सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच आयोजित मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन संपन्न हो गया है। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने दूरसंचार, खाद्य सुरक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहरा करने के लिए कई रणनीतिक समझौतों पर सहमति व्यक्त की है।
प्रमुख क्षेत्रों में समझौतों पर बनी सहमति
इस बैठक के दौरान भारत और सिंगापुर ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया। दोनों पक्षों के बीच छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs), चिप निर्माण, स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल तकनीक के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच कुल छह प्रमुख स्तंभों पर सहयोग बढ़ाने की प्रगति की समीक्षा की गई, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी जानकारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए इस बैठक को बेहद उत्पादक बताया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल थे। उन्होंने सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री गन किम योंग, राष्ट्रीय सुरक्षा व गृह मामलों के समन्वयक मंत्री के शनमुगम और विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन का आभार व्यक्त किया।
विकसित भारत विजन के लिए अहम कदम
मंत्रिस्तरीय वार्ता में शामिल ये क्षेत्र भारत के विकसित भारत संकल्प को गति देने में सहायक साबित होंगे। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सिंगापुर भारत का एक प्रमुख साझेदार बनकर उभर रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस उच्चस्तरीय बैठक के सामने आने के बाद आम लोगों ने सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। कई उपयोगकर्ताओं ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तकनीकी व आर्थिक संबंधों की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कामकाज को लेकर सवाल भी उठाए।


























