बारिश की पहली फुहारों के साथ ही मिटटी की भीनी खुशबू हर किसी का मन मोह लेती है। ऐसे मौसम में घर की बालकनी, खिड़की की चौखट या छोटे से कोने को हरी-भरी पत्तियों से सजाने की इच्छा हर किसी की होती है। अच्छी बात यह है कि एक शानदार किचन गार्डन तैयार करने के लिए आपको किसी बड़ी नर्सरी से महंगे पौधे या फैंसी सामान खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपकी अपनी रसोई में मौजूद कई साधारण चीज़ें ही एक सुंदर और उपयोगी हर्बल गार्डन की नींव बन सकती हैं। रसोई में रखी अदरक की गांठ, पानी की कटोरी में रखी पुदीने की डंडी या घर में मौजूद तुलसी से आप आसानी से नया पौधा तैयार कर सकते हैं।
मानसून में किचन गार्डन शुरू करने के बड़े फायदे और सावधानियां
पौधों की नई शुरुआत के लिए मानसून के महीनों को सबसे मुफीद माना जाता है। इस दौरान हवा में भरपूर नमी होती है, जो नए अंकुरों और जड़ों को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के तेज़ी से बढ़ने में मदद करती है। हालांकि बारिश के इस सुहावने मौसम में एक मुख्य सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गमलों में बारिश का पानी लगातार जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि ठहरा हुआ पानी छोटे पौधों की कोमल जड़ों को सड़ा सकता है। अगर आपके पास बालकनी में थोड़ी सी धूप आती है या खिड़की के पास चौड़ा सिल्ल मौजूद है, तो आप नीचे बताई गई छह आसान चीज़ों से अपना गार्डन शुरू कर सकते हैं।
1. तुलसी: चाय की खुशबू और सेहत का बेहतरीन साथी
भारतीय घरों में तुलसी के पौधे का एक विशेष स्थान है। इसे आमतौर पर घर के आंगन, बालकनी या रोशनी वाली खिड़की के पास लगाया जाता है। तुलसी की ताज़ा पत्तियाँ रोज़ाना की चाय और कई तरह के काढ़ों में स्वाद और सेहत दोनों बढ़ाती हैं। मानसून के दिनों में तुलसी का पौधा बहुत तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि गमले में अत्यधिक पानी इसकी जड़ों को नुकसान पहुँचा सकता है। तुलसी के लिए हमेशा ऐसी भुरभुरी मिट्टी तैयार करें जिसमें जल निकासी की बेहतरीन व्यवस्था हो। गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ पर्याप्त रोशनी आती हो और मिट्टी में हल्की नमी बनी रहे। यदि पौधे पर फूलों की कलियाँ यानी मंजरी अधिक मात्रा में आने लगे, तो उनकी ऊपरी नोक को उंगलियों से छाँटते रहें। ऐसा करने से पौधा ऊपर की तरफ भागने के बजाय चारों तरफ फैलकर काफी घना हो जाता है।
2. अंकुरित अदरक: रसोई की टोकरी से गमले तक का सफर
रसोई में रखी अदरक अक्सर कुछ दिनों बाद खुद-ब-खुद अंकुरित होने लगती है। ऐसी अंकुरित अदरक को बेकार समझकर फेंकने के बजाय गमले में रोप देना चाहिए। पौधा उगाने के लिए अदरक का ऐसा टुकड़ा चुनें जिसमें छोटे-छोटे हरे या सफेद उभार यानी कलियाँ स्पष्ट दिखाई दे रही हों। इस टुकड़े को ढीली और हल्की मिटटी में इस तरह दबाएँ कि अंकुरित कलियाँ ऊपर की दिशा में रहें। गमले को किसी गर्म और उजाले वाली जगह पर रखें, लेकिन शुरुआत में इसे कड़कड़ाती सीधी धूप से बचाना ही समझदारी है। इसमें पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह हल्की सूखी महसूस होने लगे।
3. हल्दी: औषधीय गुणों से भरपूर पौधा उगाना हुआ आसान
