मानसून के मौसम में या फिर बाथरूम में बेहतर वेंटिलेशन की कमी के चलते लकड़ी के दरवाजों का फूल जाना एक बेहद सामान्य घरेलू समस्या है। जब हवा में नमी बढ़ती है, तो लकड़ी उसे सोखकर चौड़ी होने लगती है। इसके कारण दरवाजा न केवल फ्रेम में अटकने लगता है और ठीक से बंद नहीं हो पाता, बल्कि समय के साथ लकड़ी के सड़ने और खराब होने का खतरा भी मंडराने लगता है। अगर आपके बाथरूम का दरवाजा भी नमी की वजह से चौखट में फंस रहा है, तो बिना किसी बढ़ई को बुलाए आप कुछ बेहद आसान और असरदार घरेलू तरीकों की मदद से इसे ठीक कर सकते हैं।
1. हेयर ड्रायर से सुखाएं लकड़ी की नमी
अगर दरवाजा बहुत ज्यादा नहीं फूला है और केवल हल्की नमी के कारण चौखट में रगड़ खा रहा है, तो सबसे अच्छा तरीका इसकी अंदरूनी नमी को खत्म करना है। इसके लिए आप घर में इस्तेमाल होने वाले हेयर ड्रायर या हीट गन की मदद ले सकते हैं। हेयर ड्रायर को मीडियम या हाई हीट सेटिंग पर सेट करें। इसके बाद दरवाजे के फूले हुए और अटकने वाले हिस्से पर लगभग 10 से 15 मिनट तक लगातार गर्म हवा दें। गर्म हवा से लकड़ी के रेशों के अंदर फंसा पानी भाप बनकर उड़ जाता है, जिससे लकड़ी सिकुड़कर धीरे-धीरे अपने मूल आकार में लौटने लगती है।
2. मोम या वैसलीन से रगड़ करें खत्म
कई बार दरवाजा थोड़ा सा फूलने पर चौखट के किनारों से बार-बार टकराता है और उसे बंद करने में काफी ताकत लगानी पड़ती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सफेद मोमबत्ती का मोम या वैसलीन एक बेहतरीन उपाय है। दरवाजे के जिन किनारों पर घर्षण हो रहा हो, वहां अच्छी तरह से मोम या वैसलीन रगड़ दें। इससे सतह चिकनी हो जाएगी और दरवाजा बिना किसी रुकावट के आसानी से बंद और खुल सकेगा। इसके अलावा, मोम लकड़ी के ऊपर एक सुरक्षात्मक वॉटरप्रूफ परत बना देता है, जो पानी को दोबारा लकड़ी के अंदर प्रवेश करने से रोकती है।
3. रेगमाल या बढ़ई के रंदे से करें छीलने का काम
यदि नमी बहुत ज्यादा सोखने के कारण दरवाजा काफी अधिक फूल गया है और सुखाने के बावजूद चौखट में सेट नहीं हो रहा, तो इसे छीलकर ठीक करना पड़ता है। इसके लिए सबसे पहले दरवाजे को कब्जों से बाहर निकाल लें। फिर दरवाजे को बंद करके उन हिस्सों की सटीक निशानदेही करें जो फ्रेम में अटक रहे हैं। हल्के फूलाव के लिए रेगमाल से घिसाई करें। अगर फूलाव ज्यादा है, तो बढ़ई के रंदे की मदद से किनारे से थोड़ी सी लकड़ी छीलकर अलग कर दें। घिसाई या छीलने का काम पूरा होते ही उस हिस्से पर तुरंत पेंट या वार्निश लगा दें, ताकि नग्न लकड़ी फिर से नमी न सोखे।
4. वॉटरप्रूफ वार्निश या पेंट की लगाएं दोहरी परत
दरवाजे को ठीक करने के बाद यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह समस्या अगली बारिश में दोबारा न उत्पन्न हो। इसके लिए दरवाजे के निचले हिस्से और चारों तरफ के किनारों पर ऑयल-बेस्ड पेंट या क्लियर वार्निश की दो कोटिंग जरूर करें। वास्तव में दरवाजे की निचली धार और किनारे ही वे मुख्य जगहें हैं जहां से पानी और नमी लकड़ी के भीतर सबसे तेजी से समाती हैं। इन पर वॉटरप्रूफ कोटिंग करने से लकड़ी के छिद्र पूरी तरह सील हो जाते हैं और दरवाजा लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बना रहता है।



















