घर के आंगन या बगीचे में मखमली हरी घास का लॉन हर किसी को आकर्षित करता है, लेकिन पारंपरिक तरीके से बीज बोकर घास उगाना एक समय लेने वाली और मेहनत भरी प्रक्रिया है। बीजों के अंकुरण, उनकी सही देखभाल और लॉन को पूरी तरह हरा-भरा होने में महीनों का वक्त लग जाता है। इस थकाऊ प्रक्रिया से बचने के लिए अब बाजार में प्राकृतिक रेडीमेड घास के कारपेट उपलब्ध हैं, जिन्हें लॉन टर्फ रोल भी कहा जाता है। सिरोही के नर्सरी संचालक नरपत सिंह के अनुसार, यदि आप कम समय में सुंदर गार्डन तैयार करना चाहते हैं तो कारपेट टर्फ सबसे सरल और असरदार समाधान है। इस तकनीक में हरी घास को उसकी जड़ों और मिट्टी की एक पतली परत के साथ काटकर चटाई की तरह रोल बना लिया जाता है, जिसे खाली जमीन पर बिछाते ही तुरंत एक नया और खूबसूरत लॉन बनकर तैयार हो जाता है।
लॉन टर्फ बिछाने से पहले जमीन की सही तैयारी
कारपेट घास को जमीन पर बिछाने से पहले निर्धारित स्थान को सही तरीके से तैयार करना बेहद जरूरी होता है। अगर जमीन की सतह असमान होगी या मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होगी तो घास की जड़ें सही ढंग से पकड़ नहीं बना पाएंगी। सबसे पहले लॉन क्षेत्र से सभी प्रकार के कंकड़, पत्थर, खरपतवार और पुरानी सूखी जड़ों को पूरी तरह साफ कर देना चाहिए। इसके बाद फावड़े की मदद से मिट्टी को लगभग 4 से 6 इंच की गहराई तक अच्छी तरह खोदकर ढीला कर लें। खोदी गई मिट्टी में जैविक खाद या वर्मी कम्पोस्ट पर्याप्त मात्रा में मिलाएं ताकि नए पौधों को आवश्यक पोषण मिल सके। अंत में पूरी जमीन को एक बराबर समतल कर लें। जमीन का समतल होना इसलिए आवश्यक है ताकि कारपेट रोल बिना किसी रुकावट के पूरी सतह पर एक समान रूप से बिछ सके और पानी का भराव न हो।
घर पर घास कारपेट रोल तैयार करने की विधि
यदि आप पहले से उगी हुई घास वाले स्थान से कारपेट रोल तैयार कर रहे हैं तो उसकी कटाई की एक खास प्रक्रिया होती है। नरपत सिंह बताते हैं कि घास काटने से ठीक एक दिन पहले उस हिस्से में हल्का पानी देना चाहिए। हल्की नमी से मिट्टी नरम हो जाती है, जिससे कटाई के दौरान जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचता और वे सुरक्षित रहती हैं। अगले दिन एक धारदार फावड़े या विशेष टर्फ कटर का उपयोग करके घास को लंबी पट्टियों के रूप में काटा जाता है। कटाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि घास के साथ मिट्टी की लगभग 1 इंच मोटी परत भी जरूर कटे। जब मिट्टी के साथ घास की पट्टी कट जाए तो उसे चटाई की तरह सावधानीपूर्वक गोल रोल करके अलग रख लिया जाता है।
कारपेट बिछाते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम
काटे गए घास के कारपेट रोल को अधिक समय तक खुला या सुखाकर नहीं रखना चाहिए। कटाई के बाद इन्हें 24 से 48 घंटे के भीतर निर्धारित लॉन एरिया में बिछा देना अनिवार्य होता है। यदि रोल लंबे समय तक रखे रहेंगे तो उनकी जड़ें सूख सकती हैं। बिछाने की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक रोल के किनारों को आपस में सटाकर पूरी तरह मिलाना चाहिए ताकि बीच में कोई खाली जगह न बचे। रोल बिछाने के बाद किसी हल्के लॉन रोलर का इस्तेमाल करके या पैरों से हल्का दबाव देकर उन्हें जमीन में दबाया जाता है। इससे कारपेट के नीचे मौजूद मिट्टी और मुख्य जमीन की मिट्टी के बीच संपर्क मजबूत हो जाता है। यदि कहीं हल्की दरार या खाली जगह रह जाए, तो उसमें थोड़ी सूखी मिट्टी भरकर बराबर कर देना चाहिए।
शुरुआती हफ्तों में देखभाल और सिंचाई का नियम
लॉन टर्फ बिछाने के बाद उसकी शुरुआती देखरेख ही उसकी मजबूती और हरियाली तय करती है। नए कारपेट की जड़ों को जमीन में गहराई तक फैलने के लिए लगातार नमी की जरूरत होती है। इसलिए शुरुआत के दिनों में नियमित रूप से सुबह और शाम के समय लॉन में पानी देना अत्यंत आवश्यक है। मिट्टी में उचित नमी बनी रहने से नई जड़ें कुछ ही दिनों में नीचे की मिट्टी को पकड़ लेती हैं। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण नियम यह है कि शुरुआती 2 से 3 सप्ताह तक नई बिछाई गई घास पर बिल्कुल नहीं चलना चाहिए। इस अवधि में मानवीय दबाव न पड़ने से घास को जड़ों से मजबूत होने और जमीन में स्थापित होने का पूरा समय मिल जाता है।
घास ब्लॉक का विकल्प और पहली कटाई के निर्देश
कारपेट रोल के अलावा कई नर्सरी में प्राकृतिक घास के वर्गाकार या आयताकार ब्लॉक भी तैयार किए जाते हैं। लॉन के आकार और जरूरत के हिसाब से इन घास के ब्लॉक का चुनाव किया जा सकता है। बिछाई गई घास जब पूरी तरह से जमीन में जम जाए और उसकी ऊंचाई लगभग 3 इंच तक बढ़ जाए, तब पहली बार उसकी कटाई या ट्रिमिंग करनी चाहिए। कटाई करते समय घास को बहुत ज्यादा छोटा काटने से बचना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक कटाई से पौधे कमजोर हो सकते हैं। समय-समय पर सही मात्रा में पानी, आवश्यकतानुसार जैविक खाद और नियमित कटाई का ध्यान रखकर आप अपने लॉन को सालों-साल हरा-भरा और आकर्षक बनाए रख सकते हैं।



















