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जालोर में शिक्षिका ने अपनी कमाई से संवार दिया सरकारी स्कूल, दिए 3.70 लाख रुपयेशिक्षा
17 जुल॰ 2026, 2:11 am (103 दिन पहले)· 4

जालोर में शिक्षिका ने अपनी कमाई से संवार दिया सरकारी स्कूल, दिए 3.70 लाख रुपये

जालोर के एक सरकारी स्कूल में व्याख्याता प्रियंका शर्मा ने अपनी कमाई से 3.70 लाख रुपये देकर विद्यालय के विकास कार्यों में मदद की, जिसकी अधिकारियों और समाज ने खुलकर सराहना की।

जालोर जिले के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से एक ऐसी खबर सामने आई है जो शिक्षकों की जिम्मेदारी की नई मिसाल पेश करती है। यहां तैनात व्याख्याता प्रियंका शर्मा ने सिर्फ पढ़ाने की भूमिका तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपनी कमाई से विद्यालय के विकास कार्यों के लिए 3 लाख 70 हजार रुपये का सहयोग देकर सबका ध्यान खींचा है। यह रकम महज आर्थिक मदद नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की गवाही है। आमतौर पर सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी को लेकर शिकायतें सुनने को मिलती हैं, लेकिन प्रियंका शर्मा जैसे उदाहरण बताते हैं कि शिक्षक और समाज साथ मिलकर ठान लें तो बदलाव मुश्किल नहीं है। उनका यह कदम इस बात की भी मिसाल है कि सरकारी नौकरी में रहते हुए भी कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को कर्तव्य से कहीं आगे बढ़कर निभा सकता है।

चेक सौंपा, प्रधानाचार्य ने बताया कहां होगा खर्च

आयोजित कार्यक्रम में प्रियंका शर्मा ने विद्यालय प्रशासन को 3.70 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस मौके पर राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी लहरीराम माली और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य भंवर मकवाना ने बताया कि यह पूरी राशि स्कूल के अलग अलग विकास कार्यों में लगाई जाएगी। इसमें बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण माहौल तैयार करना और स्कूल में जरूरी संसाधन जुटाना शामिल है। प्रधानाचार्य के मुताबिक इस राशि से स्कूल की तस्वीर आने वाले समय में काफी हद तक बदल सकती है।

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अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने की तारीफ

कार्यक्रम में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि प्रियंका शर्मा का यह योगदान शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी की बेहतरीन मिसाल है। उन्होंने कहा कि जब कोई शिक्षक खुद आगे बढ़कर स्कूल के विकास में योगदान देता है, तो इससे पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है और शिक्षा का स्तर सुधारने में मदद मिलती है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की। इस मौके पर एसीबीईओ जबर सिंह देवड़ा, बसंत ओझा, डॉ. रमेश खोरवाल, भू-निरीक्षक वरुण शर्मा और जयप्रकाश पणिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि दूसरे लोगों को भी इससे सीख लेनी चाहिए और अपने अपने स्तर पर स्कूलों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

सरकारी स्कूलों के लिए बड़ा संदेश

प्रियंका शर्मा की यह पहल एक बड़ा संदेश देती नजर आ रही है कि सरकारी स्कूलों का विकास सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर तबके की भागीदारी से ही यह मुमकिन है। मौजूदा दौर में जब शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, ऐसे में इस तरह की निजी पहल उन योजनाओं को और मजबूती देने का काम करती है। प्रियंका शर्मा का यह कदम सिर्फ जालोर के लिए नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक मिसाल बन सकता है, जो बताता है कि छोटे स्तर पर उठाया गया एक जिम्मेदार कदम भी बड़ा बदलाव ला सकता है।

सवाल-जवाब

प्रियंका शर्मा ने स्कूल को कितनी राशि दी?
उन्होंने अपनी कमाई से 3 लाख 70 हजार रुपये (3.70 लाख) का सहयोग दिया।
यह घटना कहां हुई?
यह जालोर जिले के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई।
प्रियंका शर्मा विद्यालय में किस पद पर हैं?
वे इस विद्यालय में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं।
यह राशि किन कामों में खर्च होगी?
प्रधानाचार्य भंवर मकवाना के मुताबिक यह राशि बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, बेहतर शिक्षण माहौल तैयार करने और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था में इस्तेमाल होगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कौन-कौन मौजूद थे?
राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी लहरीराम माली और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ममता अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे।
जोगेश्वर गर्ग ने इस योगदान पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह योगदान शिक्षा में सामाजिक भागीदारी की बेहतरीन मिसाल है और शिक्षक के आगे आने से पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कौन हैं?
विद्यालय के प्रधानाचार्य भंवर मकवाना हैं।
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