देश के अब तक के सबसे बड़े ड्रग तस्करी मामलों में गिने जा रहे 3000 किलो हेरोइन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाया है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत एजेंसी ने इस केस के मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के साथ ही 24 और 25 जून 2026 को दिल्ली में उससे और उसके साथियों से जुड़े 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और आतंकी फंडिंग के नेटवर्क से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं।
एनआईए की एफआईआर से शुरू हुई जांच
यह पूरी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ी। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश तेज की। इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत भी कार्रवाई चल रही है। एजेंसी के मुताबिक हरप्रीत सिंह तलवार एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा था।
भारत से दुबई तक फैला नेटवर्क
इस गिरोह का जाल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। इसकी जड़ें अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई तक फैली हुई थीं। इसी नेटवर्क के जरिए बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी होती थी और तस्करी से होने वाली कमाई को हवाला के रास्ते विदेश भेजा जाता था। एनआईए इस केस में पहले ही छह चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
74 करोड़ हवाला से अफगानिस्तान भेजे गए
जांच में सामने आया कि ड्रग तस्करी से कमाए गए करीब 74 करोड़ रुपये हवाला नेटवर्क के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचाने में किया गया। यही वजह है कि इस केस को सिर्फ ड्रग तस्करी नहीं, बल्कि आतंकी फंडिंग से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
ईडी की इस ताजा कार्रवाई को इस पूरे नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कहा जा रहा है। छापेमारी में जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और ड्रग तस्करी, हवाला कारोबार तथा आतंकी फंडिंग से जुड़े कई नए नाम भी खुलकर सामने आ सकते हैं।













