त्योहारी सीजन में घरों को जगमगाने के लिए दीयों के साथ बिजली की झालर लाइटों का भरपूर उपयोग किया जाता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बाजार से लाई गई झालरें या अलमारी में रखी पुरानी लड़ियां अचानक जलना बंद कर देती हैं। ज्यादातर मामलों में लोग यह मान लेते हैं कि पूरी लड़ी जलकर खराब हो चुकी है, जबकि असल समस्या केवल उसके साथ लगे छोटे प्लास्टिक कंट्रोलर बॉक्स यानी डिब्बी में होती है। डिब्बी के अंदर के सर्किट में खराबी आ जाने, उसका ढक्कन टूटने या तार अलग हो जाने से सजावट अधूरी दिखने लगती है। इस छोटी सी खराबी के कारण लड़ी को बेकार मानकर फेंकने के बजाय कुछ आसान तकनीकों से इसे दोबारा चालू किया जा सकता है।
कंट्रोलर बॉक्स हटाकर तारों को समझना
अगर लड़ी की डिब्बी टूट चुकी है या उसके अंदरूनी हिस्से ने काम करना बंद कर दिया है, तो सबसे पहले उस खराब डिब्बी को लड़ी से पूरी तरह काटकर अलग कर देना चाहिए। डिब्बी अलग होने के बाद मुख्य लड़ियों की बनावट को देखना जरूरी है। आमतौर पर इस प्रकार की सजावटी लड़ी के मुख्य हिस्से से कुल तीन तार निकलते हैं। इन तीन तारों की आंतरिक संरचना को समझने पर पता चलता है कि सभी तारों में बल्ब नहीं जुड़े होते हैं। तीन में से केवल दो तारों की श्रृंखला में ही एलईडी बल्ब पिरोए गए होते हैं, जबकि तीसरा तार पूरी श्रृंखला को पूरा करने के लिए बिना किसी बल्ब के सीधा खाली रहता है। एलईडी झालरों का बुनियादी ढांचा इसी समानांतर और श्रृंखला सिद्धांत पर संचालित होता है।
एलईडी लगे तारों की सही पहचान
लड़ी को सीधे चलाने के लिए सबसे जरूरी कदम यह जांचना है कि किस तार में बल्ब लगे हैं और कौन सा तार खाली है। लड़ी के शुरुआती हिस्से से पहली एलईडी जिस तार से जुड़ी हो, उसे ध्यान से देखें और पहचान के लिए उस पर एक हल्की सी गांठ बांध दें। इसके बाद दूसरी एलईडी से जुड़े तार को पहचानें। जब शुरुआत की दोनों एलईडी से जुड़े तारों की पुष्टि हो जाए, तो आपको स्पष्ट हो जाएगा कि किन दो तारों में बल्ब लगे हुए हैं और कौन सा तीसरा तार बिना बल्ब वाला है। अब जिन दो तारों में एलईडी बल्ब जुड़े हैं, उन्हें आपस में मिलाते हुए उनके खुले सिरों को अच्छी तरह एक साथ जोड़ देना चाहिए।
प्लग से डायरेक्ट कनेक्शन और सुरक्षा
तारों का आपसी जुड़ाव तैयार होने के बाद अब बिजली के मुख्य प्लग की बारी आती है। प्लग के मुख्य केबल में दो स्वतंत्र तार होते हैं। प्लग के एक तार को उन दोनों एलईडी वाले तारों के साझा जोड़ से मजबूती से बांध दें। इसके बाद प्लग का जो दूसरा अकेला तार बचता है, उसे झालर के उस तीसरे खाली तार से जोड़ें जिसमें कोई बल्ब नहीं लगा था। तारों को आपस में कसकर जोड़ने के बाद सभी खुले जोड़ों पर बिजली वाला इंसुलेशन टेप अच्छी तरह लपेट दें ताकि शॉर्ट सर्किट या करंट लगने का कोई खतरा न रहे। इसके बाद जैसे ही प्लग को बिजली के सॉकेट में लगाया जाएगा, पूरी झालर बिना किसी डिब्बी के सीधे रोशन हो जाएगी। इस घरेलू विधि से पुरानी और खराब पड़ी लड़ियों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के फिर से उपयोगी बनाया जा सकता है।



















