संगीत जगत के मशहूर कलाकार अदनान सामी अपने व्यस्त शेड्यूल के बीच परिवार के साथ समय बिताना कभी नहीं भूलते हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संडे ब्रंच की कुछ मनमोहक तस्वीरें फैंस को दिखाई हैं। इन तस्वीरों में गायक अपने करीबी लोगों और परिवार के साथ फुर्सत के पल बिताते नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने स्वादिष्ट खान-पान के साथ लंबी और सुकून भरी बातचीत का आनंद लिया। इस दौरान अदनान ने अपनी पत्नी रोया सामी खान की विशेष रूप से सराहना की, जिन्होंने अपने हाथों से लजीज पकवान तैयार कर इस संडे को बेहद खास बना दिया।
परिवार और दोस्तों के साथ बिताया खास समय
तस्वीरों को साझा करते हुए गायक ने कैप्शन के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि रविवार की सुबह की शुरुआत परिवार जैसे प्रिय दोस्तों के साथ होना और स्वादिष्ट भोजन तथा दिल की गहराइयों से निकली बातों के बीच ब्रेड साझा करना दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास है। उन्होंने यह भी बताया कि इस ब्रंच में परोसी गई सभी अलग-अलग तरह की ब्रेड उनकी पत्नी रोया सामी खान ने घर पर ही अपने हाथों से बेहद प्यार के साथ बिल्कुल ताजा तैयार की थीं।
अदनान सामी का व्यक्तिगत जीवन और बहुभाषी गायन
संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अदनान सामी अपने निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। गायक ने अपने जीवन में कुल चार शादियां की हैं। रोया उनकी तीसरी पत्नी हैं, जो अफगान और जर्मन मूल से ताल्लुक रखती हैं और एक सेवानिवृत्त सैन्य तथा राजनयिक अधिकारी की सुपुत्री हैं। अपनी कला के दायरे को व्यापक बनाते हुए वह हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम समेत तमाम भाषाओं में भारतीय और पश्चिमी शैली का संगीत गाते आए हैं।
बचपन से संगीत का शौक और वाद्ययंत्रों पर महारत
अदनान सामी को दुनिया के सबसे तेज कीबोर्ड वादकों में शुमार किया जाता है और वह पियानो पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की रचना करने वाले शुरुआती संगीतकारों में गिने जाते हैं। उन्हें कुल 32 अलग-अलग वाद्ययंत्र बजाने में महारत हासिल है, जिनमें पियानो उनका सबसे खास और प्रमुख यंत्र है। उन्होंने बेहद कम उम्र में संगीत की तालीम हासिल करना शुरू कर दिया था और पियानो पर संतूर की तर्ज पर धुनें बजाने में विशेष कौशल प्राप्त किया।
भारतीय नागरिकता और पद्म श्री सम्मान
विभिन्न देशों से लंबे जुड़ाव के बाद गायक ने भारत में ही स्थायी रूप से बसने का निर्णय लिया और 1 जनवरी 2016 को उन्हें आधिकारिक तौर पर भारत की नागरिकता मिल गई। संगीत जगत में उनके अद्वितीय और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 26 जनवरी 2020 को उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री से अलंकृत किया था।



