हल्दी का इस्तेमाल हर भारतीय व्यंजन में रंग और स्वाद के लिए किया जाता है। अदरक की ही तरह हल्दी भी एक प्रकंद होती है और इसे उगाने का तरीका भी लगभग वैसा ही है। मानसून के मौसम में मिलने वाली हल्की गर्मी और हवा की नमी हल्दी की शुरुआती बढ़त के लिए आदर्श माहौल प्रदान करती है। हल्दी उगाने के लिए किसी स्वस्थ और ताज़ा गांठ का चुनाव करें। इसे गमले की मिट्टी में कुछ सेंटीमीटर गहराई में इस तरह दबाएँ कि उसकी कलियाँ ऊपर की तरफ रहें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले के तल में पानी निकलने का छेद पूरी तरह खुला हो, क्योंकि लगातार गीली रहने वाली मिटटी हल्दी की जड़ों को नुकसान पहुँचा सकती है।
4. पुदीना: कटिंग और पानी की मदद से मिनटों में फैलाएं हरियाली
घर में पुदीना उगाना सबसे आसान और सुखद अनुभवों में से एक है। चटनी, शिकंजी और चाय में इस्तेमाल होने वाला पुदीना अपनी ताज़ा खुशबू से पूरे घर को महका देता है। बाज़ार से लाए गए पुदीने की कुछ स्वस्थ हरी डंडियों को नीचे की पत्तियाँ हटाकर पानी से भरे कांच के गिलास में रख दें। महज कुछ ही दिनों के भीतर उन डंडियों के निचले हिस्से से सफेद जड़ें फूटने लगेंगी। जैसे ही जड़ें दिखाई देने लगें, इन्हें मिट्टी से भरे गमले में रोप दें। पुदीने की जड़ें बहुत तेज़ी से फैलती हैं, इसलिए इसे किसी अन्य पौधे के साथ लगाने के बजाय एक अलग गमले में लगाना ज्यादा सुविधाजनक रहता है।
5. अजवाइन: घर की टोकरी के बीजों से तैयार करें हर्बल पौधा
अजवाइन के बीजों का इस्तेमाल हर घर में मसालों के रूप में होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन बीजों से घर पर ही खूबसूरत और महकता हुआ पौधा तैयार किया जा सकता है। अगर आपके पास कुछ खाली गमले पड़े हैं, तो अजवाइन बोकर आप अपने गार्डन की विविधता बढ़ा सकते हैं। इसके लिए अजवाइन के बीजों को हल्की, भुरभुरी और हवादार मिट्टी के ऊपर छिड़क कर हल्की मिटटी से ढक दें। गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ दिन में कम से कम कुछ घंटों की धूप अवश्य मिलती हो। मानसून के दिनों में पानी देते समय खास सतर्कता बरतें, क्योंकि अत्यधिक नमी बीजों को गलने की वजह बन सकती है।
6. लेमनग्रास: ताज़ा डंठल से घर में लाएं ताजगी भरी खुशबू
लेमनग्रास की सौंधी खुशबू चाय और हर्बल ड्रिंक्स का जायका कई गुना बढ़ा देती है। इसे उगाने की सबसे दिलचस्प बात यह है कि बाज़ार से लाई गई लेमनग्रास की ताज़ा डंठल से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है। लेमनग्रास के डंठल के निचले हिस्से को पानी के बर्तन में डुबोकर रखें और नई जड़ें आने का इंतजार करें। जब पानी में मजबूत जड़ें निकल आएँ, तो इसे उपजाऊ मिट्टी वाले गमले में ट्रांसप्लांट कर दें। लेमनग्रास को अच्छी रोशनी और धूप पसंद होती है, लेकिन गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए।
शुरुआती गार्डनिंग के लिए आसान टिप्स और गमलों का चुनाव
घर में पौधे उगाने का उत्साह पूरा करने के लिए शुरुआत में ढेर सारे गमले या भारी सामान खरीदने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आप शुरुआत केवल दो या तीन गमलों से कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक गमले में तुलसी, दूसरे में पुदीना और तीसरे में अदरक लगाकर शुरुआत करें। जब आपको पौधों में पानी देने, धूप दिखाने और मिटटी की देखभाल करने का तरीका समझ आने लगे, तब आप धीरे-धीरे हल्दी, अजवाइन और लेमनग्रास के गमले भी शामिल कर सकते हैं। इस आसान तरीके से आपका घर बिना किसी बड़े खर्च के हमेशा हरा-भरा बना रहेगा।



















