त्योहारों की आहट शुरू होते ही घर के कोने-कोने को चमकाने की तैयारियां ज़ोरों से शुरू हो जाती हैं। कमरे की दीवारों और लकड़ी या प्लास्टिक के फर्नीचर को तो आसानी से पोंछकर साफ किया जा सकता है, लेकिन कपड़े वाले सोफे पर लगे जिद्दी दाग-धब्बे और जमी हुई धूल को हटाना काफी मुश्किल काम साबित होता है। अधिकांश लोग मानते हैं कि गंदे सोफे को फिर से नया जैसा बनाने के लिए महंगे ड्राई क्लीनर की मदद लेना ही एकमात्र रास्ता है, जिस पर भारी खर्च आता है। हालांकि, अगर आप बिना जेब ढीली किए अपने सोफे की खोई हुई रंगत वापस लाना चाहते हैं, तो रसोई में मौजूद कुछ मामूली चीजों की मदद से एक असरदार घोल बनाकर सोफे को घर पर ही पूरी तरह साफ कर सकते हैं।
घर पर तैयार करें सोफा सफाई का खास घोल
सोफे के कुशन और कपड़ों की सफाई के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में लगभग एक लीटर सामान्य या ठंडा पानी लें। इस पानी में दो चम्मच माइल्ड शैम्पू या बेबी शैम्पू मिलाएं और अच्छी तरह से घोल लें। ध्यान रखें कि शैम्पू की मात्रा निर्धारित माप से अधिक न हो, क्योंकि बर्तन में ज्यादा झाग बनने से बाद में सोफे की सफाई करना और झाग को हटाना कठिन हो जाता है। जब शैम्पू पानी में पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें एक चम्मच ताजा नींबू का रस डालें और दोबारा अच्छी तरह मिलाएं। नींबू का रस सोफे की ऊपरी सतह पर जमी मैल को काटने और हल्की दुर्गंध को दूर करने में मददगार होता है। अगर आपकी रसोई में सफेद सिरका यानी विनेगर उपलब्ध है, तो इस घोल में उसकी भी थोड़ी सी मात्रा मिलाई जा सकती है, जिससे दाग हटाने की क्षमता और बढ़ जाती है।
सोफे के फैब्रिक के अनुसार सही टूल का चुनाव
सफाई की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सोफे के कपड़े की बनावट और मोटाई को जांचना बेहद जरूरी है। यदि सोफे का कपड़ा सिंथेटिक फैब्रिक का है, तो उसकी सफाई के लिए एक साफ और मुलायम स्पॉन्ज का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित रहता है। वहीं अगर सोफे पर मोटा कपड़ा चढ़ा हुआ है और उस पर धूल-गंदगी की गहरी परत जम चुकी है, तो आप स्कॉच ब्रश की मदद ले सकते हैं। ब्रश का प्रयोग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि हाथ से बहुत तेज दबाव न बनाएं, अन्यथा सोफे के फैब्रिक के रेशे खिंचकर खराब हो सकते हैं। तैयार किए गए शैम्पू और पानी के घोल में स्पॉन्ज को अच्छी तरह डुबोएं और फिर हल्के हाथों से निचोड़कर उसका अतिरिक्त पानी बाहर निकाल दें ताकि स्पॉन्ज केवल नम रहे, पूरी तरह से गीला न हो।
दाग हटाने की सही तकनीक और सुखाने के नियम
सोफे के उन हिस्सों पर सबसे ज्यादा ध्यान दें जहां हाथ या सिर बार-बार टेकने से मैल जम जाती है, जैसे हैंडल, हेड एरिया, कुशन के किनारे और दाग वाले स्थान। नम स्पॉन्ज को इन जगहों पर हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए चलाएं ताकि फैब्रिक में फंसी गंदगी बाहर निकल आए। सफाई करने के तुरंत बाद सोफे की सतह को एक सूखे और बिल्कुल साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। इसके बाद सोफे को ऐसी जगह छोड़ें जहां हवा का बहाव अच्छा हो ताकि वह प्राकृतिक रूप से सूख सके। सोफे के कपड़े को बहुत ज्यादा गीला करने से हर हाल में बचें, क्योंकि यदि अंदर के गद्दों में नमी रह जाएगी तो उसमें से सीलन की बदबू आने लगेगी और कपड़ा अंदर से खराब होने का डर रहेगा।
दुर्गंध दूर करने के उपाय और कमरे की ताजगी
नींबू की खुशबू से कमरे का वातावरण तरोताजा महसूस होता है, लेकिन कभी भी नींबू का रस सीधे सोफे के कपड़े पर न उड़ेलें। नींबू का एसिड सीधे कपड़े पर पड़ने से उस पर नए दाग बन सकते हैं या फैब्रिक का रंग उड़ सकता है। इसकी जगह आप नींबू के इस्तेमाल किए हुए छिलकों को थोड़ी देर के लिए कमरे में रख सकते हैं, जिससे वातावरण में भीनी-भीनी ताजगी बनी रहेगी। इसके अलावा यह समझना भी जरूरी है कि यदि सोफे के अंदरूनी गद्दों में नमी या पुरानी गंदगी बैठी है, तो केवल बाहरी खुशबू छिड़कने से बदबू खत्म नहीं होगी। असली समाधान सोफे की गहराई से सही सफाई करना ही है।
मानसून में सीलन और फफूंद से बचाव के तरीके
बरसात के मौसम में सोफे की सबसे बड़ी दुश्मन हवा में मौजूद नमी होती है। जब कमरे में ताजी हवा का आना-जाना कम हो जाता है, तो सोफे के गद्दों और कपड़े में सीलन जमा होने लगती है। इससे न केवल सोफे से तीखी बदबू आने लगती है, बल्कि कपड़े पर फफूंद या मोल्ड जमने की समस्या भी पैदा हो जाती है। बारिश के दिनों में जब भी मौसम साफ हो और बारिश थमी हो, कमरे की खिड़कियां और दरवाजे कुछ समय के लिए जरूर खोलें। कमरे में छत का पंखा लगातार चलाकर रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे। यदि आपके घर के अंदर नमी का स्तर बहुत अधिक रहता है, तो आप कमरे में डीह्यूमिडिफायर का उपयोग भी कर सकते हैं जो हवा की अतिरिक्त नमी को सोखकर सोफे को सुरक्षित रखता है।



















