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उत्तराखंड के किच्छा और सिरौलीकलां में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, मतगणना पर लगी है न्यायिक रोकउत्तराखंड
22 सित॰ 2026, 9:31 am (46 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड के किच्छा और सिरौलीकलां में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, मतगणना पर लगी है न्यायिक रोक

ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा और सिरौलीकलां में 63,831 मतदाताओं ने स्थानीय निकाय चुनाव में वोट डाले, हालांकि कानूनी विवाद के कारण मतगणना की प्रक्रिया रुकी रहेगी।

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले किच्छा नगर पालिका परिषद और नवगठित सिरौलीकलां नगर पंचायत में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर मतदान केंद्रों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक प्रबंध पूरे किए गए थे, जिसके चलते सुबह से ही नागरिक कतारों में लगकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इन दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 63,831 पंजीकृत मतदाता मैदान में उतरे विभिन्न प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का निर्धारण कर रहे हैं। हालांकि इस चुनावी प्रक्रिया के बीच सबसे अहम पहलू यह है कि मतदान पूरा होने के बावजूद वोटों की गिनती तत्काल नहीं कराई जाएगी, क्योंकि उच्च न्यायालय ने मतगणना पर आगामी निर्देश आने तक रोक लगा रखी है।

उच्च न्यायालय में कानूनी विवाद और मतगणना पर अंतरिम रोक

स्थानीय निकायों से जुड़े सीमा और दर्जे के विवाद पर उच्च न्यायालय में पहले सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया था कि दोनों स्थानीय निकायों में मतदान का आयोजन 22 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने न्यायालय को यह भी जानकारी दी कि मतदान संपन्न हो जाने के बाद होने वाली मतों की गिनती को अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखा गया है। आयोग द्वारा जारी की गई संशोधित अधिसूचना को रिकॉर्ड पर लेते हुए न्यायालय ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तिथि नियत की है।

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अधिसूचना को दी गई चुनौती और संवैधानिक प्रावधानों पर बहस

इस पूरे मामले की जड़ किच्छा निवासी नईम उल शान और मोहम्मद रफीक द्वारा दाखिल की गई याचिका से जुड़ी है। इन याचिकाकर्ताओं ने किच्छा नगर पालिका से संबंधित 24 अप्रैल 2025 की अस्थायी अधिसूचना के खिलाफ न्यायालय का रुख किया था। इसके उपरांत राज्य सरकार ने मई 2025 में सिरौलीकलां क्षेत्र को एक पृथक नगर पालिका के रूप में अधिसूचित करने का कदम उठाया। याचिकाकर्ताओं ने इस सरकारी फैसले को चुनौती देते हुए यह आधार लिया कि जब सिरौलीकलां पहले से ही किच्छा नगर पालिका का अभिन्न अंग रहा है, तो फिर संविधान के अनुच्छेद 243 में दिए गए प्रविधानों के विपरीत जाकर उसे इस प्रकार अलग कैसे किया जा सकता है।

अदालती आदेशों और अंतरिम स्थगन के उल्लंघन की दलील

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि सिरौलीकलां को एक स्वतंत्र नगर पालिका घोषित करना उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। इसके साथ ही वर्ष 2024 में जारी किए गए अंतरिम स्थगनादेश की अवहेलना का मुद्दा भी उठाया गया, जिसके तहत विधिक रूप से सिरौलीकलां की स्थिति अब भी किच्छा नगर पालिका के हिस्से के तौर पर ही बनी हुई है। इसी वैधानिक पेच के चलते चुनावी प्रक्रिया में मतदान को तो अनुमति दी गई, लेकिन परिणाम की घोषणा से संबंधित मतगणना को न्यायिक समीक्षा के दायरे में रोक दिया गया है।

मतदाताओं का संख्याबल और पहली बार अध्यक्ष चुनने का अवसर

नगर निकाय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, किच्छा में कुल पंजीकृत मतदाताओं की तादाद 52,240 है। इस मतदाता सूची में 27,029 पुरुष मतदाता, 25,207 महिला मतदाता और 4 अन्य श्रेणी के मतदाता दर्ज हैं। दूसरी तरफ, सिरौलीकलां निकाय क्षेत्र में कुल 11,591 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 6,156 पुरुष और 5,435 महिला मतदाता शामिल हैं। इस निकाय का चुनावी परिदृश्य ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2018 तक सिरौलीकलां किच्छा नगर पालिका के प्रशासनिक नियंत्रण में था। अब एक स्वतंत्र नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में आने के बाद यहां के स्थानीय निवासी पहली बार अपने स्वतंत्र निकाय अध्यक्ष का सीधे चुनाव कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

किच्छा और सिरौलीकलां में मतदान किस तारीख को हो रहा है?
राज्य निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों निकायों में मतदान 22 सितंबर को आयोजित किया गया है।
उच्च न्यायालय ने मतगणना पर रोक क्यों लगाई है?
सिरौलीकलां को अलग निकाय बनाने के खिलाफ दायर याचिका और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की सुनवाई के चलते कोर्ट ने मतगणना अग्रिम आदेशों तक स्थगित की है।
इस मामले में अदालत की अगली सुनवाई कब होगी?
उच्च न्यायालय ने इस पूरे विवाद की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
किच्छा नगर पालिका में कितने मतदाता पंजीकृत हैं?
किच्छा में कुल 52,240 मतदाता हैं, जिनमें 27,029 पुरुष, 25,207 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।
सिरौलीकलां में कुल कितने मतदाता हैं?
सिरौलीकलां में कुल 11,591 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 6,156 पुरुष और 5,435 महिला मतदाता हैं।
सिरौलीकलां के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक क्यों है?
सिरौलीकलां 2018 में किच्छा नगर पालिका के अधीन था, और अब अलग नगर पंचायत बनने के बाद यहां के लोग पहली बार अपना अलग चेयरमैन चुन रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·45 दिन पहले

वोटिंग तो करवा ली, पर जब रिजल्ट 5 अक्टूबर तक रोक ही दिया था, तो चुनाव की ऐसी क्या जल्दी थी? क्या इस बीच बैलेट बॉक्स की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम हैं?

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·45 दिन पहले

रविकेश जी, सही सवाल है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की अदालत में जब 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी, तब ही असल स्थिति साफ हो पाएगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·45 दिन पहले

वोटिंग तो करवा ली, पर जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक इन वोटों का क्या फायदा होगा? 5 अक्टूबर को सुनवाई के बाद ही असली तस्वीर साफ होगी कि आगे क्या होता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·45 दिन पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। मैं पिछली बार किच्छा गया था, तब भी वहाँ ऐसा ही कानूनी पेंच फंसा हुआ था और लोग असमंजस में थे।

Rohan Verma@rohan-verma·45 दिन पहले

वोटिंग करवा ली पर गिनती रोक दी, ये तो अजीब स्थिति है। जब फैसला आना ही 5 अक्टूबर को था तो चुनाव थोड़े दिन रोक लेते, जनता के वोट ईवीएम में बंद रखकर उनका क्या फायदा हुआ?

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