देश की राजधानी नई दिल्ली में बॉलीवुड हस्तियों द्वारा अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने का सिलसिला लगातार जारी है। इस कड़ी में अब मशहूर अभिनेत्री तब्बू ने भी दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिन्हें अब अदालत से एक बड़ी और अहम राहत मिल गई है। इससे पहले अरिजीत सिंह और शिल्पा शेट्टी जैसे कई अन्य जाने-माने फिल्मी सितारे भी पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन के मामलों को लेकर अदालत का रुख कर चुके हैं। तब्बू की ओर से दायर की गई इस याचिका का मुख्य उद्देश्य उनकी अनुमति के बिना इंटरनेट पर परोसे जा रहे आपत्तिजनक और मानहानि करने वाले पोस्ट्स और लिंक्स पर पूरी तरह से रोक लगवाना था, जिस पर अब न्यायपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच का अंतरिम आदेश
इस पूरे मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह की सिंगल बेंच द्वारा की गई। अदालत ने अभिनेत्री की पहचान, उनके व्यक्तित्व तथा उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा की रक्षा के अधिकार को पूरी तरह से सर्वोपरि मानते हुए यह अंतरिम फैसला सुनाया है। अदालत ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को यह सख्त निर्देश दिया है कि वे उन सभी आपत्तिजनक कंटेंट्स, पोस्ट्स और यूआरएल को तुरंत प्रभाव से हटाएं, जिन्हें तब्बू ने अपनी गरिमा, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए सीधे तौर पर नुकसानदायक बताया था। इस कानूनी फैसले के बाद अभिनेत्री को बड़ी राहत महसूस हुई है।
आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री पर अदालत की कड़ी कार्रवाई
तब्बू ने अपनी याचिका में यह गंभीर आरोप लगाया था कि इंटरनेट और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार उनकी पहचान, नाम और चेहरे का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके नाम का सहारा लेकर ऐसे कंटेंट्स शेयर किए जा रहे हैं जो प्रकृति से बेहद अपमानजनक, आपत्तिजनक और अश्लील हैं। अभिनेत्री का साफ़ तौर पर यह तर्क था कि इस तरह की घटिया सामग्री न केवल उनकी पब्लिक इमेज को भारी ठेس पहुंचाती है, बल्कि यह उनकी व्यक्तिगत गरिमा और निजता के अधिकार का भी खुला उल्लंघन है। अपनी याचिका के भीतर उन्होंने उन तमाम विशिष्ट पोस्ट्स, ऑनलाइन लिंक्स और यूआरएल का भी सिलसिलेवार जिक्र किया था, जिन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी।
क्या होते हैं पर्सनैलिटी राइट्स और इनकी कानूनी जरूरत
मौजूदा दौर में पर्सनैलिटी राइट्स किसी भी नामी या आम इंसान की पहचान, उनके नाम, उनकी आवाज, उनकी तस्वीर, उनके व्यक्तित्व और उनकी पब्लिक इमेज को बिना किसी पूर्व अनुमति के коммерर्शियल या अन्य अनुचित तरीकों से इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ एक मजबूत कानूनी सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस आधुनिक युग में जब किसी की भी प्रतिष्ठा को ऑनलाइन माध्यमों से आसानी से तार-तार किया जा सकता है, तब इन अधिकारों का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि आज कई सेलिब्रिटी अपनी गरिमा बचाने के लिए अदालतों की शरण ले रहे हैं और ऐसे मामलों में न्यायपालिका से सख्त निर्देशों की मांग कर रहे हैं ताकि ऑनलाइन दुनिया में किसी की भी व्यक्तिगत निजता का हनन न हो सके।



















