घरों में पानी या कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलों को आमतौर पर कचरा समझकर बाहर फेंक दिया जाता है। थोड़ी सी रचनात्मकता का परिचय देते हुए इन बेकार बोतलों को उपयोगी प्लांटर में बदला जा सकता है। इनकी मदद से घर के भीतर ही एक बेहतरीन किचन गार्डन स्थापित करना संभव है, जहां धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, पालक और मेथी जैसी ताजी हर्ब्स व सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं। इससे घरेलू कचरे का सदुपयोग तो होता ही है, साथ ही महंगे गमले खरीदने की अनिवार्यता भी खत्म हो जाती है।
बोतल को तैयार करने और मिट्टी भरने का सही तरीका
प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल शुरू करने से पहले उसे साबुन और पानी से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह साफ करना जरूरी है, ताकि उसके भीतर किसी भी तरह का चिपचिपापन या पेय पदार्थ शेष न रहे। इसके पश्चात कटर की सहायता से बोतल के ऊपरी हिस्से को सावधानी से काटकर अलग कर लें और इसके निचले तल पर बारीक छेद बना दें ताकि सिंचाई के दौरान अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। अब इस तैयार ढांचे में उपजाऊ मिट्टी, जैविक खाद और कोकोपीट का सही अनुपात में तैयार मिश्रण भर दिया जाता है। प्लांटर को जमीन पर रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि पौधे को पर्याप्त धूप और ताजी हवा मिलती रहे।
सीमित जगह के लिए वर्टिकल गार्डनिंग का विकल्प
जिन घरों में बालकनी या आंगन में फर्श पर रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती, वहां इन खाली बोतलों के जरिए वर्टिकल किचन गार्डन बनाया जा सकता है। इसके लिए बोतल को लंबाई की दिशा में बीच से काटकर उसमें मिट्टी भरी जाती है और मजबूत रस्सियों या तारों के सहारे उसे दीवार पर लटका दिया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से एक ही दीवार या खिड़की के पास विभिन्न स्तरों पर कई बोतलों को व्यवस्थित करके ढेर सारे पौधे एक साथ उगाए जा सकते हैं। इस विधि से पुदीना, धनिया, मेथी जैसी उथली जड़ों वाली फसलें बहुत कम जगह में सफलतापूर्वक तैयार हो जाती हैं।
स्लो वाटरिंग सिस्टम और पौधे की नमी
इन प्लास्टिक बोतलों का उपयोग पौधों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने वाले ड्रिप सिस्टम के रूप में भी किया जा सकता है। इसके लिए बोतल के ढक्कन में एक या दो अत्यंत सूक्ष्म छेद बनाए जाते हैं और उसे पानी से भरकर पौधे की मिट्टी के पास उल्टा टिका दिया जाता है, जिससे नमी रिस-रिसकर लगातार मिलती रहती है। जब घरों में लगातार पानी देने का समय न मिल सके, तब यह विधि बेहद कारगर साबित होती है, हालांकि इस बात की नियमित निगरानी जरूरी है कि पानी का रिसाव सही गति से हो रहा हो।
रचनात्मक सजावट और सुरक्षा संबंधी सावधानियां
किचन गार्डन के लिए पुरानी बोतलों का उपयोग करने का मुख्य लाभ यह है कि घरेलू कबाड़ को एक नया और उपयोगी जीवन मिल जाता है। अपार्टमेंट की छोटी बालकनी या खिड़कियों के पास इन प्लांटर्स को अपनी पसंद के वाटरप्रूफ रंगों से पेंट करके बेहद आकर्षक रूप दिया जा सकता है। हालांकि, बोतल को काटते समय हाथों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए तथा कटे हुए तीखे किनारों को टेप या गर्म करके चिकना कर लेना चाहिए ताकि रखरखाव के दौरान किसी प्रकार की चोट लगने का जोखिम न रहे।



















