राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मॉनसून की मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। दिल्ली के देवली इलाके में भारी बारिश के बाद एक प्राइवेट पार्किंग की बाउंड्री वॉल अचानक ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में पार्किंग में खड़ी 10 से अधिक कारें मलबे के नीचे दबकर बुरी तरह तबाह हो गईं। गनीमत यह रही कि जिस समय दीवार गिरी, उस वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि होने से टल गई। हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है और उन्होंने नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जलभराव और सीवर खुदाई बनी हादसे की मुख्य वजह
देवली में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके के पूरे ड्रेनेज नेटवर्क पर सवाल खड़े किए हैं। इलाके में रहने वाले प्रवीण कुमार और प्रशांत ने बताया कि यह दुर्घटना दिल्ली नगर निगम (MCD) की लापरवाही का सीधा नतीजा है। निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए सडकों और गलियों की खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद नालियों और सीवर को खुला छोड़ दिया गया, जिससे बारिश का पानी जमा होने लगा। पानी की निकासी का कोई रास्ता न होने के कारण जलभराव बढ़ गया और पानी सीधे दीवार की नींव में समाता चला गया। नींव कमजोर होने की वजह से पूरी दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
मासिक शुल्क देने के बावजूद पार्किंग में हुआ भारी नुकसान
पीड़ित वाहन मालिकों ने बताया कि वे सुरक्षा के लिहाज से अपनी गाड़ियों को इस प्राइवेट पार्किंग लॉट में खड़ा करते थे। इसके लिए हर महीने ₹1,500 से ₹1,800 तक का शुल्क भी चुकाया जाता था। पिछले 8 वर्षों से लोग इस जगह पर बिना किसी परेशानी के अपनी कारें पार्क करते आ रहे थे और इससे पहले यहां कभी ऐसा हादसा नहीं हुआ था। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मॉनसून के दौरान नगर निगम की तरफ से निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया, जिससे यह पहली बार इतना बड़ा नुकसान देखना पड़ा है। गलियां खोदे जाने और सीवर ओवरफ्लो होने से पूरी लेन में पानी भर गया था।
दिल्ली NCR में बारिश से जनजीवन बेहाल, 2011 का रिकॉर्ड टूटा
दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में बीते 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। राजधानी की प्रमुख सड़कें और रिहायशी कॉलोनियां पानी में डूब चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्ष 2011 के बाद से इस बार अगस्त महीने की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। केवल अगस्त के पहले सप्ताह में ही 127 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार इलाके में जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी देखी गई, वहीं नोएडा की सडकों पर भी पानी का तेज बहाव बना हुआ है।
हरियाणा के 10 जिलों में अलर्ट, गुरुग्राम में सड़कें बनीं दरिया
दिल्ली से सटे हरियाणा के इलाकों में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने हरियाणा के 10 जिलों के लिए तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। गुरुग्राम में लगातार दूसरे दिन भारी जलभराव के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं। रोहतक और फरीदाबाद जिलों में भी गलियों में कई फीट पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। जगह-जगह लगे लंबे ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



















