 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस बंटवारे के साथ तीनों निकायों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में तय नागरिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

पूरे वित्त वर्ष का चरणबद्ध वित्तीय खाका

वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बेसिक टैक्स असाइनमेंट के तहत राजधानी के स्थानीय निकायों के लिए कुल 3,701.32 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रावधान निर्धारित किया गया है। इस पूरी योजना को चरणों में लागू किया जा रहा है

  • पहली किस्त का आवंटन: निर्धारित वार्षिक बजट में से 925.33 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही नगर निकायों को स्थानांतरित की जा चुकी है।
  • दूसरी किस्त की ताजा मंजूरी: चालू चरण में 1,850.66 करोड़ रुपये जारी करने की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
  • अंतिम चरण की योजना: शेष बची 925.33 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त जनवरी से मार्च 2027 के बीच जारी करने की रूपरेखा तय की गई है।

इस व्यवस्थित वितरण प्रणाली का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पूरे साल स्थानीय निकायों के पास विकास कार्यों के लिए नकदी का पर्याप्त प्रवाह बना रहे।

किन कार्यों में खर्च होगी यह राशि

स्थानीय निकायों को आवंटित यह भारी-भरकम राशि राजधानी की रोजमर्रा की व्यवस्था सुधारने में लगाई जाएगी। प्राथमिक तौर पर इसका उपयोग मोहल्लों और कॉलोनियों से दैनिक कचरा उठाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंतरिक गलियों और स्थानीय सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण, रखरखाव तथा रात के समय प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव पर यह फंड खर्च होगा।

स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सार्वजनिक पार्कों का सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों की देखरेख भी इसी बजट से की जाएगी। साथ ही, नगर निकायों द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के दैनिक प्रबंधन, शैक्षणिक माहौल और स्थानीय स्तर की स्वास्थ्य डिस्पेंसरी में दवाओं तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने में भी इस आर्थिक मदद की अहम भूमिका होगी।

सख्त वित्तीय अनुशासन और निगरानी के नियम

फंड का आवंटन केवल जनहित से जुड़े विकास कार्यों में ही हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। तीनों निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन करें और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही राशि का व्यय करें। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निकायों को तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilization Certificate) जमा कराना अनिवार्य किया गया है। पूरी धनराशि सीधे RTGS अथवा NEFT प्रणाली के जरिए संबंधित निकायों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है, ताकि किसी प्रकार का विलंब न हो।

सवाल-जवाब

दिल्ली सरकार ने स्थानीय निकायों के लिए कितनी राशि की दूसरी किस्त मंजूर की है?
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के तहत बेसिक टैक्स असाइनमेंट की दूसरी किस्त के रूप में कुल 1,850.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इस किस्त में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को कितना पैसा मिलेगा?
कुल जारी राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी 1,820.40 करोड़ रुपये सीधे नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।
एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को कितना आवंटन किया गया है?
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को 17.95 करोड़ रुपये और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को 12.31 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बीटीए के तहत कुल कितना बजट तय है?
पूरे वित्त वर्ष के लिए कुल 3,701.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से पहली किस्त 925.33 करोड़ रुपये पहले ही जारी की जा चुकी है।
इस वित्तीय सहायता की तीसरी किस्त कब जारी की जाएगी?
शेष बची 925.33 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त जनवरी से मार्च 2027 के बीच स्थानीय निकायों को जारी की जाएगी।
इस फंड का उपयोग किन-किन प्राथमिक नागरिक कार्यों में किया जाएगा?
इस राशि का इस्तेमाल कूड़ा उठाने, अपशिष्ट निस्तारण, स्थानीय सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव, प्राथमिक स्कूलों और डिस्पेंसरियों के संचालन में होगा।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·10 मिनट पहले

कल ही जब कॉलोनी के पार्क में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी समय पर नहीं आई थी, तो लगा था कि निगम के पास पैसों की कमी होगी। उम्मीद है इस फंड से हालात सुधरेंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। उम्मीद है इस बजट से एमसीडी के पास गाड़ी और सफाई का स्टाफ समय पर काम करेगा।

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