कानपुर का छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) अपने 41वें दीक्षांत समारोह की भव्य तैयारियों में जुटा है, जो केवल डिग्री वितरण का आयोजन न होकर नई परंपराओं के शुभारंभ का केंद्र बनेगा। आगामी नौ जुलाई को होने वाले इस विशाल कार्यक्रम में कुल 1 लाख 7 हजार 621 छात्र-छात्राओं को उनकी मेहनत का फल मिलेगा और उन्हें डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इन सफल विद्यार्थियों में 57,298 छात्राएं और 50,323 छात्र शामिल हैं। मुख्य समारोह में 92 शोधार्थियों को उनकी पीएचडी उपाधियां दी जाएंगी, साथ ही विभिन्न शैक्षणिक विभागों के 51 मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए कुल 96 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति और विशेष सम्मान
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस महत्वपूर्ण समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के तौर पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे। आयोजन में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री रजनी तिवारी की उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई है। एक विशेष क्षण में चर्म शिल्प के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली शिल्पाचार्य अंचल पी. बिजलानी को विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे का विस्तार और लोकार्पण
दीक्षांत समारोह के साथ-साथ परिसर में विकास की कई नई परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी होगा। इनमें पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का नवनिर्मित भवन प्रमुख है। विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए आर्चरी लॉन और बॉक्सिंग रिंग का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, छात्रों और छात्राओं के लिए 100-100 की क्षमता वाले दो अलग छात्रावास, कन्वेंशन सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन विभाग का नया भवन, पुनर्वास केंद्र और मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी आधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों को समर्पित की जाएंगी। समारोह के पूर्व छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता हेतु विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा।
नवाचार और कल्याणकारी पहल
इस वर्ष का दीक्षांत समारोह ‘मां-बेटी सम्मेलन’ जैसी अनूठी पहल के कारण बेहद खास रहने वाला है। कुलपति प्रो. विनय पाठक के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्राओं और उनकी माताओं को एक साथ सम्मानित कर उन्हें सशक्त बनाने का एक अनूठा मंच है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, खेल हस्तियों और अन्य गणमान्य लोगों का सम्मान होगा। स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देते हुए विश्वविद्यालय के नौ स्टार्टअप अपने नवाचारों को प्रस्तुत करेंगे। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दो नए एप लॉन्च किए जाएंगे। ‘नेवर एलोन’ एप छात्रों को मनोवैज्ञानिक सलाह और मार्गदर्शन देगा, जबकि ‘हॉस्टल केयर’ एप का उद्देश्य छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सीनियर और प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराना है। यह आयोजन शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और सामाजिक सरोकारों के एक अनूठे संगम के रूप में याद किया जाएगा।











