भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में कल हुई मूसलाधार बारिश के बाद आज दिल्ली समेत देश के 15 से अधिक राज्यों के लिए बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों की ओर से जारी उच्च-स्तरीय मौसम संबंधी सलाह में कई राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी शामिल है। इसमें लगातार भारी वर्षा होने, स्थानीय स्तर पर अचानक बादल फटने, तेज आकाशीय बिजली कड़कने और भयंकर तूफ़ान की आशंका जताई गई है। देश भर में चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मॉनसून ट्रफ़ के कारण बारिश का दौर अचानक काफी तेज़ हो गया है, जिसके चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तरी केरल तथा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दिल्ली एनसीआर में बादलों का प्रवाह और बारिश का सटीक समय
मौसम विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में कल भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू किया गया था, जिसे आज की मौसम स्थितियों को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट में बदल दिया गया है। मौसम विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि भारी वर्षा लाने वाले बादलों का एक विशाल समूह अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से से आगे बढ़कर पड़ोसी राज्य हरियाणा की दिशा में स्थानांतरित हो गया है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में मौजूद बारिश की फ़ीडर बैंड्स आज दिल्ली और एनसीआर के बाकी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं और दिन भर मौसम पर गहरा प्रभाव डालेंगी।
पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह 11 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच मध्यम से भारी बारिश के कई दौर रुक-रुक कर देखने को मिल सकते हैं। इस समयावधि में लगभग 20 मिलीमीटर से 60 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। एनसीआर के अलग-अलग शहरों में अलर्ट का स्तर अलग तय किया गया है, जिसके तहत नोएडा और गाजियाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि गुरुग्राम और फरीदाबाद के इलाकों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट और मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने देश के पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में व्यापक वर्षा की चेतावनी जारी की है। ओडिशा राज्य में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि वहां के कुछ अत्यंत संवेदनशील इलाकों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल, माहे और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।
मौसम विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक अलर्ट सूची के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगा के मैदानी क्षेत्रों वाले पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई दूर-दराज इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही मॉनसून की बारिश की वजह से कई राज्यों में जलजमाव, शहरी इलाकों में बाढ़ और सड़कों पर भीषण यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
आम जनता और यात्रियों के लिए मौसम विभाग की सुरक्षा सलाह
भारी बारिश और खराब मौसम के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बहुत अधिक आवश्यक न हो, तो वे अपने घरों से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी अनिवार्य काम से बाहर निकलना ही पड़े, तो अपने साथ छाता और रेनकोट जैसे सुरक्षा उपकरण जरूर रखें। सड़कों पर चलते समय पानी भरे गड्ढों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और दोपहिया वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने घर से निकलने से पहले अपनी फ़्लाइट की ताजा और मौजूदा स्थिति जांच लें तथा हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए सामान्य समय से अतिरिक्त समय लेकर निकलें। गाड़ी चलाने वाले लोगों को पानी में पूरी तरह डूबे हुए अंडरपास, निचले पुल या अत्यधिक जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने का प्रयास न करने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त, नदियों, नहरों और बाढ़ की संभावना वाले निचले इलाकों के आसपास रहने वाले नागरिकों को नदी के किनारों पर जाने से पूरी तरह बचना चाहिए और प्रशासन की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करना चाहिए।



















